गुजरात विधानसभा चुनाव के मद्देनजर आज हम आपको बताने जा रहे हैं गांधीनगर जिले की मानसा सीट के बारे में. यह गांधीनगर जिले का एक हिस्सा है जोकि साल 2008 के परिसीमन के बाद अस्तित्व में आया. इस सीट पर पाटीदार 60 हजार, ठाकोर 65 हजार, क्षत्रिय 15 हजार, चौधरी 25 हजार, एससी 13 हजार और अन्य 16 हजार मतदाता हैं. इसलिए कहा जाता है कि इस सीट पर पाटीदार और ठाकोर समुदाय का दबदबा है.
सीट के अब तक के नतीजों को देखकर साफ समझा जा सकता है कि यहां पार्टियों के अलावा समाज और जाति के आधार पर चुनाव लड़ा जाता है. यहां निर्वाचित होने वाले अधिकांश उम्मीदवार पटेल या चौधरी समुदाय से हैं. पार्टियां भी उन्हें टिकट देना पसंद करती हैं. वर्तमान में मानसा कांग्रेस के गढ़ के रूप में बरकरार है. अहम बात ये है कि मानसा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का पैतृक स्थान है.
2022 विधानसभा चुनाव में बीजेपी में इस सीट के लिए कई दावेदार हैं. हालांकि, गांधीनगर जिले और मानसा सीट के जाति समीकरण को देखते हुए चर्चा है कि बीजेपी इस सीट से अमित चौधरी को मैदान में उतारेगी. जबकि कांग्रेस की अपने विजयी चेहरे को दोहराने की संभावना है.
साल 2017 के चुनाव में मानसा विधानसभा सीट से कांग्रेस के सुरेशकुमार पटेल चतुर्दस जीते थे. बीजेपी के अमितभाई हरिसिंगभाई चौधरी को हार का सामना करना पड़ा था. वहीं साल 2012 में मानसा सीट पर कांग्रेस के चौधरी अमितभाई हरिसिंहभाई ने 78 हजार 68 वोटों के साथ जीत हासिल की थी. यहां बीजेपी ने साल 1995, 1998, 2002 और 2007 के चुनाव जीते.