गुजरात विधानसभा चुनावों में कुछ सीटों को अगर छोड़ दिया जाए तो मुकाबला बीजेपी और कांग्रेस के बीच रहा है. लेकिन 2022 के विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी और असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी भी चुनावी जंग में कूद पड़ी है. इस वजह से सत्ता पक्ष और विपक्ष का हिसाब-किताब बिगड़ सकता है. इसी तमाम सियासी तनातनी के बीच आज हम आपको जामनगर ग्रामीण विधानसभा सीट के बारे में बताने जा रहे हैं.
साल 2019 जामनगर ग्रामीण विधानसभा उपचुनाव में बीजेपी उम्मीदवार राघवजी पटेल ने 33 हजार 22 मतों से जीत हासिल की थी. इससे पहले साल 2017 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार वल्लभभाई धाराविया ने बीजेपी विधायक राघवजी पटेल को हराया था. वहीं साल 2012 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस नेता राघवजी पटेल ने बीजेपी नेता रणछोड़भाई फल्दू को हराया था.
गुजरात की सियासत में इस सीट से जुड़ा बड़ी उठापटक साल 2019 में हुई. जब लोकसभा चुनाव के दौरान जामनगर ग्रामीण विधानसभा सीट से कोंग्रस के विधायक वल्लभभाई धाराविया ने दलबदल कर बीजेपी का दामन थाम लिया. वल्लभभाई धाराविया के बीजेपी में शामिल होने पर कांग्रेस को बड़ा झटका लगा था.
इस सीट के खाली होने के बाद जामनगर ग्रामीण विधानसभा सीट पर उपचुनाव हुआ और बीजेपी जीत गई. यह सीट इस बार बीजेपी बरकरार रखने के प्रयास में है. वहीं कांग्रेस भी इस सीट को वापस पाने के लिए जोर लगा रही है.