गुजरात विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी दल विधानसभावार रणनीति बनाकर जनता के बीच जा रहे हैं. जनता को अपने पक्ष में करने के लिए दावे और वादे किए जा रहे हैं. ऐसे में आज हम आपको बताने जा रहे हैं पंचमहल जिले की मोरवा विधानसभा सीट के बारे में. यह सीट अनुसूचित जनजाति के उम्मीदवारों के लिए आरक्षित है. यह सीट साल 2008 के परिसीमन के बाद अस्तित्व में आई थी.
साल 2021 के उप चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की निमिषा बहन सुथार ने कांग्रेस उम्मीदवार सुरेश कटरा को 45 हजार से अधिक वोटों से हराया था. गौरतलब है कि भूपेंद्रसिंह कांत के निधन के बाद इस सीट पर उपचुनाव कराया गया था. जिसमें बीजेपी जीती थी. पंचमहल जिले की इस विधानसभा सीट के अस्तित्व में आने के बाद चार बार चुनाव हुए. जिसमें बीजेपी ने दो बार जीत दर्ज की है.
इस सीट पर भारतीय जनता पार्टी से रिपीट थ्योरी अपनाकर निमिषा सुथार को एक बार फिर से टिकट दे सकती है. वहीं आम आदमी पार्टी भी कोई नया चेहरा जनता के बीच लाएगी. उधर, कांग्रेस उम्मीदवार को लेकर अभी कश्मकश है. एक बात तय है कि आम आदमी पार्टी के एंट्री के बाद इस सीट पर दिलचस्प मुकाबला होना है.
बीते उपचुनाव में यहां कांग्रेस प्रत्याशी सुरेश कटारा ने बीजेपी प्रत्याशी निमिषाबेन सुथार के खिलाफ चुनाव अधिकारी के पास शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायत में कहा गया था कि निमिषा सुथार आदिवासी नहीं हैं. आगामी चुनाव में जनता किसी चुनेगी ये तो चुनावी परिणाम ही बताएंगे.