गुजरात विधानसभा चुनाव की सियासी नब्ज को समझने के लिए आजतक ने अहमदाबाद में 'गुजरात पंचायत' कार्यक्रम रखा, जिसके मंच पर AIMIM के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने भी शिरकत की. इस दौरान उन्होंने कांग्रेस, बीजेपी और आम आदमी पार्टी पर जमकर हमले किए. साथ ही ओवैसी ने साफ तौर पर कहा कि राहुल गांधी पीएम मटेरियल नहीं लगते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि बिहार के सीएम नीतीश कुमार की डेट भी एक्सपायर हो चुकी है.
असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि अल्पसंख्यकों को दबाया जा रहा है. चुनाव के वक्त राजनीतिक दल सेकुलर की दुहाई देते हैं, लेकिन उसके बाद नाम लेने से कतराते हैं. उन्होंने कहा कि कांग्रेस का इतना बुरा हाल है कि हम बयां भी नहीं कर सकते हैं. कांग्रेस की विश्वसनियता खत्म हो गई है. कांग्रेस के विधायक जीत जाते हैं, लेकिन बाद में बीजेपी में शामिल हो जाते हैं.
ओवैसी बोले कि दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल अब नरेंद्र मोदी के नक्शेकदम पर चल रहे हैं और हिंदुत्व की राजनीति पर चल रहे हैं. वो कामन सिविल कोड पर नहीं बोलेंगे और बिलकीस बानों के मुद्दे को नहीं उठाते हैं.
ओवैसी का विपक्ष पर तंज
ओवैसी ने तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी पर स्मृति ईरानी ही अच्छा बोल सकती हैं. वो ज्यादा पढ़ी लिखी हैं. हमें पीएम और सीएम नहीं बनना है. विपक्ष से प्रधानमंत्री बनना है तो उन्हें सोचना चाहिए. विपक्ष के लोग विचाराधारा के स्तर पर बीजेपी और नरेंद्र मोदी से मुकाबला ही नहीं करते हैं. चुनाव हारने के बाद ओवैसी के ऊपर आरोप मढ़ते हैं, लेकिन अपने गिरेबान में नहीं झांकते हैं. विचारधारा पर लड़ाई करनी चाहिए.
असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि राहुल गांधी मुझे पीएम मेटिरियल नहीं लगते हैं. नीतीश कुमार का समय भी खत्म हो चुका है, उनकी दवाई की एक्सपायरी डेट हो चुकी. ममता बनर्जी और केजरीवाल भी पीएम मोदी के सामने खड़े नहीं हो सकते हैं. एक समय आएगा कि जनता ही नरेंद्र मोदी को हटाएगी और वो ही विकल्प बनेगी. पीएम मोदी के हटते ही बीजेपी भरभराकर गिर जाएगी.
पीएम मोदी की लगातार जीत के सवाल पर ओवैसी ने कहा कि अगर कोई राजनेता बोलेगा कि मैं भगवान बन गया हूं तो जनता उसे धूल चटाने में देर नहीं करती है. बंगाल में सीपीएम के साथ क्या हुआ था. सभी को लगता था कि कोई नहीं हरा सकता, लेकिन अब देख लीजिए क्या हाल है. ऐसे ही अगर बीजेपी भी सोचती है तो जिस दिन मोदी हटेंगे, उस दिन बीजेपी हार जाएगी.
मुस्लिम के मन में डर कैसे पैदा हुआ?
असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि चुनाव के समय मुस्लिम के जो बड़े चौधरी बनते हैं, उनकी वजह से ये हालत हो गए हैं कि मुस्लिमों की छवि बीजेपी को हराने वाले के रूप में बन गई है. चुनाव के समय ये लोग एक्टिव होते हैं और वोट मांगते हैं, लेकिन हारने के बाद दिखाई नहीं पड़ते. इसी वजह से तो हम गुजरात में चुनाव लड़ रहे हैं. हम तो हर सीट पर जीतने की कोशिश करेंगे. मुझे जीतने का पूरा भरोसा है और हम बढ़िया सीटें निकालेंगे.
'गोपालगंज में बीजेपी को ओवैसी ने जिताया'
ओवैसी ने कहा कि गुजरात में सभी लोकसभा सीटें तो बीजेपी जीत गई थीं. हम एक भी सीट नहीं लड़े थे. गोपालगंज में हमे बराबर वोट मिले हैं. क्या मैं किसी से पूछकर चुनाव लड़ूंगा. मुझे किसी की परवाह नहीं है मेरा जहां मन करेगा वहां से चुनाव लड़ूंगा. मैंने किसी से कोई डील नहीं की है. अगर ऐसा होता तो क्या राहुल गांधी ने अमेठी में स्मृति ईरानी के साथ कोई डील कर ली थी हारने के लिए? कांग्रेस जीतती कहां है- वायनाड में, जहां 35 फीसदी मुस्लिम हैं.
उन्होंने कहा कि बिहार में इस समय राजद सत्ता में हैं. उन्हें सोचना चाहिए कि क्यों गोपालगंज हार गए. जब तक विचारधारा को लेकर आप बीजेपी से मुकाबला नहीं करेंगे कभी नहीं जीत पाएंगे. कांग्रेस का हाल देख लीजिए. तेलंगाना में उपचुनाव हुआ और कांग्रेस की जमानत तक जब्त हो गई. मैं तो आज ही कह रहा हूं कि अगर रायबरेली में सोनिया गांधी नहीं उतरीं तो वो सीट भी कांग्रेस हार जाएगी.