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राहुल गांधी के वचन, केजरीवाल की गारंटी... गुजरात चुनाव में इस बार बीजेपी के लिए डबल चुनौती

गुजरात विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी ताना-बाना बुना जाने लगा है. 27 साल से सत्ता पर काबिज बीजेपी के सियासी वर्चस्व को तोड़ने के लिए आम आदमी पार्टी से लेकर कांग्रेस तक 'फ्रीलीज' के इर्द-गिर्द राजनीतिक एजेंडा सेट करने में जुटे हैं. ऐसे में बीजेपी के लिए इस बार कड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है?

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नरेंद्र मोदी, अरविंद केजरीवाल, राहुल गांधी
नरेंद्र मोदी, अरविंद केजरीवाल, राहुल गांधी

गुजरात विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों ने सियासी बिसात बिछानी शुरू कर दी है. सूबे की सत्ता पर ढाई दशक से काबिज बीजेपी लगातार छठी बार चुनाव जीतने के लिए मशक्कत कर रही है. वहीं, बीजेपी से मुकाबला करने के लिए कांग्रेस और आम आदमी पार्टी 'फ्रीबीज' का दांव चल रही हैं. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने किसानों को साधने के लिए कर्जमाफी से लेकर मुफ्त बिजली देने जैसे आठ वचन दिए हैं तो आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल भी लोगों को मुफ्त बिजली-पानी-शिक्षा की गारंटी दे रहे हैं. ऐसे में देखना है कि गुजरात की चुनावी जंग में किसके वादे-इरादे भारी पड़ते हैं? 

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गुजरात में कांग्रेस 27 सालों से सत्ता का वनवास झेल रही है जबकि बीजेपी का दबदबा कायम है. ऐसे में बीजेपी के सियासी आधार को तोड़ने के लिए कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को अहमदाबाद में परिवर्तन संकल्प रैली के दौरान आठ अहम घोषणाएं की हैं, जिन्हें पार्टी ने राहुल गांधी के आठ वचन का नाम दिया है. राहुल ने किसानों से लेकर युवाओं तक को साधने के लिए लोक-लुभावने वादे किए हैं. इतना ही नहीं, बीजेपी के साइलेंट वोटर मानी जाने वाली महिलाओं को भी साथ जोड़ने का दांव चला है. 

राहुल गांधी के आठ वचन

1. 500 रुपये में गैस सिलेंडर दिए जाएंगे 
2. 300 यूनिट फ्री बिजली हर महीने मिलेगी
3. 10 लाख तक मुफ्त इलाज दिया जाएगा 
4. किसानों का 3 लाख तक का कर्ज माफ होगा
5. 3 हजार सरकारी इंग्लिश मीडियम स्कूल बनाए जाएंगे
6. कोरोना पीड़ित परिवारों को 4 लाख का मुआवजा
7. दुग्ध उत्पादकों को एक लीटर पर 5 रुपये की सब्सिडी
8. सरकारी नौकरियों में संविदा प्रणाली खत्म कर 3 हजार रुपये का बेरोजगारी भत्ता

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कांग्रेस का राजस्थान मॉडल

गुजरात विधानसभा चुनाव में राहुल गांधी ने जो आठ वचन दिए हैं, उनमें से अधिकांश योजनाएं राजस्थान में संचालित हो रही हैं. माना जा रहा है कि राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत ने अपनी तमाम योजनाओं को गुजरात कांग्रेस के चुनाव घोषणा पत्र में शामिल कराने का दांव चला है. कांग्रेस आलाकमान ने अशोक गहलोत को गुजरात का वरिष्ठ पर्यवेक्षक नियुक्त कर रखा है. वहीं, गहलोत के कहने पर ही राजस्थान के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा को गुजरात का प्रभारी बनाया गया है. गुजरात चुनाव में 23 पर्यवेक्षक गहलोत के मंत्री और विधायक लगाए गए हैं. 2017 के विधानसभा चुनाव में गहलोत की रणनीति के चलते कांग्रेस ने बीजेपी को कांटे टक्कर दी थी.

कांग्रेस कर्जमाफी का ऐलान कर किसानों का दिल जीतना चाहती है तो रोजगार का वचन देकर युवाओं को साधने का बड़ा दांव चला है. कांग्रेस द्वारा किए गए वादों के मुताबिक, किसानों की कर्जमाफी के साथ-साथ मुफ्त बिजली, प्राकृतिक आपदाओं के लिए मुआवजा योजना, पहली कैबिनेट बैठक में मौजूदा भूमि सर्वेक्षण रद्द करने, समर्थन मूल्य पर सभी कृषि उपज की खरीद, केंद्र पर दबाव सहित आश्वासन कृषि जिंसों पर जीएसटी रद्द करने के लिए काम किया जाएगा. 

आम आदमी पार्टी का गुजरात प्लान

आम आदमी पार्टी गुजरात विधानसभा चुनाव को पूरे दमखम के साथ लड़ रही है. केजरीवाल गुजरात चुनाव में उसी रणनीति पर काम कर रहे हैं, जिसके दम पर पहले दिल्ली और फिर पंजाब में सरकार बनाने में कामयाब रहे. AAP मॉडल के चार बड़े स्तंभ हैं- अच्छी शिक्षा, अच्छा स्वास्थ्य, मुफ्त बिजली और युवाओं को रोजगार. गुजरात विधानसभा चुनाव में केजरीवाल इसी 'फ्रीबीज' के इर्द-गिर्द चुनाव का एजेंडा सेट कर रहे हैं. किसानों की कर्जमाफी से लेकर मुफ्त बिजली और रोजगार तक की 'गारंटी' दे रहे हैं. 

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गुजरात में केजरीवाल की गारंटी

शिक्षा की गारंटी- गुजरात के हर बच्चे को मुफ्त और अच्छी शिक्षा, नए सरकारी स्कूल खोले जाएंगे, सभी प्राइवेट स्कूलों का ऑडिट और ज़्यादा फीस ली है तो वापस कराएंगे, स्कूलों के सभी कच्चे टीचर्स को पक्का करेंगे, स्कूलों के टीचर को पढ़ाने के सिवा कोई ड्यूटी नहीं. 

किसानों को गारंटी- केजरीवाल ने गुजरात के किसानों को कई गारंटी दी हैं. किसानों का दो लाख रुपये तक का कर्ज माफ करने, फसलों पर एमएसपी, जमीन सर्वे, मुआवजा और पानी की गारंटी दी है. कृषि के लिए प्रतिदिन 12 घंटे बिजली, भूमि सर्वेक्षण निरस्त कर किसानों के सहयोग से नया सर्वे. नर्मदा के जलग्रहण क्षेत्र में पानी उपलब्ध , किसानों की फसल खराब होने पर 20 हजार वस्तु प्रति एकड़ की दर से सहायता राशि का भुगतान किया जाएगा. 

युवाओं को गांरटी- केजरीवाल ने युवाओं को साधने के लिए कई गारंटी दी हैं. 10 लाख सरकारी नौकरी, नौकरी न मिलने तक हर महीने 3 हजार रुपये बेरोजगारी भत्ता का वादा किया. साथ ही पेपर्स लीक रोकने की गारंटी दी.

मुफ्त बिजली- प्रति माह 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली का वादा केजरीवाल ने किया है. बिजली में किसी तरह की कोई कटौती नहीं की जाएगी. महिलाओं के लिए 1,000 रुपये प्रतिमाह पेंशन. हर परिवार के सदस्यों के लिए मुफ्त और गुणवत्तापूर्ण इलाज की गंराटी

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व्यापारियों को गारंटी- केजरीवाल ने गुजरात के विकास में व्यापारियों को पार्टनर बनाने का वादा किया है. व्यापारियों में डर का माहौल खत्म कर उनको इज्जत देंगे. रेड राज बंद करेंगे, एमनेस्टी स्कीम लाकर वैट के पुराने मुकदमें खत्म करेंगे और वैट के लंबित रिफंड छह महीने में दे दिए जाने की गारंटी दी है. 

बीजेपी के समाने डबल चुनौती

बता दें कि ढाई दशक से ज्यादा समय से गुजरात की सत्ता पर बीजेपी काबिज है. अभी तक गुजरात में बीजेपी बनाम कांग्रेस का मुकाबला होता रहा है, लेकिन इस बार आम आदमी पार्टी ने उतरकर त्रिकोणीय लड़ाई बना दी है. गुजरात में इस बार बीजेपी लगातार छठी बार सत्ता में आने के लिए अपना दम-खम लगा रही है, लेकिन उसके सामने एंटी इंकम्बेंसी भी चुनौती बनी हुई है. बीजेपी को सत्ता विरोधी लहर की चिंता इसलिए ज़्यादा हो सकती है, क्योंकि 2017 में उसकी सीटें घटकर सौ के नीचे रह गई थीं. ऐसे में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने जिस तरह से मुफ्त में बिजली से लेकर पानी और शिक्षा तक का वादा किया है, उससे बीजेपी के लिए डबल चुनौती खड़ी हो गई है? 

 

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