आमतौर पर ऑनलाइन ठगी करने वाले बैंक के कस्टमर केयर, बिजली का बिल बाकी या आप का लोन बाकी है या तो कुछ और बहाने बताकर कॉल करते हैं. ऐसा करके वो लोगों को अपने जाल में फंसाकर ओटीपी लेते हैं या अन्य किसी और तरीके से ठगी करते हैं. लेकिन गुजरात से अलग ही मामला सामने आया है. गुजरात के कई जिलों के कांग्रेस के नेताओं के साथ ठगी हुई है. इन ठगों ने ऐसे नेताओं को निशाना बनाया है जो कांग्रेस से चुनाव लड़ने के लिए टिकट लेना चाहते थे.
ठगों ने ऐसे नेताओं को राहुल गांधी के PA बताकर पैसे लूटे हैं. इस गिरोह को अब पुलिस ने पकड़ लिया है. गुजरात के वड़ोदरा शहर में एक ठग ने राहुल गांधी के PA के नाम पर अपनी नाम पहचान बताई. ठग ने वड़ोदरा के कांग्रेस नेता चंद्रकांत श्रीवास्तव के पास व्हाट्सएप कॉल किया.
ठगी का 'पॉलिटिकल तरीका'
साथ ही उनके पास एक मैसेज भी आया कि 'मैं कनिष्का सिंह हूं, राहुल गांधी की PA. मुझे कॉल करें.' बात करने पर ठगों ने अपना बैंक अकाउंट नंबर बताकर उनसे पैसे मांगे. ऐसा ही कॉल दूसरे नेता सत्यजीत गायकवाड़ पर भी आया था. लेकिन जब शक हुआ तो पुलिस में मामला दर्ज करवाया गया. पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए साइबर क्राइम की टीम ने मामले को जांच शुरू की और टेक्निकल सर्विलांस के आधार पर जांच की गई.
कॉल करने वाले का लोकेशन पंजाब के अमृतसर का मिला तो आरोपियों को पकड़ने पुलिस इंस्पेक्टर बी एन पटेल ने पी एस आई पी एम रखोलिया और टीम को जांच के लिए अमृतसर भेजा. जहां पुलिस ने टेक्निकल सोर्स और ह्यूमन इंटेलिंजस की मदद से आरोपी रजत कुमार मदान को धरदबोचा.
पुलिस ने किया गिरफ्तार
दरसअल रजत अमृतसर में रहता है और वो मूलतः हरियाणा के सिरसा जिले के डबवाली का रहने वाला है. जांच में पता चला कि वो कई बैंकों से ठगी के रुपये ट्रांसफर करके अकाउंट खोलकर बैठा था. पुलिस अब तलाश में लगी है कि इसने कितने लोगों को ठगा है? आरोपी ने जांच में कबूला है कि उसने कांग्रेस के उम्मीदवार से डेढ़ लाख रुपये ठगे हैं. पंजाब से पूरा नेटवर्क गौरव शर्मा चला रहा था और वो कांग्रेस का ही कार्यकर्ता है, जिसे पुलिस ने वॉन्टेड घोषित कर दिया है.