गुजरात में इसी साल होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए सभी राजनीतिक पार्टियों ने कमर कस ली है. ऐसे में आज हम आपको अहमदाबाद की दरियापुर विधानसभा सीट का राजनीतिक समीकरण बताएंगे.
इस सीट पर पहले भारतीय जनता पार्टी की तूती बोलती थी. साल 1990 से लेकर 2007 तक लगातार पांच बार भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार भरत बारोट ने इस सीट पर जीत हासिल की. भरत बारोट तत्कालीन मोदी सरकार में मंत्री भी थे. हालांकि साल 2012 और साल 2017 में दरियापुर विधानसभा सीट पर बीजेपी को शिकस्त का सामना करना पड़ा.
साल 1990 से इस सीट पर बीजेपी के उम्मीदवार के तौर पर भरत बारोट लगातार चुनाव लड़ते आ रहे हैं और इस इलाके में वो बीजेपी के सबसे मजबूत नेता भी माने जाते हैं. पर नए परिसीमन के बाद साल 2012 और 2017 में उन्हें कांग्रेस उम्मीदवार से करीबी अंतर से शिकस्त झेलनी पड़ी.
इस सीट पर बीते दो बार से कांग्रेस के मुस्लिम उम्मीदवार ग्यासुद्दीन शेख जीत हासिल कर रहे हैं. गयासुद्दीन शेख मुस्लिम समुदाय से आते हैं पर हिंदू समाज के मतदाताओं में भी उनकी अच्छी इमेज है. इसी वजह से भरत बारोट जैसे दिग्गज नेता को मात देने में गयासुद्दीन शेख सफल रहे हैं.
विधायक गयासुद्दीन शेख बेहद सक्रिय
दरियापुर विधानसभा सीट पहले दरियापुर काज़ीपुर सीट के नाम से जानी जाती थी. नए सीमांकन के बाद इस सीट को दरियापुर विधानसभा सीट के नाम से जाना जाता है. इस सीट पर मुस्लिम समुदाय के मतदाताओं का काफी दबदबा है और यह सीट पुराने अहमदाबाद के इलाके में आती है और खास तौर पर इस इलाके में विकास से भी ज्यादा धर्म का मुद्दा चुनाव में जनता के दिलों दिमाग में हावी रहता है.
दरियापुर विधानसभा सीट में अभी भी काफी समस्याएं हैं, अहमदाबाद शहर के मुकाबले दरियापुर विधानसभा सीट में कई ऐसी समस्याएं है जिसका समाधान अभी तक नहीं हुआ है. लोगों का भी आरोप है कि सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी इन इलाकों के लोगों के साथ भेदभाव करती है और कांग्रेस विधायक गयासुद्दीन शेख भी कई बार यह आरोप लगा चुके हैं.
यदि विधायक गयासुद्दीन शेख के बारे में बात की जाए तो गयासुद्दीन शेख काफी सक्रिय हैं और ताकतवर विधायक के तौर पर भी जाने जाते हैं. हालांकि 2022 में चुनाव जीतना फिर भी उनके लिए मुश्किल होने वाला है.
क्या AIMIM बिगाड़ेगी कांग्रेस का खेल?
इसके पीछे AIMIM की गुजरात की राजनीति में एंट्री को कारण बताया जा रहा है. निकाय चुनाव में भी दरियापुर इलाकों मे AIMIM को अच्छी तादाद में लोगों ने समर्थन दिया था. विधानसभा चुनाव में भी यदि मुस्लिम समुदाय के मतदाताओं का झुकाव AIMIM की तरफ जाता है तो साफ तौर पर कांग्रेस को नुकसान उठाना पड़ सकता है और फिर एक बार भारतीय जनता पार्टी का कमल इस सीट पर खिल सकता है.
इसी वजह से कांग्रेस और उनके विधायक ने जनता के बीच कैंपेन शुरू कर दिया है कि AIMIM भारतीय जनता पार्टी की B टीम है और AIMIM बीजेपी को जिताने के लिए ही आई है.
हालांकि इसका कितना असर दरियापुर के लोगों पर पड़ता है, यह तो चुनाव नतीजे आने के बाद ही साफ हो पाएगा.
दरियापुर विधानसभा क्षेत्र से 2017 में कांग्रेस के उम्मीदवार ग्यासुद्दीन शेख ने बीजेपी के भरत बारोट को हराकर अपनी जीत दर्ज की थी. शेख ने 6187 मतों के अंतर से भरत बारोट को हराया था. दरियापुर के पांच निर्दलीय समेत कुल 11 उम्मीदवार मैदान में थे.
मुस्लिम बहुल इलाके दरियापुर विधानसभा सीट पूरी तरह शहरी क्षेत्र में है. भारतीय जनता पार्टी के लिए यहां पर मुकाबला बेहद चुनौती भरा रहा और कड़ी टक्कर देने के बाद भी पार्टी यहां से चुनाव हार गई थी.