scorecardresearch
 

हरियाणाः कांग्रेस नेता का दावा- BJP की होगी चंद्रयान-2 से बड़ी क्रैश लैंडिंग

चंद्रमोहन ने कहा कि पिछली बार मोदी लहर और राम रहीम को मिलाकर भी बीजेपी 45 सीट तक पहुंच पाई थी. लोकसभा चुनाव में हार के सवाल पर उन्होंने कहा कि प्रत्येक चुनाव में मुद्दे अलग होते हैं.

Advertisement
X
हरियाणा के पूर्व उपमुख्यमंत्री चंद्रमोहन (फोटोः aajtak.in)
हरियाणा के पूर्व उपमुख्यमंत्री चंद्रमोहन (फोटोः aajtak.in)

Advertisement

  • हरियाणा में 65 सीट जीतने का दावा
  • कहा, कूल्हा टूटने से नहीं लड़ा 2009 का चुनाव

हरियाणा के विधानसभा चुनाव में सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की क्रैश लैंडिंग होगी. 24 अक्टूबर को जब चुनाव नतीजे आएंगे, कांग्रेस 65 सीटें जीतेगी. यह दावा है हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भजनलाल के पुत्र और पूर्व उपमुख्यमंत्री चंद्रमोहन ने दी लल्लनटॉप डॉट कॉम को दिए इंटरव्यू में किया है, जहां वह सत्ताधारी भाजपा पर जमकर बरसे.

बीजेपी को धोखेबाज बताते हुए उन्होंने कहा कि जिस पार्टी को कोई जानता नहीं था, हरियाणा जनहित कांग्रेस (एचजेसी) ने उसे गांव-गांव तक पहुंचाया. चंद्रमोहन ने कहा कि मोदी लहर और राम रहीम को मिलाकर भी बीजेपी 45 सीट तक पहुंच पाई थी. लोकसभा चुनाव में हार के सवाल पर उन्होंने कहा कि प्रत्येक चुनाव में मुद्दे अलग होते हैं. तब राष्ट्रीय मुद्दे थे.

Advertisement

तंवर पर सवाल को सफाई से टाल गए चंद्रमोहन

कांग्रेस में खेमेबाजी और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अशोक तंवर के पार्टी छोड़ने को लेकर पूछे गए सवाल से वह बचते नजर आए. उन्होंने तंवर पर कुछ नहीं बोला. भूपेंद्र सिंह हुड्डा की सरकार में उपमुख्यमंत्री रहे चंद्रमोहन ने कहा कि कांग्रेस का हूं, मुझे कांग्रेस ने टिकट दिया है.

कालका से चार बार विधायक रहने के बावजूद इस बार पंचकूला सीट से लड़ने के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह पहले कालका का ही हिस्सा था. पंचकूला को जिला बनवाया, 40-45 घरों वाले गांवों में भी सड़कें पहुंचाईं. मेरे लिए कालका और पंचकूला, दोनों बराबर हैं.

कूल्हा टूटने से नहीं लड़ा 2009 का चुनाव

चंद्रमोहन ने 2009 में विधानसभा चुनाव नहीं लड़ा था. उन्होंने 2008 में फिजां से निकाह करने के लिए धर्म परिवर्तन कर इस्लाम कबूल कर लिया था. चुनाव न लड़ने और फिजां से निकाह और तलाक के संबंध में पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि तब उनका कूल्हा टूट गया था, जिससे वह चुनाव नहीं लड़े. वह फिजां, चंद्रमोहन से चांद मोहम्मद बनने पर पूछा गया सवाल टाल गए और कहा कि जीवन में उतार-चढ़ाव और साजिश होती रहती हैं.  

जनभावना का सम्मान कर आया भाई के साथ

Advertisement

भजनलाल और उनके छोटे पुत्र कुलदीप बिश्नोई ने जब हरियाणा जनहित कांग्रेस का गठन किया, तब चंद्रमोहन अपने पिता और भाई की पार्टी में आने की बजाय कांग्रेस में ही रहे. सक्रिय राजनीति से कुछ वर्षों की दूरी के बाद वह पार्टी में शामिल हुए थे. इस संबंध में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि पिता की मौत के बाद जनभावना थी कि छोटे भाई का सहयोग करूं. इसका सम्मान करते हुए पार्टी में आया.

जो कहता हूं, वो करता हूं

पिता से किए गए भाई को मुख्यमंत्री बनाने के वादे के संबंध में पूछे जाने पर चंद्रमोहन ने कहा कि वादा किया था कि जब तक हरियाणा जनहित कांग्रेस रहेगी, मुख्यमंत्री बनाकर रहूंगा. उन्होंने कहा कि जो कहता हूं, वो करता हूं. इसीलिए जनता ने मुझे चार बार विधायक बनाया.

2005 के चुनाव और भजनलाल को मुख्यमंत्री नहीं बनाने के कांग्रेस के फैसले के संबंध में पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए चंद्रमोहन ने कहा कि यह हाईकमान का फैसला था. हाईकमान ने भविष्य की राजनीति के लिए कुछ सोचा होगा. उन्होंने कहा कि तबीयत खराब होने के बावजूद भजनलाल ने बहुत मेहनत की थी.

2014 में हार का गम नहीं

2014 के चुनाव में 'तेरा छोरा वापस आ गया ताऊ, मने अपना ले' वाले बयान को गलत बताते हुए चंद्रमोहन ने गलत बताते हुए कहा कि यह कभी नहीं कहा. 2014 की हार को राम रहीम फैक्टर का परिणाम बताते हुए उन्होंने कहा कि हार का गम नहीं है. बड़े नेता हार जाते हैं, मैं तो छोटा कार्यकर्ता हूं. पूर्व उपमुख्यमंत्री ने कहा कि हार से मुझे मालिक की बंदगी, पूजा-पाठ करने का समय मिला. उन्होंने राम रहीम फैक्टर को अपनी हार की प्रमुख वजह बताया.

Advertisement
Advertisement