हिमाचल प्रदेश में लंबी रस्सा-कसी के बाद सीएम चेहरा का नाम फाइनल हो गया है. कांग्रेस हाईकमान ने सुखविंदर सिंह सुक्खू के नाम पर मुहर लगा दी है. वहीं डिप्टी सीएम की कुर्सी मुकेश अग्निहोत्री को सौंपी गई है. इसके साथ ही प्रतिभा सिंह के नाम को लेकर चल रहे कयासों पर विराम लग गया. इस बीच सुक्खू ने स्पष्ट किया है कि प्रतिभा सिंह के गुट की उपेक्षा नहीं की जाएगी और विक्रमादित्य को मंत्रिमंडल में जगह दी जाएगी.
आजतक से खास बातचीत करते हुए सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि मैं कांग्रेस पार्टी, सोनिया गांधी, राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और विशेष रूप से प्रियंका गांधी को धन्यवाद देना चाहता हूं, जिन्होंने बहुत प्रयास किए. मेरा कोई गुट नहीं है और मैंने किसी तरह की गुटबाजी नहीं की. कांग्रेस पार्टी के मेरे पास सभी पद रहे हैं. एनएसयूआई में लेकर छात्र नेता से लेकर अब सीएम तक, सभी पद रहे हैं. प्रतिभा सिंह पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि प्रतिभा गुट को कुछ न कुछ तो मिलेगा ही. जो अच्छा काम कर रहा है उसे कैबिनेट में जगह मिलेगी, विक्रमादित्य (प्रतिभा के बेटे) हमारे छोटे भाई हैं, विधायक हैं, उन्हें भी कैबिनेट पद मिलेगा.
रिज मैदान में होगा शपथ समारोह
कांग्रेस ने शनिवार देर शाम गवर्नर से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश किया था. अब रविवार (11 दिसंबर) को दोपहर 1:30 बजे रिज मैदान में सुखविंदर सिंह का शपथ ग्रहण समारोह होगा. कार्यक्रम में राहुल गांधी, प्रियंगा गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के शामिल होने की बात भी कही जा रही है. इस दौरान कार्यक्रम में कांग्रेस के तमाम बड़े नेता और कार्यकर्ता शामिल होंगे. इसके लिए पार्टी की तरफ से तेजी से तैयारियां की जा रही हैं.
सुक्खू की प्रतिभा के परिवार से है पुरानी राजनीतिक अदावत
बता दें कि सुक्खू और प्रतिभा सिंह के परिवार के बीच पुरानी राजनीतिक अदावत भी है. ये पिछले 9 सालों से चलती आ रही है. साल 2013 में कांग्रेस ने सुखविंदर सिंह सुक्खू को प्रदेश अध्यक्ष बनाया था, तब से दोनों खेमे राजनीति में अंदरखाने आमने-सामने देखे जाते रहे हैं. सुक्खू ने पीसीसी चीफ बनते ही वीरभद्र सिंह कैंप के कार्यकर्ताओं और नेताओं को बड़ी जिम्मेदारियों से हटा दिया था. इस बात से वीरभद्र काफी नाराज भी हो गए थे.
5 बार के विधायक हैं सुखविंदर सिंह
58 वर्षीय सुखविंदर सिंह सुक्खू कांग्रेस कैंपेन कमेटी के प्रमुख हैं. वह हिमाचल में रिकॉर्ड 5वीं बार विधायक चुने गए हैं. इस बार उन्होंने बीजेपी के विजय अग्निहोत्री को 3363 मतों के अंतर से हराया है. 26 मार्च 1964 को जन्मे सुखविंदर सिंह की पत्नी का नाम कमलेश ठाकुर है. उनकी दो बेटियां हैं. उन्होंने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से पीजी और एलएलबी की पढ़ाई की है.
सुक्खू ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत एक छात्र नेता के रूप में तब की थी जब वह सरकारी कॉलेज संजौली, शिमला में छात्र थे. वे कॉलेज छात्र संघ के महासचिव और अध्यक्ष रहे. वह 1989 से 1995 के बीच NSUI के अध्यक्ष रहे. 1999 से 2008 के बीच वे युवा कांग्रेस के प्रमुख भी रहे. सुक्खू दो बार शिमला नगर निगम पार्षद भी चुने गए थे. वह 2013 में हिमाचल कांग्रेस के प्रमुख के पद तक पहुंचे और 2019 तक राज्य इकाई के प्रमुख बने रहे. 2003, 2007 और 2017 में नादौन विधानसभा क्षेत्र से विधायक रहे.