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West Singhbhum Result 2019: जिले की पाचों सीट पर JMM-कांग्रेस का कब्जा, 47192 वोटों से जीते निरल

पश्चिम सिंहभूम से विधानसभा चुनाव के नतीजे (West Singhbhum Vidhan Sabha Election result 2019) सामने आ गए हैं. पश्चिम सिंहभूम जिले में 5 विधानसभा सीट आती हैं. इनमें चक्रधरपुर, चाईबासा, जगन्नाथपुर, मझगांव और मनोहरपुर विधानसभा सीटें शामिल हैं.

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Jharkhand: West Singhbhum Vidhan Sabha Election result 2019
Jharkhand: West Singhbhum Vidhan Sabha Election result 2019

  • झारखंड विधानसभा चुनाव में मझगांव से जीते जेएमएम के निरल पूर्ति
  • झारखंड में 81 विधानसभा सीटों पर पांच चरणों में हुई थी वोटिंग

झारखंड विधानसभा चुनाव 2019 के नतीजे सामने आ गए हैं. झारखंड में 30 नवंबर से 20 दिसंबर तक पांच चरणों में 81 सीटों पर मतदान हुआ था. इन चुनाव में जेएमएम-कांग्रेस गठबंधन को लोगों ने जमकर वोट दिया है. वहीं सत्ताधारी बीजेपी को लोगों ने नकार दिया है. राज्य के पश्चिम सिंहभूम जिले में 5 विधानसभा सीट आती हैं. इनमें चक्रधरपुर, चाईबासा, जगन्नाथपुर, मझगांव और मनोहरपुर विधानसभा सीटें शामिल हैं. यहां झारखंड मुक्ति मोर्चा के मझगांव से निरल पूर्ति, मनोहरपुर से जोबा मांझी, चक्रधरपुर से सुखराम उरांव और चाईबासा से दीपक बिरुआ ने जबरदस्त तरीके से जीत दर्ज की है. वहीं जगन्नाथपुर सीट से कांग्रेस के सोना राम सिंकू ने जीत हासिल की है.

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यहां देखें पश्चिम सिंहभूम जिले की विधानसभा सीटों से जुड़े अपडेट्स

चक्रधरपुर

झारखंड विधानसा चुनाव 2019 में इस बार चक्रधरपुर से झारखंड मुक्ति मोर्चा के सुखराम उरांव ने 12234 वोटों से जीत दर्ज की है. सुखराम को 43832 वोट मिले. वहीं दूसरे नंबर पर बीजेपी के लक्ष्मण गिलुवा रहे. इस चुनाव में बीजेपी को 31598 वोट मिले. चक्रधरपुर विधानसभा सीट पर मतदान दूसरे चरण में हुआ था. 2014 के विधानसभा चुनाव में झारखंड मुक्ति मोर्चा से शशिभूषण समद ने यहां जीत दर्ज की थी.

चाईबासा

झारखंड विधानसा चुनाव 2019 में इस बार चाईबासा सीट से एक बार फिर झारखंड मुक्ति मोर्चा के दीपक बिरुआ ने जीत हासिल की. दीपक बिरुआ ने 26159 वोटों से बीजेपी के जेबी तुबिद को मात दी. इस चुनाव में दीपक बिरुआ को जहां 69485 वोट हासिल हुए तो वहीं बीजेपी के जेबी तुबिद को 43326 वोट मिले. 2014 के विधानसभा चुनाव में झारखंड मुक्ति मोर्चा से दीपक बिरुआ ने ही यहां से जीत हासिल की थी.

जगन्नाथपुर

झारखंड विधानसा चुनाव 2019 में इस बार जगन्नाथपुर सीट से कांग्रेस के सोना राम सिंकू ने जीत हासिल की है. सोना राम ने 11606 वोटों से जीत हासिल की है. इस चुनाव में सोना राम को 32499 वोट हासिल हुए हैं. वहीं दूसरे नंबर पर झारखंड विकास मोर्चा के मंगल सिंह रहे. मंगल सिंह को इस चुनाव में 20893 वोट हासिलु हुए. यहां दूसरे चरण में 7 दिसंबर को मतदान हुआ था. यहां पिछले विधानसभा चुनाव में जेबीएसपी की गीता कोड़ा ने जीत दर्ज की थी.

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मझगांव

झारखंड विधानसा चुनाव 2019 में इस बार मझगांव से झारखंड मुक्ति मोर्चा के निरल पूर्ति ने जबरदस्त तरीके से जीत दर्ज की है. निरल पूर्ति ने 47192 वोटों से बीजेपी उम्मीदवार को मात दी है. पिछले विधानसभा चुनाव में भी यहां से झारखंड मुक्ति मोर्चा के निरल ने जीत हासिल की थी. इस बार के चुनाव में निरल को 67750 वोट हासिल हुए हैं. इसके अलावा दूसरे नंबर पर रहे बीजेपी के भूपेंद्र पिंगुआ को 20558 वोट ही मिले.

मनोहरपुर

झारखंड विधानसा चुनाव 2019 में इस बार भी मनोहरपुर से झारखंड मुक्ति मोर्चा के जोबा मांझी ने जीत दर्ज की है. जोबा मांझी ने 16019 वोटों से बीजेपी उम्मीदवार को शिकस्त दी है. जोबा मांझी को 50945 वोट मिले तो वहीं दूसरे नंबर पर बीजेपी के गुरुचरण नायक को 34926 वोट मिले. मनोहरपुर में दूसरे चरण में मतदान हुआ था. यहां पिछले विधानसभा चुनाव में भी झारखंड मुक्ति मोर्चा के जोबा मांझी ने जीत दर्ज की थी.

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1990 में पुराने सिंहभूम जिले के विभाजन के बाद पश्चिमी सिंहभूम जिला बनाया गया. 9 सामुदायिक विकास प्रखंडों के साथ पूर्वी सिंहभूम साथ ही जमशेदपुर मुख्यालय बना. 23 प्रखंडों के साथ पश्चिमी सिंहभूम बन गया. 2001 में पश्चिमी सिंहभूम दो भागों में विभाजित हो गया. 8 प्रखंडों के साथ सरायकेला-खरसावां जिला अस्तित्व में आया. अभी 18 प्रखंडों एवं 3 अनुमंडलों के साथ पश्चिमी सिंहभूम जिला जाना जाता है. यह क्षेत्रफल के हिसाब से राज्य का सबसे बड़ा जिला है. इसका क्षेत्रफल 5351.41 वर्ग किमी है.

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पश्चिमी सिंहभूम के उत्तर में खूंटी, पूर्व में सरायकेला-खरसावां, दक्षिण में ओड़िशा का केउंझर, मयूरभंज और सुंदरगढ़ है और पश्चिम में सिमडेगा जिला है. यह जिला सारंडा जंगलों के लिए भी जाना जाता है. इन जंगलों में साल के वृक्ष भरे पड़े हैं. ये जंगल 700 पहाड़ों पर बसे हैं. साथ ही यहां हर प्रकार के जीव-जंतु भी हैं. यह झारखंड का सबसे पुराना जिला है. 1837 में कोल्हान पर ब्रिटिश विजय के बाद इस जिले को प्रमुखता मिली.

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पश्चिमी सिंहभूम की आबादी 15.02 लाख, पुरुषों से ज्यादा महिलाएं हैं यहां

2011 की जनगणना के अनुसार पश्चिमी सिंहभूम की आबादी 1,502,338 है. इनमें से 749,385 पुरुष और 752,953 महिलाएं. यह झारखंड का पहला जिला है जहां पुरुषों से ज्यादा महिलाएं हैं. जिले का औसत लिंगानुपात 1005 है. यानी प्रति हजार पुरुष पर 1005 महिलाएं हैं. शहरों में लिंगानुपात 951 जबकि ग्रामीण इलाकों का 1014 है. जिले की 14.5 फीसदी आबादी शहरी और 85.5 फीसदी ग्रामीण इलाकों में रहती है.

पश्चिमी सिंहभूम का जातिगत गणित

    अनुसूचित जातिः 56,986

    अनुसूचित जनजातिः 1,011,296

जानिए...पश्चिमी सिंहभूम में किस धर्म के कितने लोग रहते हैं

    हिंदूः 423,937

    मुस्लिमः 38,103

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    ईसाईः 87,587

    सिखः 946

    बौद्धः 389

    जैनः 52

    अन्य धर्मः 945,864

    जिन्होंने धर्म नहीं बतायाः 5,460

पश्चिमी सिंहभूम में कामगारों की स्थिति

पश्चिमी सिंहभूम की कुल आबादी में से 694,863 लोग रोजगार से जुड़े हैं. इनमें से 49.4 फीसदी लोग या तो स्थाई रोजगार में हैं या साल में 6 महीने से ज्यादा कमाई करते हैं.

    मुख्य कामगारः 343,008

    किसानः 137,464

    कृषि मजदूरः 72,410

    घरेलू उद्योगः 14,751

    अन्य कामगारः 118,383

    सीमांत कामगारः 351,855

    जो काम नहीं करतेः 807,475

पश्चिमी सिंहभूम का पर्यटन, धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत

पश्चिमी सिंहभूम जिले में शहीद पार्क है. जो सरकार द्वारा विकसित किया गया है. इसके अलावा एक बिद्री नामक झील है. चेनपुर का शिव मंदिर विख्यात है. 40 किमी दूर हिरनी झरना पिकनिक के लिए प्रसिद्ध है. जोजोहतु अपने लौह अयस्क खदानों के लिए जाना जाता है. केरा में भगवती मंदिर है जहां हर साल तीन दिवसीय वार्षिक मेला लगता है. यहां बड़ी संख्या में भक्त आते हैं. लुपंगतु गांव सालभर वसंत मौसम के लिए जाना जाता है. रामतीर्थ है जहां कहते हैं कि वनवास के दौरान भगवान राम ने बैतरनी नदी को पार किया था. थोल्कोबाद में सारंडा क्वीन नाम का साल का पेड़ है. इसकी परिधि 25 फीट है.

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