scorecardresearch
 

रविशंकर प्रसाद बोले- आपातकाल लगाने वाली कांग्रेस हमें संविधान का पाठ न पढ़ाए

रविशंकर प्रसाद ने कहा कि कांग्रेस का इतिहास संविधान का धज्जियां उड़ाने का रहा है. कांग्रेस अपने समय में सरकारों को बर्खास्त करती रहती है.

Advertisement
X
रविशंकर प्रसाद
रविशंकर प्रसाद

Advertisement

कर्नाटक में जारी सियासी घमासान के बीच बीजेपी ने कांग्रेस पर पलटवार किया है. केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने बुधवार रात कहा कि कांग्रेस संविधान का पाठ न पढ़ाए. कांग्रेस ने देश में आपातकाल लगाकर संविधान की किस तरह से रक्षा की थी, इसलिए वह बीजेपी के सामने संविधान की दुहाई न दे.

रविशंकर प्रसाद ने कहा कि कांग्रेस का इतिहास संविधान का धज्जियां उड़ाने का रहा है. कांग्रेस अपने समय में सरकारों को बर्खास्त करती रहती है. उन्होंने कर्नाटक में बीजेपी द्वारा विधायकों की खरीदफरोख्त के आरोप को खारिज कर दिया.

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने देश में आपातकाल लगाया था और न्यायपालिका को सुपरसीड किया था, इसलिए वह बीजेपी के सामने इसकी दुहाई न दे. रविशंकर प्रसाद ने कहा कि कांग्रेस का पूरा रिकॉर्ड संविधान की धज्जियां उड़ाने वाला रहा है और वह हमें संविधान की मर्यादा बता रही है.जिस पार्टी ने देश के कई राज्यों में राष्ट्रपति शासन लगाया, वह हमें मर्यादा बता रही है. 6 दिसंबर 1992 के बाद कांग्रेस सरकार ने हमारी 6 राज्य सरकारों को बर्खास्त कर दी थी जिसका उस घटना (मस्जिद विवाद) से मतलब नहीं था.

Advertisement

रविशंकर प्रसाद ने दो आयोग का हवाला देते हुए बताया, बोमाई मामले में कहा गया है कि अगर कोई सीएम अपना बहुमत खो दे तो उसे बहुमत सदन पर विश्वास मत के ज़रिये लाना होगा. बोमाई मामले से पता चलता है कि चुनाव के बाद सरकार बनाने के लिए किसे आमंत्रित करना है, यह राज्यपाल के विवेक पर निर्भर करता है.

रविशंकर प्रसाद ने कहा कि सरकारिया आयोग में तीन बातें साफ कहीं गई हैं. इससे साफ हो जाता है कि राज्यपाल को किसी पार्टी को पहले सरकार गठन के लिए बुलाना होता है. आयोग की सिफारिश के मुताबिक चुनाव पूर्व गठबंधन को राज्यपाल पहले सरकार बनाने के लिए बुला सकता है. दूसरा, चुनाव में जो सबसे बड़ी पार्टी होती है, राज्यपाल को उसे सरकार गठन के लिए आमंत्रित करना होता है. इसके बाद के क्रम के मुताबिक चुनाव के बाद हुए गठबंधन को सरकार बनाने के लिए राज्यपाल द्वारा आमंत्रित करने की बात कही गई है. एमएम पुंछी आयोग ने भी सरकारिया कमीशन के इस क्रम वाले फैसले को बरकरार रखा.

Advertisement
Advertisement