कर्नाटक में अगले पांच साल के लिए किसके सिर ताज सजेगा? इसे लेकर मतदाता 10 मई को अपना फैसला इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) में कैद करेंगे. वोटिंग से पहले आज यानी 8 मई को चुनाव प्रचार का अंतिम दिन है. चुनाव प्रचार के अंतिम दिन सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और विपक्षी कांग्रेस समेत सभी राजनीतिक दलों ने चुनाव प्रचार में पूरी ताकत झोंक दी है.
कर्नाटक में चुनाव प्रचार थमने से पहले गृह मंत्री अमित शाह ने आजतक से खास बातचीत की. अमित शाह ने कर्नाटक में बीजेपी नेताओं की बगावत से लेकर लिंगायत समुदाय और इस चुनाव को 2024 के चुनाव से जोड़े जाने तक, हर सवाल का अपने अंदाज में बेबाकी से जवाब दिया. अमित शाह ने विपक्षी कांग्रेस पर भी जमकर निशाना साधा.
गृह मंत्री अमित शाह ने कर्नाटक विधानसभा चुनाव में बीजेपी की बड़ी जीत और बहुमत के साथ फिर से सरकार बनाने का दावा किया. उन्होंने जगदीश शेट्टार और लक्ष्मण सावडी जैसे बड़े नेताओं की बगावत से जुड़े सवालों के भी जवाब दिए. अमित शाह ने कहा कि बीजेपी ने जिन नेताओं को टिकट नहीं देने का फैसला लिया, किसी आधार पर ही लिया गया.
उन्होंने बीजेपी से बगावत कर चुनाव मैदान में उतरे नेताओं की हार का भी दावा किया और कहा कि ये सभी नेता खुद अपनी सीट ही हार रहे थे. अमित शाह ने कहा कि जो अपनी सीट हार रहा हो, वह किसी और सीट पर पार्टी को जीत क्या दिलाएगा. उन्होंने सवालिया लहजे में कहा कि अगर इन नेताओं को बीजेपी ने टिकट दिया होता तो क्या ये पार्टी छोड़कर जाते?
साउदी-शेट्टार की बगावत पर क्या बोले?
गृह मंत्री शाह ने लक्ष्मण सावडी की बगावत पर कहा कि वे विधान परिषद के सदस्य हैं. अब विधानसभा चुनाव के लिए टिकट मांग रहे थे. उन्होंने कहा कि जब आपको विधानसभा चुनाव ही लड़ना था तब एमएलसी क्यों बने. अमित शाह ने कहा कि आपको विधानसभा चुनाव लड़ना था तो एमएलसी चुनाव में किसी दूसरे नेता को मौका दिया गया होता.
उन्होंने जगदीश शेट्टार की बगावत को लेकर सवाल पर कहा कि वे पहले ही ये साफ कर चुके थे कि मुझे बसवराज बोम्मई के मंत्रिमंडल में शामिल नहीं होना. शाह ने कहा कि आप छह बार विधायक रहे हैं. उन्होंने कहा कि जब आप खुद कह रहे हो कि आपको बोम्मई मंत्रिमंडल में शामिल नहीं होना तब चुनाव क्यों लड़ना भाई.
कांग्रेस ने लिंगायत समुदाय को अपमानित किया
गृह मंत्री ने कहा कि किसी दूसरे को मौका दो. उन्होंने विपक्षी कांग्रेस पर भी जमकर निशाना साधा और हमेशा लिंगायत समुदाय को अपमानित करने का आरोप लगाया. अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस ने इतिहास में केवल दो बार ही लिंगायत समुदाय के किसी नेता को कर्नाटक का मुख्यमंत्री बनाया है. लिंगायत समुदाय के लोग अब इनकी राजनीति समझ चुके हैं.
ईश्वरप्पा के बयान से शाह ने किया किनारा
बीजेपी नेता ई ईश्वरप्पा ने बयान दिया था कि हमें मुस्लिम वोट नहीं चाहिए. इस बयान को लेकर सवाल पर शाह ने कहा कि पार्टी ने तुरंत ही साफ कर दिया था कि ये उनका व्यक्तिगत विचार है. सोनिया गांधी ने कर्नाटक की सार्वभौमिकता का मुद्दा उठाया था. इससे जुड़े सवाल पर अमित शाह ने कहा कि ये बीजेपी नहीं, देश की संसद का इश्यू है. उन्होंने कहा कि हमारे संविधान में देश की सार्वभौमिकता में राज्यों की सार्वभौमिकता और वेश-भूषा को खूबसूरती से पिरोया गया है.
अमित शाह ने कहा कि ये संविधान की भावनाओं के खिलाफ है. एक्शन के सवाल पर उन्होंने कहा कि क्या होगा, कैसे होगा, इस पर मुझे कुछ मालूम नहीं है. उन्होंने खड़गे के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कमेंट को लेकर कहा कि कांग्रेस के नेता बार-बार ऐसा करते रहे हैं. जितनी बार उनकी ओर से ऐसी बात की गई, हर बार पीएम मोदी और मजबूत हुए हैं. शाह ने कहा कि कर्नाटक की जनता भी इस तरह के बयानों से सहमत नहीं है. जनता जब वोट करेगी तब भी हमें ये देखने को मिल जाएगा.
मणिपुर हिंसा पर क्या बोले शाह
अमित शाह ने मणिपुर हिंसा को लेकर सवाल पर कहा कि आज कोई घटना नहीं हुई है. उन्होंने कहा कि हम हालात पर नजर बनाए हुए हैं. अमित शाह ने कहा कि राज्य सरकार को हर जरूरी सहायता दी जाएगी. उन्होंने लोगों से शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील भी की. गौरतलब है कि मणिपुर में भड़की हिंसा में 54 लोगों की मौत हो चुकी है.