कर्नाटक में चुनावी बिगुल बज चुका है. चुनावों की तारीख के ऐलान के साथ ही हर पार्टी जीतने की हरसंभव कोशिश में जुटी हुई है. कांग्रेस हो, जेडीएस हो या भाजपा हो, या कोई अन्य उम्मीदवार हो चुनाव जीतने के लिए प्रचार जोर-शोर से कर रहे हैं. ऐसे में राज्य के लिए 9 अप्रैल का दिन काफी अहम है. 9 अप्रैल को कर्नाटक में राहुल गांधी का सत्यमेव जयते कार्यक्रम होने वाला है और उसी दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी कर्नाटक दौरे पर हैं.
पीएम मोदी के दौरे पर कांग्रेस नेता सिद्धारमैया ने सवाल उठाए हैं. सिद्धारमैया का दावा है कि आचार संहिता प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, मंत्रियों या विधायकों की परवाह किए बिना सभी के लिए समान रूप से लागू होती है. उन्होंने यह भी सवाल किया कि क्या पीएम मोदी ने चुनावी राज्य का दौरा करने से पहले चुनाव आयोग की अनुमति ली है जहां आचार संहिता आ गई है.
पीएम को चुनाव आयोग से लेनी होगी अनुमति
उन्होंने पूछा क्या चुनाव आयोग ने पीएम मोदी को अनुमति दी है? यदि वह चुनाव आयोग की अनुमति के बिना आते हैं, तो इसका मतलब है कि वह आचार संहिता का उल्लंघन कर रहे हैं. प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, मंत्रियों, विधायकों के लिए आचार संहिता के नियम अलग नहीं हैं. आचार संहिता सभी पर लागू होती है. यहां आने के लिए उन्हें चुनाव आयोग की अनुमति लेनी होगी.
पीएम के इस दौरे को लेकर आपत्ति
बता दें कि पीएम मोदी 9 अप्रैल को प्रोजेक्ट टाइगर के 50 साल पूरे होने पर कर्नाटक आ रहे हैं. अपने चुनावी दौरे के दौरान पीएम के बांदीपुर टाइगर रिजर्व में सफारी यात्रा पर जाने को लेकर सवाल उठ रहे हैं. सूत्रों की मानें तो पीएम मोदी टाइगर प्रोजेक्ट के 50 साल पूरे होने के मौके पर मैसूरु और चामराजनगर जिलों में आयोजित होने वाले तीन दिवसीय मेगा इवेंट की शुरुआत करेंगे. वह हालिया बाघ जनगणना रिपोर्ट, बाघ संरक्षण के लिए सरकार के विजन को भी जारी करेंगे और इस घटना के उपलक्ष्य में एक सिक्का भी जारी करेंगे.
दरअसल सिद्धारमैया की आपत्ति इसी दौरे को लेकर है. हालांकि, सूत्रों की मानें तो पीएम के दौरे को लेकर अभी जगहों को फाइनल नहीं किया गया है. गौरतलब है कि पीएम मोदी चुनाव की घोषणा और आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद राज्य में आ रहे हैं. इससे पहले उन्होंने 16 मार्च को बेंगलुरु-मैसूर एक्सप्रेसवे और 16,000 करोड़ रुपये की अन्य परियोजनाओं का उद्घाटन किया था.
(रिपोर्ट- अनाघा)