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BJP से कांग्रेस में गए जगदीश शेट्टार ने एयरपोर्ट पर की राहुल गांधी की अगवानी, गर्मजोशी से किया स्वागत

कुछ दिन पहले ही भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए पूर्व मुख्यमंत्री जगदीश शेट्टार की एक तस्वीर वायरल हो रही है. यह तस्वीर हुबली एयरपोर्ट की है, जहां शेट्टार कांग्रेस नेता राहुल गांधी का गर्मजोशी से स्वागत करते हुए नजर आ रहे हैं.

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राहुल गांधी का स्वागत करते हुए जगदीश शेट्टार
राहुल गांधी का स्वागत करते हुए जगदीश शेट्टार

भारतीय जनता पार्टी का दामन छोड़कर कांग्रेस का 'हाथ' थामने वाले पूर्व मुख्यमंत्री जगदीश शेट्टार रविवार को हुबली एयरपोर्ट पर राहुल गांधी का स्वागत करते हुए नजर आए. दोनों नेताओं के मुलाकात की तस्वीरें सामने आई हैं और शेट्टार कुछ कांग्रेस नेताओं के साथ राहुल गांधी का गर्मजोशी से स्वागत कर रहे हैं. राहुल गांधी यहां से हेलिकॉप्टर के जरिए बागलकोट के कुदालसंगम मैदान पहुंचे.

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राहुल करेंगे रोड शो

दरअसल, कांग्रेस के चुनावी प्रचार को धार देने के लिए राहुल गांधी आज हुबली पहुंचे हैं, जहां वह रोड शो करेंगे. राहुल गांधी बसव जयंती समारोह में हिस्सा लेंगे और इसे लिंगायत समुदाय तक कांग्रेस की पहुंच बढ़ाने के कदम के रूप में देखा जा रहा है. अपने कर्नाटक दौरे के दौरान राहुल गांधी बागलकोट और विजयपुर जिलों का भी दौरा करेंगे और कुछ कार्यक्रमों में भी शिरकत करेंगे. 

शेट्टार ने दी थी सफाई

इससे पहले जगदीश शेट्टार ने अपने कांग्रेस में शामिल होने पर कहा कि मुझे सत्ता की भूख नहीं, मैं सिर्फ सम्मान चाहता हूं. उन्होंने कहा कि भाजपा ने आगामी विधानसभा चुनाव में टिकट ना देकर मेरा अपमान किया है.  मैं महत्वाकांक्षी व्यक्ति नहीं हूं और ना ही मैं सत्ता का भूखा हूं. शेट्टार फिलहाल हुबली धारवाड़ से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं.  शेट्टार ने कहा, कुछ लोगों ने पूरी पार्टी पर नियंत्रण कर लिया है. भाजपा में वापसी की संभावना पर शेट्टार ने कहा कि अगर बीजेपी अगले महीने चुनाव जीतती है तो वह विपक्ष में कांग्रेस नेताओं के साथ बैठेंगे.  

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मंत्री से लेकर सीएम तक का तय किया सफर

पूर्व मुख्यमंत्री जगदीश शेट्टार स्वच्छ छवि के नेता माने जाते हैं. उन्हें सियासत विरासत में मिली है. शेट्टार हुबली-धारवाड़ के मेयर रहे हैं. इसके अलावा उनके भाई एमएलसी और चाचा विधायक हैं. इस तरह से शेट्टार परिवार की हुबली-धारवाड़ इलाके में मजबूत पकड़ है. शायद यही वजह है कि पिछले दिनों शेट्टार ने बीजेपी से कहा था कि अगर उन्हें टिकट नहीं दिया जाता है तो इसका असर राज्य के अलावा उत्तर कर्नाटक की 20 से 25 विधानसभा सीटों पर पड़ेगा.

शेट्टार अपने पांच दशक के राजनीतिक सफर में मंत्री से लेकर सीएम रहे, लेकिन राजनीतिक जीवन में कोई दाग नहीं लगा है. उन्होंने पिछले दिनों कहा था- मैं छह बार जीता, मेरे करियर में कोई दाग नहीं है और मुझ पर कोई आरोप नहीं है. ऐसे में मुझे बाहर क्यों किया जा रहा है? कर्नाटक की सियासत में इतने लंबी पारी में भ्रष्टाचार के आरोपों से बचे रहना अपने आप में बड़ी बात है.  

 

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