कर्नाटक चुनाव को लेकर जब से बीजेपी ने अपनी उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की है, पार्टी के अंदर ही एक अलग तरह की सियासत तेज हो चुकी है. किसी में आक्रोश है तो कोई अब सीधे-सीधे पार्टी बदलने की बात करने लगा है. कोई रो रहा है तो कोई चुनावी संन्यास का दांव चल चुका है. सबकुछ हो रहा है, लेकिन चुनौती बीजेपी के लिए बढ़ रही है.
पहली सूची के बाद ही बीजेपी में खलबली
जानकारी के लिए बता दें कि बीजेपी ने मंगलवार को कर्नाटक चुनाव के लिए 189 उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की थी. उस लिस्ट के जारी होने के बाद कई नेताओं ने अपनी नाराजगी जाहिर की. पूर्व डिप्टी सीएम लक्ष्मण सावडी को पार्टी ने इस बार टिकट नहीं दिया है. इस वजह से उन्होंने पार्टी छोड़ने का ऐलान कर दिया. जब उनसे कांग्रेस में जाने को लेकर सवाल हुआ तो ये कहकर अटकलें तेज कर दीं कि कोई बड़ा फैसला जल्द लिया जाएगा. अब बड़ी बात ये है कि अथनी से बीजेपी ने इस बार महेश कुमाथली को टिकट दिया है. ये वहीं नेता हैं जिन्होंने 2019 में कांग्रेस की सरकार गिरा बीजेपी की सरकार बनवाई थी.
किसी की आंख में आंसू, कोई करेगा बगावत
इसी तरह बीजेपी ने इस बार उडुपी से विधायक रहे रघुपति भट्ट को भी टिकट नहीं दिया है. इस बार क्योंकि पार्टी ने उन्हें यहां से टिकट नहीं दिया, वे भावुक हो गए. उन्हें इस बात का ज्यादा दुख है कि उन्हें इस फैसले की जानकारी टीवी चैनलों के जरिए मिली. उन्होंने जोर देकर कहा कि अगर उनकी जाति की वजह से उन्हें टिकट नहीं दिया गया, वे इसे स्वीकार नहीं कर सकते. अब यहां तो जिन्हें टिकट नहीं दी गई, उन्होंने अपनी प्रतिक्रिया दी. कुछ नेता तो ऐसे रहे जिनके चुनाव लड़ने की वजह से दूसरे नेताओं ने इस्तीफा देना शुरू कर दिया. इस लिस्ट में सबसे बड़ा नाम के एस ईश्वरप्पा का है जिनके चुनावी संन्यास ने पार्टी के अंदर खलबली मचा दी है.
Raghupati Bhatt, BJP MLA from Udupi who grabbed global headlines for barring girls wearing Hijab from entering classrooms in Udupi govt College, denied a ticket
— Nabila Jamal (@nabilajamal_) April 12, 2023
He breaks down before the media in self doubt, says party doesnt need him anymore#KarnatakaElections2023 pic.twitter.com/8aBuoa5Mcs
ईश्वरप्पा के चुनावी संन्यास ने बढ़ाई टेंशन
कई पार्टी नेताओं ने सामने से आकर इस्तीफा दे दिया है. शिवमोगा में तो इस्तीफों की झड़ी लग गई है. 19 नगर निगम के सदस्यों ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है , मेयर और डिप्टी मेयर ने भी पद छोड़ दिया है. शिवमोगा के जिला अध्यक्ष ने भी ईश्वरप्पा के समर्थन में इस्तीफा दिया है. कई और नेता भी इस्तीफा देने की बात कर रहे हैं. यानि कि एक नेता की वजह से पार्टी को चुनावी मौसम बड़ा नुकसान हो सकता है.
जगदीश शेट्टार की नड्डा से मुलाकात
वैसे जगदीश शेट्टार को भी इस बार बीजेपी ने चुनावी टिकट नहीं दिया है. उनके नाम को लेकर पहले से ही कहा जा रहा था कि हाईकमान ज्यादा उत्साहित नहीं है, इसी वजह से पहली सूची में उनका नाम भी नहीं आया. अब जगदीश इस बात से नाराज तो हैं, लेकिन अभी दिल्ली जा उन्होंने बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की है. असल में जेपी नड्डा ने खुद उन्हें दिल्ली बुलाया था. मुलाकात के दौरान जगदीश ने चुनाव लड़ने की अपनी इच्छा जाहिर कर दी है.
अब कुछ को टिकट नहीं मिला वो इसलिए नाराज हैं, तो कुछ ऐसे भी है जिन्हें कुछ उम्मीदवारों को दिए गया टिकट ही रास नहीं आ रहा है. बीजेपी ने इस बार एक महीने पहले ही पार्टी में शामिल हुए IPS भास्कर राव को भी चुनावी मैदान में उतार दिया है. इस वजह से पार्टी के अंदर ही असहज स्थिति पैदा हो गई है.
वैसे इस सियासी हलचल पर सीएम बसवराज बोम्मई ने कहा है कि हम सभी से बात कर रहे हैं. पार्टी ने सभी को सम्मान दिया है और आगे भी देती रहेगी. पार्टी उनके सियासी भविष्य को भी सुरक्षित रखने का काम करेगी.
चुनाव प्रक्रिया की बात करें तो 13 अप्रैल से नामांकन प्रक्रिया शुरू हो जाएगी और 20 अप्रैल तक नामांकन किया जा सकेगा. वहीं 10 मई को वोटिंग होगी और 13 मई को जनता का जनादेश आएगा. इस बार चुनावी मैदान में आम आदमी पार्टी भी उतरी हुई है. पार्टी ने सभी सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है. उसकी तरफ से भी उम्मीदवारों की एक लिस्ट जारी की जा चुकी है. कांग्रेस ने भी लिस्ट जारी कर दी है.