कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार अभियान का शोर सोमवार शाम को थम जाएगा. सूबे की जनता को रिझाने के लिए अंतिम दिन बीजेपी, कांग्रेस और जेडीएस सहित सभी पार्टियां अपनी ताकत झोंकते दिखाई देंगे. राहुल गांधी अपनी बहन प्रियंका गांधी के साथ रोड शो करेंगे तो कर्नाटक बीजेपी के दिग्गज नेता प्रेस कॉन्फ्रेंस करके राजनीतिक समीकरण साधने की कवायद करते नजर आएंगे.
कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिए 10 मई को मतदान होना है. राज्य के तीन प्रमुख राजनीतिक दल- बीजेपी, कांग्रेस और जेडीएस ने मतदाताओं को लुभाने के लिए अपनी आखिरी कोशिशों में लगे हुए हैं. बीजेपी साढ़े तीन दशकों से चले आ रहे सत्ता परिवर्तन के ट्रेंड को तोड़ने और दक्षिण भारत में अपने एकलौते दुर्ग को बचाने की कोशिश में जुटी है. वहीं, कांग्रेस कर्नाटक की सत्ता में वापसी कर खुद को 2024 के लोकसभा चुनाव में मुख्य विपक्षी दल के रूप में स्थापित करने की कवायद में है. ऐसे में जेडीएस एक बार फिर से किंगमेकर बनने की सपना संजोय हुए है.
राहुल-प्रियंका का रोड शो
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी कर्नाटक में लगातार डेरा जमाए हुए हैं. विधानसभा चुनाव प्रचार के अंतिम दिन सोमवार को गांधी परिवार पूरी ताकत झोंकेगा. प्रियंका कर्नाटक में चुनावी रोड शो और जनसभा को संबोधित करेंगी. चिकपेट और विजयनगर में मेगा रोड शो कर प्रियंका माहौल बनाएगी. इस दौरान राहुल गांधी भी उनके साथ रहेंगे. चुनाव प्रचार के दौरान राहुल और प्रियंका लगातार बीजेपी पर आक्रमक हैं. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे कर्नाटक से है, जिसके चलते वो मोर्चा संभाले हुए हैं. इसके अलावा कर्नाटक कांग्रेस के नेता सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार अंतिम दिन अपने क्षेत्र में नजर आएंगे.
बीजेपी नेता की प्रेस कॉन्फ्रेंस
कर्नाटक चुनाव प्रचार के अंतिम दिन बीजेपी पूरी ताकत झोंकने की तैयारी कर रखी है. पार्टी के दिग्गज नेता एक तरफ चुनावी जनसभा को संबोधित करते नजर आएंगे तो दूसरी तरफ बीजेपी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुनावी एजेंडा सेट करेगी. पूर्व मुख्यमंत्री व बीजेपी के वरिष्ठ नेता बीएस येदियुरप्पा, कर्नाटक चुनाव प्रबंधन समिति की संयोजक और केंद्रीय मंत्री शोभा करंदलाजे, केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर दोपहर प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे. इसके अलावा जेडीएस के अध्यक्ष कुमारस्वामी भी अपने गढ़ में चुनावी रैली को संबोधित करेंगे.
कांग्रेस वापसी के लिए बेताब
कर्नाटक विधानसभा चुनाव का मुख्य मुकाबला कांग्रेस और बीजेपी के बीच है. बीजेपी से कर्नाटक की सत्ता छीनने के लिए कांग्रेस अपनी ओर से कड़ी मेहनत कर रही है और 2024 के लोकसभा चुनावों के लिए मुख्य विपक्षी दल के रूप में अपनी स्थिति को मजबूत करने का प्रयास कर रही है. ऐसे में कांग्रेस स्थानीय मुद्दों और शुरूआत में इसके चुनाव प्रचार की बागडोर स्थानीय नेताओं के हाथों में थी. बीजेपी से सत्ता छीनना कांग्रेस के लिए मनोबल बढ़ाने वाला साबित होगा और यह इसकी चुनावी संभावनाओं में नई जान फूंकने में अहम भूमिका निभाएगा.
हालांकि, बाद में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा जैसे इसके शीर्ष नेता भी चुनाव प्रचार में शामिल हो गए. राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल ने भी चुनावी जनसभा को संबोधित किया. चुनाव प्रचार के आखिरी चरण में पहुंचने पर कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी ने शनिवार को हुबली में पार्टी की एक जनसभा को संबोधित किया. कांग्रेस पार्टी ने भी 150 सीट पर जीत का लक्ष्य रखा है।
बीजेपी सत्ता बचाने की लड़ रही जंग
वहीं, बीजेपी ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है. पीएम मोदी ने अंतिम समय में कर्नाटक के रण में उतरकर सियासी बाजी के रुख के मोड़ने की पूरी कोशिश की है. पीएम मोदी ने 29 अप्रैल से अब तक करीब 18 जनसभाएं और छह रोड शो किए हैं. चुनाव कार्यक्रम की 29 मार्च को घोषणा होने से पहले मोदी ने जनवरी से तब तक सात बार राज्य का दौरा किया और विभिन्न सरकारी योजनाओं व परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया था.
पीएम मोदी के पूरे प्रदेश के दौरे ने पार्टी कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाया और मतदाताओं में विश्वास भरा है. बीजेपी के इस दांव पार्टी को वोट में तब्दील होने की उम्मीद नजर आती है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी राज्य का दौरा किया है, चुनाव प्रचार किया और चुनावी रणनीतियां बनाई हैं. पीएम मोदी ने एक रैली के दौरान कांग्रेस और गांधी परिवार पर तीखा हमला किया. गांधी परिवार निशाना साधते हुए पीएम मोदी ने उन्हें 'कांग्रेस का शाही परिवार' बताते हुए कर्नाटक को भारत से अलग करने का आरोप कांग्रेस पर लगाया.
पीएम मोदी और अमित शाह के अलावा बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा,मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत व केंद्रीय मंत्रियों-निर्मला सीतारमण, विदेश मंत्री एस जयशंकर, स्मृति ईरानी, नितिन गडकरी-समेत अन्य ने भी प्रचार करने के लिए राज्य के विभिन्न हिस्सों का दौरा किया है.
जेडीएस की साख दांव पर
कर्नाटक के चुनावी रण में जेडीएस का साख दांव पर लगी है, क्योंकि उसके वोटबैंक पर बीजेपी और कांग्रेस सेंधमारी करने की कवायद में है. ऐसे में जेडीएस की तरफ से चुनावी कमान पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा और पूर्व मुख्यमंत्री कुमारस्वामी ने संभाल रखी है. जेडीएस किंगमेकर बनने की जुगत में है, जिसके लिए हरसंभव कोशिश कर रही है. ऐसे में देखना है कि जेडीएस क्या करिश्मा दोहराती है?