बहुचर्चित गोल्ड स्मगलिंग केस में आरोपी स्वप्ना सुरेश ने मुख्यमंत्री पिनराई विजयन का नाम दबाव में लिया था. पुलिस ने ये दावा किया है कि स्वप्ना पर पिनराई विजयन का नाम लेने का दबाव बनाया गया था. केरल विधानसभा चुनाव के बीच यह मुद्दा एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है.
दरअसल कस्टम डिपार्टमेंट ने पिछले हफ्ते ही कोर्ट में एक एफिडेविट दाखिल कर ये कहा था कि मुख्य आरोपी स्वप्ना सुरेश ने सोने की तस्करी के मामले में केरल के मुख्यमंत्री के नाम का खुलासा किया है. वहीं पिनराई विजयन ने इसे एक राजनीतिक साजिश के तहत की गई कार्रवाई करार दिया था. लेकिन अब एक महिला पुलिस अधिकारी ने इस पूरे मामले में चौंकाने वाला खुलासा किया है.
इस महिला पुलिस अधिकारी को स्वप्ना सुरेश के लिए प्रोटेक्टिव डिटेल के लिए नियुक्त किया गया था. महिला अधिकारी ने एक लिखित बयान में कहा कि स्वप्ना को पूछताछ के दौरान ईडी ने पिनराई विजयन का नाम लेने के लिए मजबूर किया था. ये महिला पुलिस अधिकारी उन पुलिस कर्मियों के ग्रुप का हिस्सा थी, जो स्वप्ना सुरेश के साथ थे.
कस्टम विभाग ने केरल विधानसभा स्पीकर पी श्रीरामकृष्णन को किया समन
केरल में डॉलर स्मगलिंग केस में जांच कर रहे कस्टम विभाग ने राज्य के विधानसभा स्पीकर पी श्रीरामाकृष्णन को समन किया है और 12 मार्च को पेश होने को कहा है. विधानसभा स्पीकर को ऐसे में समन किया गया है जब राज्य में चुनाव होने को हैं, इसके अलावा कस्टम विभाग ने दावा किया है कि डॉलर स्मगलिंग केस की मुख्य आरोपी स्वप्ना सुरेश ने राज्य के सीएम पिनराई विजयन को लेकर चौंकाने वाले खुलासे किए हैं.
कस्टम विभाग ने कई बार विधानसभा स्पीकर का बयान लेने की कोशिश की थी. कस्टम ने विदेश दौरे और उनसे जुड़ी कई अन्य जानकारियों के बारे में जवाब मांगा था. जिसके बाद अब उन्हें नोटिस दिया गया है. स्मगलिंग केस में मुख्य आरोपी स्वप्ना सुरेश ने आरोप लगाया है कि डॉलर स्मगलिंग मामले में मुख्यमंत्री विजयन, विधानसभा स्पीकर पी. श्रीरामकृष्णन और कुछ मंत्री के साथ ही संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के वाणिज्य दूतावास के कुछ कर्मचारी भी शामिल थे.
केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने डॉलर स्मलिंग केस में अपना नाम आने के बाद केंद्र सरकार और जांच एजेंसियों पर निशाना साधा है. उन्होंने केंद्रीय जांच एजेंसियों पर केंद्र सरकार के इशारों पर काम करने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि चुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद केंद्रीय जांच एजेंसियों की तरफ से जांच की गतिविधियां बढ़ गई हैं.
उन्होंने कहा कि ED का KIIFB के खिलाफ जाना और कस्टम विभाग का हाईकोर्ट में बयान इसका उदाहरण है. उन्होंने कहा कि केंद्रीय जांच एजेंसियां बीजेपी और कांग्रेस की KIIFB को खत्म करने की मंशा पर काम कर रही हैं.उन्होंने कहा कि KIIFB केरल और देश के लिए विकास का मॉडल रहा है. विजयन ने कहा कि अब कस्टम भी ऐसे ही काम कर रही है. कस्टम कमिश्नर का हाईकोर्ट में दिया गया बयान इस बात का सबूत है.