दिल्ली में कांग्रेस के साथ गठबंधन की ताजा सुगबुगाहट के बीच आम आदमी पार्टी ने एक बार फिर अकेले चुनाव लड़ने की बात को दोहराया है. हाल ही में दिल्ली कांग्रेस के नेता पीसी चाको ने आम आदमी पार्टी के साथ गठबंधन की बात को जायज ठहराया था. जिसके बाद आप नेता गोपाल राय से आजतक ने खास बातचीत में पूछा कि क्या अब दिल्ली में कांग्रेस के साथ गठबंधन का रास्ता साफ हो गया है? जवाब में राय ने कहा कि कांग्रेस चुनाव लड़ने की बजाय ख़ुद की उलझन में फंसी हुई है.
राय ने कहा कि आचार संहिता लागू होने के साथ ही चुनाव का समय नज़दीक आ रहा है. इस बीच शीला दीक्षित, पीसी चाको और राहुल गांधी अलग-अलग बयान दे रहे हैं, ऐसे में गठबंधन को लेकर कांग्रेस अपनी राय स्पष्ट करे.
उन्होंने कहा कि शीला दीक्षित ने राहुल गांधी से बैठक के बाद कहा था कि उनकी पार्टी आम आदमी पार्टी से गठबंधन नहीं करेगी. शीला दीक्षित के इस बयान के बाद आम आदमी पार्टी ने फैसला लिया कि समय बेहद कम है, इसलिए 6 उम्मीदवारों की घोषणा कर दी गई है और आम आदमी पार्टी अपने उम्मीदवारों के साथ 1 मार्च से कैंपेन शुरू कर चुकी है.
इसके अलावा कांग्रेस नेता के बयान पर जब पूछा गया कि क्या आम आदमी पार्टी गठबंधन के लिए एक कदम आगे बढ़ाने की कोशिश करेगी? गोपाल राय ने जवाब में कहा कि आम आदमी पार्टी को एक कदम आगे जाने की ज़रूरत नहीं है. चुनाव सिर पर हैं और आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस की दुविधा को देखते हुए अकेले चुनावी ज़मीन पर उतरने का फैसला ले लिया है.
गोपाल राय से पूछा गया कि क्या कांग्रेस के साथ गठबंधन की कोई गुंजाइश नहीं है? गोपाल राय ने कहा कि गठबंधन के बारे में हम नहीं सोच रहे हैं, आम आदमी पार्टी का फोकस लोकसभा चुनाव की लड़ाई लड़ना और जीतना है. उन्होंने कहा कि हाल ही में शीला दीक्षित ने नरेंद्र मोदी की तारीफ की और फिर अजय माकन भी अलग बयान दे रहे हैं. ऐसा लगता है कि कांग्रेस 2019 चुनाव के मैदान में उतरना ही नहीं चाहती. इसलिए आम आदमी पार्टी देश से तानाशाही सरकार को हटाने के लिए काम करेगी और दिल्ली में अपने दम पर चुनाव लड़ने की रणनीति बना रही है.
गोपाल राय ने दावा किया कि फिलहाल कांग्रेस के साथ कोई बातचीत नहीं चल रही है. आम आदमी पार्टी सभी सीटों पर अकेले चुनाव लड़ेगी. गोपाल राय का कहना है कि गठबंधन पर कांग्रेस सिर्फ बयान दे रही है, अभी कोई आधिकारिक बातचीत नहीं हुई है. ऐसे में कांग्रेस की बयानबाज़ी के चक्रव्यूह में अपनी ऊर्जा बर्बाद करने की बजाय आम आदमी पार्टी दिल्ली की जनता के साथ मिलकर लोकसभा चुनाव लड़ेगी.