दिल्ली की सातों सीटों पर कब्जा करने के लिए आम आदमी पार्टी प्रचार की अनोखी रणनीति अपनाने के साथ-साथ अब फंड इकट्ठा करने के लिए कार्यक्रम करेगी. 'आजतक' को मिली जानकारी के मुताबिक पार्टी नेता, विधायक और समर्थक लोकसभा चुनाव के लिए चंदा जुटाएंगे.
2015 में दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले फंड जुटाने की तर्ज पर आम आदमी पार्टी के नेता लंच और डिनर का आयोजन करेंगे. चंदा जुटाने के लिए आम आदमी पार्टी दिलचस्प तरीके अपनाते आई है. चाहे वो मोबाइल एप का इस्तेमाल हो या लंच-डिनर के दौरान चंदे की थाली हो.
सोमवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आवास पर लोकसभा प्रभारियों की बैठक हुई. इस बैठक में प्रचार की रणनीति के साथ-साथ 70 विधानसभाओं में चलाए जा रहे डोर टू डोर कैंपेन की समीक्षा हुई. अरविंद केजरीवाल से बैठक के बाद चांदनी चौक से लोकसभा प्रभारी पंकज गुप्ता ने 'आजतक' से बातचीत करते हुए बताया कि हर हफ्ते मुख्यमंत्री के साथ बैठक के दौरान चर्चा होती है कि किस इलाके में हम मजबूत हैं या जहां मजबूत नहीं हैं वहां क्या कदम उठाना है. प्रचार की रणनीति के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि "डोर टू डोर कैंपेन पर आम आदमी पार्टी सबसे ज्यादा जोर देगी लेकिन जिन इलाकों में इसका ज्यादा असर नहीं हुआ वहां हम दोबारा डोर टू डोर कैंपेन करेंगे."
फंड जुटाने के लिए आयोजन के सवाल पर पंकज गुप्ता ने बताया कि चुनाव आने से पहले जरूर फंड रेजिंग का कार्यक्रम रखा जाएगा. अभी फंड मांगना ज्यादा शुरू नहीं किया गया है लेकिन चुनावी ऐलान के बाद फंड मांगने लोगों के पास जाएंगे. गुप्ता ने कहा कि फंड जुटाने के लिए डिनर और लंच का आयोजन जरूर किया जाएगा.
उधर, अरविंद केजरीवाल से मुलाकात के बाद नई दिल्ली लोकसभा से आम आदमी पार्टी के लोकसभा प्रभारी बृजेश गोयल ने बताया कि नई दिल्ली लोकसभा में हर तबके के लोग रहते हैं. साथ ही व्यापारी बहुल इलाका भी है. गोयल के मुताबिक पिछले 1 साल में 90 फीसदी सीलिंग नई दिल्ली लोकसभा के बाजारों में हुई है और लोकसभा चुनाव में सीलिंग के मुद्दे को लेकर अरविंद केजरीवाल व्यापारियों के बीच जाएंगे.
साउथ दिल्ली से लोकसभा प्रभारी राघव चड्ढा ने 'आजतक' से बातचीत के दौरान बताया कि मुख्यमंत्री लगातार लोकसभा प्रभारियों के साथ बैठक कर कैंपेन की समीक्षा करते रहते हैं. चड्ढा ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने चुनावी कैंपेन में जनता को बताने का फैसला लिया गया है कि बीजेपी सांसदों ने काम नहीं किया जबकि बीजेपी वालों ने केजरीवाल सरकार के काम मे अड़ंगा डाला है. जनता से पूछेंगे कि क्या 5 साल में बीजेपी सांसद जनता के बीच आए?
हालांकि अब तक आम आदमी पार्टी ने दिल्ली की सातों सीटों पर उम्मीदवारों का आधिकारिक ऐलान नहीं किया है. पार्टी नेताओं के मुताबिक पार्टी की पॉलिटिकल अफेयर कमेटी जल्द ही उम्मीदवार तय करेगी लेकिन अरविंद केजरीवाल उम्मीदवारों के ऐलान से पहले ही लोकसभा प्रभारियों के लिए वोट मांगना शुरू कर चुके हैं और अब चंदा जुटाने की तैयारी शुरू की जा रही है.