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सपा-बसपा गठबंधन के बाद भी मायावती को सता रहा है EVM और राम मंदिर का 'डर'

SP-BSP alliance बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा कि लोकसभा चुनाव 2019 के दौरान सपा और बसपा का गठबंधन बीजेपी को रोकने में कामयाब रहेगा बशर्ते अगर पूर्व की तरह वोटिंग मशीन में गड़बड़ी नहीं की गई और राम मंदिर के मामले में जनभावनाओं को भड़काया नहीं गया.

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संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में बसपा सुप्रीमो मायावती और अखिलेश यादव (फोटो-PTI)
संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में बसपा सुप्रीमो मायावती और अखिलेश यादव (फोटो-PTI)

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लोकसभा चुनाव 2019 में नरेंद्र मोदी के विजय रथ को उत्तर प्रदेश में रोकने के लिए समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी ने गठबंधन का ऐलान किया है. इस दौरान बसपा सुप्रीमो मायावती ने ऐतिहासिक जीत का दावा किया, हालांकि उन्हें ईवीएम और राम मंदिर का डर अब भी सता रहा है. मायावती ने कहा कि अगर बीजेपी ने EVM और राम मंदिर को लेकर चाल नहीं चली तो हमारा गठबंधन बीजेपी को सत्ता में आने से रोक देगा.

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के साथ साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए मायावती ने कहा कि 80 सीटों वाले उत्तर प्रदेश में लोकसभा चुनाव 2019 के दौरान गठबंधन बीजेपी को रोकने में कामयाब रहेगा और केंद्र में बीजेपी सरकार नहीं बना पाएगी, बशर्ते अगर पूर्व की तरह वोटिंग मशीन में गड़बड़ी नहीं की गई और राम मंदिर के मामले में जनभावनाओं को भड़काया नहीं गया.

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बेईमानी से विधानसभा चुनाव जीती थी बीजेपी: मायावती

इससे पहले मायावती ने कहा कि 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने बेईमानी से सत्ता हासिल की थी. हमारा गठबंधन इस जनविरोधी सरकार को सत्ता में आने से रोकेगा. बीजेपी की अहंकारी सरकार से लोग परेशान हैं. जैसे हमने मिलकर उपचुनावों में बीजेपी को हराया है, उसी तरह हम आगामी लोकसभा चुनाव में बीजेपी को हराएंगे.

वहीं, अखिलेश यादव ने कहा कि पूरे देश में अराजकता का माहौल है. प्रदेश में भूखमरी और गरीबी चरम पर है. बीजेपी धर्म के नाम पर राजनीति कर रही है. बीजेपी ने समाज को नाम पर बांटा. बीजेपी के राज में हर वर्ग परेशान है. हमारे गठबंधन से बीजेपी के अन्याय और अत्याचार का अंत होगा.

38-38 सीटों पर लड़ेगी सपा और बसपा

बता दें, उत्तरप्रदेश की दोनों क्षेत्रिय पार्टियों सपा और बसपा ने एक साथ मिलकर लोकसभा चुनाव लड़ने का फैसला किया है. दोनों पार्टियों के नेताओं ने शनिवार को इसका औपचारिक ऐलान भी कर दिया. 2019 के लोकसभा चुनाव में बसपा और सपा दोनों 38-38 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे. इस गठबंधन का हिस्सा कांग्रेस नहीं होगी, लेकिन उनकी दो अहम सीटों रायबरेली और अमेठी पर गठबंधन की ओर से प्रत्याशी नहीं उतारा जाएगा. बाकी बची दो सीट सहयोगी दलों के लिए रिजर्व रखी गई है. 

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2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने 71, उसकी सहयोगी पार्टी अपना दल ने 2 और सपा ने 5 सीटों पर जीत दर्ज की थी. 2018 में हुए उपचुनाव में बीजेपी तीन सीट (गोरखपुर, कैराना और फूलपुर) हार गई थी. इन तीनों में से दो पर सपा और एक पर आरएलडी जीती थी.

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