राजस्थान के अलवर में दलित महिला से हुए गैंगरेप पर राजनीति तेज हो गई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में रैली करते हुए राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार पर निशाना साधा है. केंद्रीय मंत्री मनोज कुमार सिन्हा के लिए प्रचार करने पहुंचे पीएम मोदी ने कहा कि दरिंदों को पकड़ने के बजाय, कांग्रेस सरकार इस मामले को दबाने में जुट गई. उन्होंने कहा कि राजस्थान में भी चुनाव थे इसलिए कांग्रेस सरकार उस बिटिया को न्याय दिलाने के बजाय चुनाव बीतने का इंतजार करती रही. यही कांग्रेस के न्याय की सच्चाई है.
पीएम मोदी ने साथ ही अवार्ड वापसी गैंग पर भी हमला बोला है. उन्होंने कहा कि ये जो अवार्ड वापसी गैंग थी, मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि अलवर की बेटी के साथ बलात्कार होने पर भी आपकी गैंग चुप क्यों बैठी है.
गौरतलब है कि 26 अप्रैल को कुछ लोगों ने थानागाजी-अलवर रोड पर मोटर साइकिल पर जा रहे दंपति को रोका और पति की पिटाई की. उन्होंने पति के सामने महिला के साथ गैंगरेप किया. एक आरोपी ने उसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया था. घटना के बाद से राजस्थान पुलिस पर लापरवाही के आरोप लगते रहे हैं. घटना के 12 दिन बाद पुलिस आरोपियों को पकड़ने में सफल रही.
इतना ही नहीं मामले में एफआईआर दर्ज करने में पुलिस को तीन दिन का वक्त लग गया. पुलिस की लापरवाही पर तो सवाल उठते ही रहे साथ ही इसपर राजनीति भी होती रही है.
गैंगरेप के बाद राज्य की कांग्रेस सरकार बीजेपी के निशाने पर है. बीजेपी ने मामले की जांच में लापरवाही बरतने को लेकर राजस्थान सरकार पर सवाल उठा चुकी है. बीजेपी सांसद और केंद्रीय मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने कहा था कि यह गंभीर मामला है, लोग जानना चाहते हैं कि राज्य में लोकसभा चुनाव के दौरान किसने इस मामले को दबाने के निर्देश दिए.
भीम आर्मी के नेता चंद्रशेखर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के मैदान में भी कूद पड़े. उन्होंने दलित महिला के साथ गैंगरेप करने वाले आरोपियों का सामाजिक बहिष्कार करने की मांग के साथ ही मामले की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की भी मांग उठाई.
उधर विपक्ष के कड़े तेवर और लोगों के गुस्से के बाद राजस्थान सरकार हरकत में आई. मामले पर लापरवाही बरतने को लेकर राजस्थान सरकार ने जांच के आदेश दिए. इसमें एसपी से लेकर थानेदार तक सब की जांच की जाएगी. जांच के बाद प्रशासन को 10 दिनों के अंदर रिपोर्ट सौंपनी होगी.