लोकसभा चुनाव 2018 के तहत राजस्थान की बाड़मेर लोकसभा सीट पर बीजेपी उम्मीदवार कैलाश चौधरी ने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी कांग्रेस के मानवेंद्र सिंह को 323808 वोट से हराया. इस सीट से भारतीय जनता पार्टी के कैलाश चौधरी 846526 वोट मिले. वहीं कांग्रेस के मानवेंद्र सिंह 522718 वोटों के साथ दूसरे, 18996 वोटों के साथ नोटा तीसरे और बहुजन मुक्ति पार्टी के रमेश कुमार 16699 वोटों के साथ चौथे पायदान पर हैं.
कब और कितनी हुई वोटिंगबाड़मेर लोकसभा सीट पर चौथे चरण (29 अप्रैल) के तहत वोटिंग हुई है. इस सीट पर कुल मतदान 73.12 फीसदी रिकॉर्ड दर्ज किया गया. इस संसदीय सीट पर 1939019 मतदाता हैं जिसमें 1031188 पुरुष और 907818 महिला मतदाता शामिल हैं. 1939019 मतदाताओं में से 1417817 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया.
कौन-कौन थे प्रमुख उम्मीदवार
बाड़मेर लोकसभा सीट से 9 उम्मीदवार मैदान में थे, लेकिन मुख्य मुकाबला भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और कांग्रेस के बीच रहा. बीजेपी ने यहां से कैलाश चौधरी को अपना उम्मीदवार बनाया, जबकि कांग्रेस की तरफ से पूर्व केंद्रीय मंत्री जसवंत सिंह के बेटे मानवेंद्र सिंह को मैदान में उतारा. मानवेंद्र सिंह कुछ महीने पहले ही बीजेपी छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए थे. इनके अलावा बहुजन मुक्ति पार्टी ने रमेश कुमार को टिकट दिया, जबकि चार निर्दलीय उम्मीदवार भी चुनावी मैदान में थे.
2014 का चुनाव
साल 2014 के लोकसभा चुनाव में बाड़मेर संसदीय सीट पर 72.56 फीसदी मतदान हुआ था जिसमें बीजेपी को 40.09 और कांग्रेस को 18.12 फीसदी वोट पड़े थे. कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए कर्नल सोनाराम चौधरी ने निर्दलीय उम्मीदवार और पूर्व केंद्रीय मंत्री जसवंत सिंह को 87,461 मतों से पराजित किया. बीजेपी के कर्नल सोनाराम को 4,88,747 और जसवंत सिंह को 4,01,286 वोट मिले थे. जबकि 2,20,881 मतों के साथ कांग्रेस सांसद हरीश चौधरी तीसरे स्थान पर रहे.
सामाजिक ताना-बाना
बाड़मेर संसदीय सीट की बात करें तो यह सामान्य सीट है. इसमें बाड़मेर की सात और जैसलमेर की एक विधानसभा सीट शामिल है. साल 2011 की जनगणना के अनुसार यहां की आबादी 2970008 है जिसका 91.67 प्रतिशत ग्रामीण और 8.33 प्रतिशत हिस्सा शहरी है. जबकि कुल आबादी का 16.59 फीसदी अनुसूचित जाति और 6.77 फीसदी अनुसूचित जनजाति हैं. बाड़मेर लोकसभा सीट पर करीब 17 लाख मतदाताओं में से 3.5 लाख जाट, 2.5 लाख राजपूत, 4 लाख एससी-एसटी, 3 लाख अल्पसंख्यक और शेष अन्य जातियों के मतदाता हैं.
सीट का इतिहास
बाड़मेर लोकसभा सीट पर 1957 से हुए कुल 15 लोकसभा चुनाव में 9 बार कांग्रेस का कब्जा रहा, जबकि 2 बार बीजेपी, 1 बार निर्दलीय, 1 बार बीएलडी, 1 बार आरआरपी और 1 बार जनता दल ने जीत हासिल की है. कांग्रेस के टिकट पर कर्नल सोनाराम ने 1996-2004 तक लगातार तीन बार इस सीट का प्रतिनिधित्व किया, लेकिन 2014 में वह बीजेपी के टिकट पर सांसद बने.
बाड़मेर लोकसभा क्षेत्र में बाड़मेर की 7-शिव, बाड़मेर, वायतू, पचपदरा, सिवाना, गुढ़ामालानी चौहटन और जैसलमेर विधानसभा सीट शामिल हैं. दिसंबर 2018 में हुए विधानसभा चुनाव में सिवाना सीट छोड़कर कांग्रेस ने सभी सीटों पर कब्जा जमाया. वहीं बीजेपी के मौजूदा सांसद कर्नल सोनाराम बाड़मेर विधानसभा सीट पर कांग्रेस विधायक मेवाराम जैन से 30000 मतों के भारी अंतर से पराजित हो गए. जबकि 2013 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने बाड़मेर छोड़ सभी सीटों पर जीत दर्ज की थी.
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