बिहार के नवादा सीट से बेगूसराय भेजे गए केंद्रीय मंत्री और बिहार बीजेपी के फायर ब्रांड नेता गिरिराज सिंह ने अपना दर्द आजतक के साथ साझा किया है. केंद्रीय मंत्री ने कहा है कि वे यह जानना चाहते हैं कि सिर्फ उन्हीं की सीट क्यों बदली गई? गिरिराज सिंह ने कहा कि उन्हें दुख होता है कि जब उनसे पूछे बिना क्यों उनकी सीट बदल दी गई.
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह को इस बार पार्टी ने बिहार के बेगूसराय से टिकट दिया है. जबकि गिरिराज सिंह इस समय बिहार के नवादा से सांसद हैं. बिहार में एनडीए के बीच सीटों के तालमेल के बाद नवादा सीट लोक जन शक्ति पार्टी के खाते में चली गई है, लिहाजा बीजेपी नेतृत्व ने गिरिराज सिंह को अपेक्षाकृत कठिन सीट बेगूसराय भेज दिया है.आजतक के साथ खास बातचीत में गिरिराज सिंह ने कहा, "मेरी नाराजगी सिर्फ और सिर्फ बिहार बीजेपी के प्रदेश नेतृत्व से है, बिहार बीजेपी प्रदेश नेतृत्व मुझे सिर्फ ये बता दे कि मेरी सीट नवादा से बदलकर बेगूसराय क्यों कर दी गई है, किसी दूसरे सांसद या मंत्री की सीट नहीं बदली गई, सिर्फ मेरी ही सीट क्यों बदली गई सिर्फ इतना ही हमें प्रदेश नेतृत्व बता दे. दुख होता है जब मुझसे पूछे बिना और मुझे बताए बिना सीट बदल दी गई."
बिहार बीजेपी पर बरसते हुए गिरिराज सिंह ने कहा कि बीजेपी प्रदेश नेतृत्व ने उनके स्वाभिमान को ठेस पहुंचाई है और वे अपने स्वाभिमान के साथ समझौता नहीं करते हैं. बेगूसराय में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह का मुकाबला रोमांचक और कठिन रहने की उम्मीद है. भूमिहार बहुल इस सीट से जेएनयू के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष और सीपीआई कैंडिडेट कन्हैया कुमार मैदान में हैं तो वहीं राष्ट्रीय जनता दल भी इस सीट से तनवीर हसन को मैदान में उतारने वाला है. तनवीर 2014 में इस सीट पर दूसरे नंबर पर रहे थे. वे लगभग 60 हजार वोट से बीजेपी के भोला सिंह से हारे थे.
गिरिराज सिंह ने कहा कि उनकी नाराजगी न तो बेगूसराय से है और न ही वहां की जनता से. उन्होंने कहा, "मैं 1996 से बेगूसराय से चुनाव लड़ना चाहता हूं, 2014 के चुनाव में मुझे कहा गया था कि भोला सिंह अपना अंतिम चुनाव बेगूसराय से लड़ना चाहते हैं." उन्होंने कहा कि उनकी नाराजगी अपने घर से है न कि किसी दूसरे दल से. बिहार बीजेपी पर तंज कसते हुए गिरिराज सिंह ने कहा कि भले ही आज लोग बड़े नेता बन गए हैं लेकिन वे तब से बीजेपी के कार्यकर्ता हैं जब बीजेपी दफ्तर में दरी बिछाने के लिए लोग नहीं मिलते थे. बता दें कि बेगूसराय में मतदान 29 अप्रैल को है.