scorecardresearch
 

गाजियाबाद में मतदान खत्म, 57.6 % लोगों ने डाले वोट

गाजियाबाद हाईप्रोफाइल लोकसभा सीट पर मतदान संपन्न हो गया है. यहां से बीजेपी ने मौजूदा सांसद वीके सिंह मैदान में हैं. जबकि सपा-बसपा गठबंधन ने नामांकन से ठीक पहले उम्मीदवार बदल दिया था. पहले गठबंधन ने सुरेंद्र कुमार मुन्नी को उम्मीदवार बनाया था, लेकिन बाद में सुरेश बंसल को मैदान में उतारा है. यहां बीजेपी और गठबंधन के बीच तगड़ा मुकाबला है.

Advertisement
X
गाजियाबाद सीट पर बीजेपी और गठबंधन के बीच मुकाबला (Photo: Getty)
गाजियाबाद सीट पर बीजेपी और गठबंधन के बीच मुकाबला (Photo: Getty)

Advertisement

गाजियाबाद हाईप्रोफाइल लोकसभा सीट पर मतदान संपन्न हो गया है. यहां से बीजेपी ने मौजूदा सांसद वीके सिंह मैदान में हैं. जबकि सपा-बसपा गठबंधन ने नामांकन से ठीक पहले उम्मीदवार बदल दिया था. पहले गठबंधन ने सुरेंद्र कुमार मुन्नी को उम्मीदवार बनाया था, लेकिन बाद में सुरेश बंसल को मैदान में उतारा है. यहां बीजेपी और गठबंधन के बीच तगड़ा मुकाबला है. गाजियाबाद में 57.6 फीसदी वोटिंग हुई है. यहां 23 मई को मतगणना होगी.  

गाजियाबाद लोकसभा सीट पर कुल 12 उम्मीदवार मैदान में हैं. बीजेपी की तरफ से वीके सिंह मोर्चा संभाले हुए हैं. जबकि सपा ने सुरेश बंसल पर दांव लगाया है, वहीं कांग्रेस ने ब्राह्मण उम्मीदवार के तौर पर डॉली शर्मा को उतारा है. 2014 के लोकसभा चुनाव में गाजियाबाद सीट पर 56.67 फीसदी वोटिंग हुई थी, जबकि 2009 में यहां पर 45.30 फीसद मतदान हुआ था. अगर नए वोटर की बात करें तो यहां इस बार तादाद 2,99,226 है.

Advertisement

UPDATES...

- चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक गाजियाबाद में 57.6 फीसदी मतदान हुआ.

गाजियाबाद में दोपहर 3 बजे तक सबसे कम वोटिंग, चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक 3 बजे तक 47 फीसदी मतदान दर्ज. 

- गाजियाबाद में दोपहर एक बजे तक 30 फीसदी मतदान.

- चुनाव आयोग के मुताबिक 11 बजे तक 22.40 फीसदी मतदान.

- गाजियाबाद में सुबह 9 बजे तक 12 फीसदी.

लोकसभा चुनाव 2019 LIVE: अबकी बार किसकी सरकार? 91 सीटों के लिए वोटिंग, बूथों पर लंबी कतार

यह सीट 2008 में हुए परिसीमन के बाद ही अस्तित्व में आई. इस सीट पर अबतक दो बार 2009 और 2014 में लोकसभा चुनाव हुए हैं और दोनों बार बीजेपी ने बाजी मारी है. इससे पहले यह संसदीय क्षेत्र हापुड़ लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा था.

मुकाबला रोचक

जिस तरह से गाजियाबाद लोकसभा सीट पर तीनों पार्टियों से उम्मीदवार उतारे हैं, इस लिहाज से यहां त्रिकोणीय और दिलचस्प मुकाबला देखने को मिलेगा. पिछले लोकसभा चुनाव में जनरल वीके सिंह ने कांग्रेस के राजबब्बर को करीब 5 लाख मतों से हराया था. जातीय समीकरण के लिहाज से बीजेपी और सपा दोनों के लिए ये सीट काफी चुनौती भरी है.

बता दें, साल 2009 में यहां बीजेपी से राजनाथ सिंह जीते थे, वहीं साल 2014 में यहां वीके सिंह जीते. लोकसभा चुनाव 2014 में गाजियाबाद के 7 लाख 82 हजार 170 पुरुष मतदाता और 5 लाख 60 हजार 150 महिलाओं ने मतदान किया था.

Advertisement

यूपी-उत्तराखंड वोटिंग LIVE: 13 सीटों पर मतदान, हरीश रावत ने डाला वोट

गाजियाबाद लोकसभा सीट का इतिहास

गाजियाबाद लोकसभा सीट पर पहली बार 2009 में जब चुनाव हुए तो बीजेपी के दिग्गज नेता राजनाथ सिंह बड़े अंतर से जीते थे. लेकिन 2014 में राजनाथ सिंह लखनऊ चले गए और यह सीट वीके सिंह को मिली. अब एक बार फिर 2019 में पार्टी ने वीके सिंह पर दांव लगाया है. वोटरों की संख्या के हिसाब से देखें तो गाजियाबाद प्रदेश की बड़ी लोकसभा सीटों में से गिनी जाती है. 2014 में यहां करीब 23 लाख से अधिक वोटर थे, इनमें 13 लाख पुरुष और 10 लाख महिला वोटर रहीं.

गाजियाबाद में मुस्लिम जनसंख्या भी 25 फीसदी से अधिक है, ऐसे में मुस्लिम वोटरों का भी काफी गहरा प्रभाव है. गाजियाबाद लोकसभा क्षेत्र में कुल 5 विधानसभा सीटें आती हैं. इसमें लोनी, मुरादनगर, साहिबाबाद, गाजियाबाद और धोलाना जैसी सीटें शामिल हैं. 2017 में हुए विधानसभा चुनाव में इनमें से सिर्फ धोलाना सीट बहुजन समाज पार्टी के खाते में गई थी, जबकि अन्य सभी 4 सीटों पर भारतीय जनता पार्टी का कब्जा था.

2014 लोकसभा चुनाव के नतीजे

जनरल वीके सिंह, भारतीय जनता पार्टी, कुल वोट मिले 758,482, 56.5%

राज बब्बर, कांग्रेस, कुल वोट मिले 191,222, 14.2%

Advertisement

मुकुल, बहुजन समाज पार्टी, कुल वोट मिले 173,085, 12.9%

सांसद वीके सिंह के बारे में

सेना प्रमुख रह चुके वीके सिंह ने 2014 में लोकसभा चुनाव से पहले ही भारतीय जनता पार्टी में एंट्री मारी थी. 2010 से लेकर 2012 तक वह सेना प्रमुख रहे, हालांकि यूपीए सरकार के आखिरी दिनों में उनकी उम्र को लेकर काफी बड़ा विवाद छिड़ा था. 2014 में गाजियाबाद से बड़ी जीत हासिल करने का ईनाम वीके सिंह को केंद्र सरकार में मंत्री बनकर मिला.

वीके सिंह की राजनीतिक पारी

2014 से ही वह विदेश राज्य मंत्री के पद पर हैं, सीरिया-इराक जैसे देशों में मुश्किल समय में भारतीयों को निकालने में वीके सिंह ने काफी अहम भूमिका निभाई थी. मंत्री पद पर रहने के बाद वीके सिंह अपने बयानों के कारण चर्चा में रहे थे. ADR की रिपोर्ट के मुताबिक, वीके सिंह के पास 4 करोड़ से अधिक की संपत्ति है. अगर 16वीं लोकसभा में उनके प्रदर्शन को देखें तो उन्होंने 40 से अधिक बहस में हिस्सा लिया है. सांसद निधि के तहत मिलने वाले 25 करोड़ रुपये के फंड में से उन्होंने कुल 85 फीसदी रकम खर्च की.

चुनाव की हर ख़बर मिलेगी सीधे आपके इनबॉक्स में. आम चुनाव की ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए सब्सक्राइब करें आजतक का इलेक्शन स्पेशल न्यूज़लेटर

Advertisement
Advertisement