बिहार की सुपौल लोकसभा सीट पर मंगलवार को 20 प्रत्याशियों की किस्मत ईवीएम में कैद हो गई. सुपौल लोकसभा सीट पर इस बार कांग्रेस और जेडीयू के बीच कांटे का मुकाबला है. कांग्रेस की प्रवक्ता रंजीता रंजन फिर से सुपौल में चुनावी मैदान में उतरी है तो वहीं जेडीयू की ओर से दिलेश्वर कमैत एक बार फिर उन्हें चुनौती देते नजर आ रहे हैं. इस बार यहां सीधा मुकाबला कांग्रेस और बीजेपी गठबंधनों के बीच में है. बहुजन समाज पार्टी, राष्ट्रवादी जनता पार्टी, जय हिंद पार्टी, बिहार लोक निर्माण दल, वंचित समाज पार्टी, जम्मू एंड कश्मीर नेशनल पैंथर्स पार्टी, लोक सेवा दल, शिवसेना, आम जनता पार्टी राष्ट्रीय, जन अधिकार पार्टी, हिंद साम्राज्य पार्टी जैसे दलों के साथ 7 निर्दलीय भी चुनाव मैदान में हैं.
लोकसभा चुनाव अपडेट्स
- सुपौल लोकसभा सीट पर मंगलवार को 62.78 प्रतिशत मतदान रिकॉर्ड किया है. 2014 में इस सीट पर 62.20 फीसदी वोटिंग हुई थी. मंगलवार को बिहार में मतदान का प्रतिशत 59.97 रहा था. मतदान को लेकर यहां पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे.
- 3 बजे तक बिहार में 46.94 फीसदी मतदान हो चुका है.
Estimated voter turnout till now for the 3rd phase of the #LokSabhaElections2019 is 51.15%. Voting for 116 parliamentary constituencies across 13 states and 2 union territories is being held today. pic.twitter.com/mV9g0JmSq1
— ANI (@ANI) April 23, 2019
- दोपहर 1 बजे तक सुपौल में 38.66 फीसदी मतदान हो चुका है. वहीं देश में तीसरे चरण में कराए जा रहे मतदान में 117 संसदीय सीटों पर अब तक 37.89 फीसदी मतदान हो चुका है.
-सुबह 9 बजे तक सुपौल में 8.30 फीसदी मतदान हो चुका है.
प्रचार के दौरान ऐसा रहा माहौल
28 मार्च को इस सीट पर नॉमिनेशन भरने के बाद से इलाके में राजनीतिक दलों का प्रचार शुरू हो गया था. अपने प्रत्याशियों को जिताने के लिए राजनीतिक दलों के दिग्गजों ने रैली और सभाओं को आयोजन किया. मतदान से 48 घंटे पहले चुनाव प्रचार थमा तो प्रत्याशियों ने घर-घर जाकर संपर्क किया. प्रत्याशियों की मेहनत क्या रंग लाती है, ये तो 23 मई को पता लगेगा. बहरहाल, आज प्रत्याशियों की किस्मत ईवीएम में कैद हो रही है.
बता दें कि देश में 17वीं लोकसभा के लिए 543 लोकसभा सीटों के लिए मतदान होना है. मतदान सात चरणों में होना है. इसी कड़ी में बिहार की 40 सीटों में से 5 सीटों पर 23 अप्रैल को तीसरे फेज में मतदान हो रहा है. बता दें कि 10 मार्च को लोकसभा चुनाव 2019 की घोषणा हुई थी. 28 मार्च को इस सीट के लिए नोटिफिकेशन निकला, 4 अप्रैल को नॉमिनेशन की अंतिम तारीख और 5 अप्रैल को उम्मीदवारों द्वारा दिए गए शपथपत्रों की स्क्रूटनी हुई. नाम वापिसी की अंतिम तारीख 8 अप्रैल थी. आज 23 अप्रैल मंगलवार को इस सीट पर मतदान हो रहा है. लोकसभा चुनाव 2019 के तीसरे चरण में 14 राज्यों की 117 लोकसभा सीटों पर मतदान हो रहा है. जनता ने किसको सिर पर बैठाया और किसको जमीन पर पटका?, इसका पता 23 मई को मतगणना के बाद पता चलेगा.
सुपौल बिहार की एक हाईप्रोफाइल लोकसभा सीट है. सुपौल सहरसा जिले से 14 मार्च 1991 को विभाजित होकर अलग जिले के रूप में अस्तित्व में आया. सहरसा फारबिसगंज रेलखंड पर स्थित है सुपौल. सांस्कृतिक रूप से यह काफी समृद्ध जिला है. नेपाल से करीब होने के कारण यह सामरिक रूप से भी काफी महत्त्वपूर्ण है. सुपौल से वर्तमान सांसद हैं कांग्रेस की प्रवक्ता रंजीत रंजन जो मधेपुरा से सांसद और जन अधिकार पार्टी के नेता पप्पू यादव की पत्नी हैं.
क्षेत्रफल के आधार पर यह कोसी प्रमंडल का सबसे बड़ा जिला है. वीरपुर, त्रिवेणीगंज, निर्मली, सुपौल इसके अनुमंडल हैं. लोकगायिका शारदा सिन्हा एवं स्व. पंडित ललित नारायण मिश्र इसी इलाके से आते हैं. सुपौल प्राचीन काल में मिथिला राज्य का हिस्सा था. बाद में मगध तथा मुगल सम्राटों ने भी यहां राज किया. सुपौल को 1991 में जिला बनाया गया.
राजनीतिक पृष्ठभूमि
परिसीमन के बाद 2008 में सुपौल लोकसभा सीट अलग से अस्तित्व में आई. 2009 के चुनाव में यहां से जेडीयू के विश्व मोहन कुमार सांसद बने. 2009 के चुनाव में रंजीत रंजन ने सुपौल सीट से अपनी किस्मत आजमाई थीं. लेकिन तब रंजीत रंजन जेडीयू के विश्व मोहन कुमार से डेढ लाख वोटों से हार गई थीं. लेकिन 2014 का चुनाव रंजीत रंजन ने कांग्रेस के टिकट पर सुपौल सीट से लड़ा. मोदी लहर के बावजूद इस बार रंजीत रंजन ने 60000 वोटों से जेडीयू के उम्मीदवार दिलेश्वर कमैत को हरा दिया और लोकसभा पहुंचीं.
इस सीट का समीकरण
सुपौल उत्तर में नेपाल, दक्षिण में मधेपुरा, पश्चिम में मधुबनी और पूर्व में अररिया जिले से घिरा हुआ है. यह इलाका कोसी नदी के पानी से हर साल आने वाले बाढ़ से प्रभावित होता रहता है. इस इलाके में बाढ़ और रोजगार के लिए पलायन सबसे बड़ी समस्या है. इस संसदीय क्षेत्र में वोटरों की संख्या 1,279,549 है. जिसमें से 672,904 पुरुष वोटर और 606,645 महिला वोटर हैं.
विधानसभा सीटों का समीकरण
सुपौल लोकसभा सीट के तहत विधानसभा की 5 सीटें आती हैं- निर्मली, पिपरा, सुपौल, त्रिवेणीगंज और छत्तापुर. 2015 के बिहार विधानसभा चुनाव में इन 5 सीटों में 3 जेडीयू, 1 आरजेडी और एक सीट जीतने में बीजेपी कामयाब रही.
2014 चुनाव का जनादेश
2014 के लोकसभा चुनाव में विजयी उम्मीदवार कांग्रेस की रंजीत रंजन को 332927 वोट हासिल हुए. नंबर दो पर रहे जेडीयू के दिलेश्वर कमैत जिन्हें 273255 वोट मिले. तीसरे स्थान पर रहे बीजेपी के उम्मीदवार कामेश्वर चौपाल को 249693 वोट मिले.
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