बिहार का जमुई जिला मुंगेर प्रमंडल का एक प्रमुख केंद्र है. ये जिला ऐतिहासिक और धार्मिक दृष्टि से भी काफी प्रसिद्ध है. कहा जाता है कि जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर ने इसी जिले के उज्जिहवलिया नदी के तट पर स्थित जूम्भिकग्राम में दिव्य ज्ञान प्राप्त किया था. जमुई का ऐतिहासिक महत्व गुप्त, पाल और चन्देल शासकों से भी जुड़ा हुआ है. इस स्थान का संबंध महाभारत काल से भी जोड़ा जाता है. जमुई पटना से करीब 161 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है.
जमुई लोकसभा सीट सुरक्षित सीट है. 2014 में यहां से सांसद चुने गए एलजेपी के चिराग पासवान. चिराग पासवान रामविलास पासवान के बेटे हैं. चिराग ने फिल्म इंडस्ट्री छोड़ युवा काल में सियासत में कदम रखा और जमुई से जीतकर लोकसभा पहुंचे.
राजनीतिक पृष्ठभूमि
जमुई लोकसभा सीट तीन जिलों जमुई, मुंगेर और शेखपुरा के इलाकों को मिलाकर बना है. इसलिए समय-समय पर परिसीमन के साथ ही इस सीट का अस्तित्व भी बनते-बिगड़ते रहा है. जमुई सीट पर पहली बार 1962 में चुनाव हुआ था. 1962 और 1967 के चुनाव में जमुई सीट पर कांग्रेस जीती. इसके बाद 1971 में सीपीआई के भोला मांझी यहां से चुनाव जीतने में कामयाब रहे. फिर इस सीट के इलाके अलग-अलग सीटों में शामिल कर लिए गए. इसके बाद 2002 के परिसीमन के बाद 2008 में जमुई सीट फिर से अस्तित्व में आई. 2009 के चुनाव में जेडीयू के भूदेव चौधरी ने आरजेडी के श्याम रजक को 30 हजार वोटों से हराया. 2014 के चुनाव में बीजेपी की सहयोगी एलजेपी के चिराग पासवान ने आरजेडी के सुधांशु शेखर भास्कर को हराया.
जमुई सीट का समीकरण
जमुई सुरक्षित सीट पर वोटरों की कुल संख्या 1,404,016 है. इसमें से महिला मतदाता 651,501 हैं जबकि 752,515 पुरुष मतदाता हैं.
विधानसभा सीटों का समीकरण
जमुई संसदीय क्षेत्र के तहत विधानसभा की 6 सीटें आती हैं- तारापुर, शेखपुरा, सिकंदरा, जमुई, झांझा और चकई. इनमें से 4 विधानसभा सीटें जमुई जिले में आती हैं. जबकि एक मुंगेर और एक शेखपुरा जिले में. 2015 के बिहार विधानसभा चुनाव में इन 6 सीटों में से 2-2 सीटें जेडीयू-आरजेडी के खाते में जबकि 1-1 सीट बीजेपी और कांग्रेस के खाते में गई थी.
2014 चुनाव का जनादेश
2014 के लोकसभा चुनाव में जमुई (सुरक्षित) सीट से एलजेपी उम्मीदवार और रामविलास पासवान के बेटे चिराग पासवान ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी और आरजेडी उम्मीदवार सुधांशु शेखर भास्कर को 85,947 मतों से पराजित किया था. एक्टिंग छोड़ सियासत में उतरे चिराग पासवान को 2,85,352 वोट मिले, जबकि आरजेडी के सुधांशु शेखर भास्कर को 1,99,407 वोट. वहीं जेडीयू उम्मीदवार तथा बिहार के पूर्व विधानसभा अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी 1,98,599 वोट हासिल कर तीसरे स्थान पर रहे.
सांसद का रिपोर्ट कार्ड
जमुई से 2014 में चुनाव जीतकर सांसद बने चिराग पासवान. चिराग पासवान एलजेपी चीफ रामविलास पासवान के बेटे हैं. चिराग मुंबई की फिल्म इंडस्ट्री में भी हाथ आजमा चुके हैं. एक्टर के बाद 2014 के चुनाव से चिराग ने सियासत में अपनी नई पारी की शुरुआत की और जमुई से जीतकर 16वीं लोकसभा के सदस्य बने. चिराग पासवान ने कंप्यूटर साइंस में बी-टेक तक की पढ़ाई की है. 16वीं लोकसभा के दौरान चिराग पासवान ने 18 बहसों में हिस्सा लिया. विभिन्न मुद्दों से जुड़े 81 सवाल उन्होंने संसद के पटल पर पूछे.