मधु कोड़ा झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और राज्य में कांग्रेस के बड़े नेता हैं. मधु कोड़ा यूपीए गठबंधन के दौरान राज्य में 2006 से 2008 के बीच मुख्यमंत्री भी रहे थे. अक्सर चर्चा में रहने वाले मधु कोड़ा का नाम कोयला घोटाले में भी आया था और 2017 में एक अदालत ने उन्हें तीन साल जेल और 25 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी.
छात्र राजनीति से आरएसएस और फिर राजनीति का सफर
मधु कोड़ा के राजनीतिक सफर की शुरुआत छात्र राजनीति से हुई थी. वह ऑल झारखंड स्टूडेंट यूनियन में सक्रिय रहे थे. इसके बाद कोड़ा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से भी जुड़े रहे. इससे पहले उन्होंने बतौर ठेका मजदूर भी काम किया. इस दौरान मधु कोड़ा मजदूर यूनियन के नेता भी बने. इस बीच मधु कोड़ा झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी के संपर्क में आए और सन 2000 में पहली बार बीजेपी के टिकट पर जगन्नाथपुर से विधायक बने. झारखंड के अस्तित्व में आने के बाद वह बीजेपी की अगुवाई वाली बाबू लाल मरांडी सरकार में स्वतंत्र प्रभार के मंत्री भी रहे.
मधु कोड़ा का जन्म झारखंड के सिंहभूम में हुआ था. उनके पिता रसिका कोड़ा एक आदिवासी किसान और खनन मजदूर रहे हैं. मधु कोड़ा ने इग्नू के भुवनेश्वर केंद्र से स्नातक की पढ़ाई की. अपनी एक एकड़ जमीन पर वे खेती करते थे. खबरों के मुताबिक उनका सपना था कि उनका बेटा पुलिस में भर्ती हो और एक सम्मानजनक नौकरी करे. मधु कोड़ा की पत्नी गीता कोड़ा भी राजनीति में हैं और जगन्नाथपुर से विधायक हैं. गीता कोड़ा भी फिलहाल कांग्रेस में हैं. मधु कोड़ा ने अपनी पार्टी का कांग्रेस में विलय कर लिया था.
निर्दलीय विधायक रहते हुए CM बनने वाले तीसरे नेता
मधु कोड़ा निर्दलीय विधायक रहते हुए मुख्यमंत्री बनने वाले भारत के तीसरे नेता थे. मधु कोड़ा भारत के किसी भी राज्य में निर्दलीय विधायक के रूप में 23 महीने के लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने वाले पहले मुख्यमंत्री रहे.उन्होंने अपनी पत्नी गीता कोड़ा के साथ कुछ समय पहले ही कांग्रेस का हाथ थामा है.
बीजेपी से नहीं मिला टिकट तो निर्दलीय लड़े
साल 2005 में बीजेपी की ओर से टिकट नहीं मिलने पर उन्होंने निर्दलीय के तौर पर चुनाव लड़ा और जीतकर विधायक बने. 2006 में बाबूलाल मरांडी की सरकार अल्पमत में आने के बाद कांग्रेस के नेतृत्व में संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन और तीन निर्दलीय विधायकों के समर्थन से मधु कोड़ा झारखंड के 5वें मुख्यमंत्री बने. इससे पहले मधु कोड़ा बाबूलाल मरांडी और अर्जुन मुंडा सरकार में दो बार मंत्री भी रह चुके हैं.
2009 में अलग पार्टी बनाकर लड़ा था चुनाव
2009 लोकसभा चुनावों में मधु कोड़ा ने अपनी पार्टी बनाकर चुनाव लड़ा था. तब उन्हें झारखंड के चाईबासा सीट से जीत मिली थी. इसी साल उनकी पत्नी को विधानसभा चुनावों में जगन्नाथपुरम सीट से जीत मिली थी. इस बार कांगेस ने चाईबासा से गीतो कोड़ा को अपना उम्मीदवार बनाया है. मधु कोड़ा इस बार चुनाव मैदान में नहीं उतरेंगे.
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