अधिकतर भारतीयों का मानना है कि पाकिस्तान के बालाकोट में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के शिविरों को भारतीय वायुसेना के विमानों की ओर से उड़ाए जाने का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चुनाव में फायदा मिलेगा. ये निष्कर्ष एक्सिस माई इंडिया की ओर से इंडिया टुडे के लिए कराए गए पॉलिटिकल स्टॉक एक्सचेंज (PSE) का है.
PSE सर्वे में हिस्सा लेने वाले 68% प्रतिभागियों का मानना है कि मोदी को पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा सूबे में बालाकोट में की गई कार्रवाई का चुनाव में फायदा मिलने जा रहा है. हालांकि 13% प्रतिभागियों का मानना रहा कि इस हमले से मोदी को चुनावी लाभ नहीं मिलेगा. इस सवाल के जवाब में 19% प्रतिभागी कोई स्पष्ट राय नहीं व्यक्त कर सके.
मोदी को IAF से भी ज्यादा श्रेय
PSE सर्वे के मुताबिक बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी ठिकाने के सफाए के लिए 44% प्रतिभागी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को श्रेय देते हैं. वहीं भारतीय वायुसेना को इस कार्रवाई के लिए 40% प्रतिभागियों ने श्रेय दिया.
PSE सर्वे में 41% प्रतिभागियों ने कहा कि पुलवामा आंतकी हमले के जवाब में बालाकोट हमले जैसे और अधिक हमले किए जाने चाहिए. सर्वे में 33% प्रतिभागियों ने बालाकोट में भारतीय वायुसेना के विमानों की ओर से की गई कार्रवाई को पर्याप्त माना. इस सवाल के जवाब में 12% प्रतिभागी कोई स्पष्ट राय नहीं व्यक्त कर सके.
क्रिकेट और कूटनीतिक बातचीत को ना
सर्वे में 71% प्रतिभागियों ने कहा कि इस साल जून में होने वाले वर्ल्ड कप क्रिकेट मैच में भारत को पाकिस्तान के साथ नहीं खेलना चाहिए. वहीं 26% प्रतिभागियों के मुताबिक भारत को पाकिस्तान के साथ वर्ल्ड कप में मैच खेलना चाहिए.
पॉलिटिकल स्टॉक एक्सचेंज (PSE) सर्वे में 74% प्रतिभागियों ने कहा कि भारत को पाकिस्तान से कोई राजनीतिक/कूटनीतिक चर्चा नहीं करनी चाहिए. 23% प्रतिभागियों के मुताबिक भारत को पाकिस्तान के साथ ऐसी चर्चा करनी चाहिए. इस सवाल पर 3% प्रतिभागी साफ तौर पर कोई राय नहीं जता सके.
पुलवामा पर राजनीति
आतंकवाद और पुलवामा हमले को लेकर 24% प्रतिभागियों ने माना कि इस मुद्दे पर कांग्रेस राजनीति कर रही है. 17% प्रतिभागियों के मुताबिक बीजेपी इस मुद्दे पर राजनीति कर रही है. वहीं 11% प्रतिभागियों का कहना है कि पूरा विपक्ष इस मुद्दे पर राजनीति कर रहा है. टीएमसी, पीडीपी और नेशनल कॉन्फ्रेंस को भी 1-1 फीसदी प्रतिभागियों ने राजनीति करने के लिए जिम्मेदार माना. इस सवाल के जवाब में 45% प्रतिभागी कोई स्पष्ट राय नहीं जता सके.
अलगाववादी नेताओं की सुरक्षा वापस लेना सही कदम
PSE सर्वे में 69% प्रतिभागियों ने हुर्रियत और अलगाववादी कश्मीरी नेताओं (यासीन मलिक, सैयद अली शाह गिलानी, मीरवाइज उमर फ़ारूक़ आदि) से सुरक्षा वापस लिए जाने को सही कदम माना. वहीं 17% प्रतिभागियों ने सुरक्षा वापस लिए जाने को सही कदम नहीं माना.
जैश पर पाक सरकार की कार्रवाई महज़ दिखावा
जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के ख़िलाफ़ पाकिस्तान सरकार की कार्रवाई को सर्वे में 69% प्रतिभागियों ने महज एक दिखावा माना. 9% प्रतिभागियों ने कहा कि पाकिस्तान इन आतंकी संगठनों को असल में खत्म करना चाहता है. वहीं 8% प्रतिभागियों ने कहा कि पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय दबाव में ऐसी कार्रवाई की जा रही है. इस सवाल के जवाब में 19% प्रतिभागी कोई स्पष्ट राय नहीं व्यक्त कर सके.
PSE सर्वे 26 से 28 फरवरी के बीच देशभर में 26 राज्यों में किया गया. ये सर्वे टेलीफोन पर लिए गए साक्षात्कारों पर आधारित हैं. इस सर्वे में 12,815 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया.