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सासाराम लोकसभा: इस सीट पर छेदी पासवान का है दबदबा

पिछले लोकसभा चुनाव से ठीक पहले छेदी पासवान जदयू छोड़कर बीजेपी में शामिल हो गए और कांग्रेस प्रत्याशी मीरा कुमार को हराया.

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सासाराम के मौजूदा सांसद छेदी पासवान (इंडिया टुडे आर्काइव)
सासाराम के मौजूदा सांसद छेदी पासवान (इंडिया टुडे आर्काइव)

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सासाराम सुरक्षित संसदीय क्षेत्र है. कुल छह विधानसभा क्षेत्रों में तीन क्षेत्र कैमूर जिले के और तीन रोहतास जिले के हैं. इस संसदीय क्षेत्र में मोहनिया, भभुआ, चैनपुर, चेनारी, सासाराम और करगहर विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं. इनमें चेनारी और मोहनिया एससी सुरक्षित सीट हैं.  सासाराम संसदीय क्षेत्र में पहले सासाराम, चेनारी, मोहनिया, भभुआ, रामगढ़ और चैनपुर विधानसभा क्षेत्र आते थे. बाद में परिसीमन हुआ और रामगढ़ विधानसभा क्षेत्र बक्सर में चला गया. परिसीमन में ही सासाराम से दिनारा, चेनारी और मोहनिया विधानसभा क्षेत्र काटकर अलग करगहर विधानसभा क्षेत्र बनाया गया.

2014 चुनाव का ब्योरा

10 अप्रैल 2014 को इस सीट पर संसदीय चुनाव हुए थे. सासाराम संसदीय क्षेत्र में कुल 1607747 वोटर हैं. इनमें पुरुष वोटर 53.45 प्रतिशत और महिला 46.54 प्रतिशत हैं. सासाराम का सेक्स रेश्यो 871 है. इस चुनाव में कुल 847608 वोट पड़े थे. सासाराम में मतदान के लिए 1732 पोलिंग स्टेशन बनाए गए थे. वोटर टर्नआउट 52.72 प्रतिशत रहा था.

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2014 के चुनाव में टॉप 5 उम्मीदवार

2014 के चुनाव में बीजेपी प्रत्याशी छेदी पासवान ने जीत दर्ज की. उन्हें 366087 (43.23 प्रतिशत) वोट मिले थे. पासवान ने कांग्रेस की दिग्गज प्रत्याशी मीरा कुमार को हराया जिन्हें 302760 वोट मिले. उनका वोट प्रतिशत 35.75 था. तीसरे स्थान पर जेडीयू के कारा परसू रमैया रहे जिन्हें 93310 (11.02 प्रतिशत) वोट मिले. चौथे स्थान पर बीएसपी के बालेश्वर थे जिन्हें 31528 (3.72 प्रतिशत) वोट मिले थे. इस सीट पर आप की गीता आर्य ने भी ताल ठोका था जिन्हें 11005 (1.3 प्रतिशत) वोट मिले. इस सीट पर कुल 11 में 6 अन्य प्रत्याशी थे जिनके खाते में 42098 (4.97 प्रतिशत) वोट गए.

2014 का चुनाव परिणाम

पिछले लोकसभा चुनाव से ठीक पहले छेदी पासवान जदयू छोड़कर बीजेपी में शामिल हो गए और कांग्रेस प्रत्याशी मीरा कुमार को हराया. पासवान को 366087 (43.23 प्रतिशत) और कांग्रेस की मीरा कुमार को 302760 (35.75 प्रतिशत) वोट मिले. पासवान की जीत और मीरा कुमार की हार का अंतर 63327 (7.48 प्रतिशत) था. कांग्रेस, जदयू और आरजेडी जैसी पार्टियां बीजेपी का वोट न काट सकीं और पासवान आसानी से निकल गए.

छेदी पासवान का राजनीतिक ब्योरा

छेदी पासवान कई बार पार्टी बदल चुक हैं. वे सांसद होने के साथ ही बिहार में विधायक भी रह चुके हैं. 1985 में पहली बार वे चेनारी से लोकदल के टिकट पर चुनाव लड़े और विधायक बने. 1989 और 1991 में उन्होंने जनता दल के चुनाव चिन्ह पर किस्मत आजमाई और सांसद बने. हालांकि 1996 में बीजेपी के मुनि लाल ने उन्हें हरा दिया. फिर साल 2000 में वे आरजेडी के टिकट पर विधानसभा का चुनाव जीत गए. पासवान राबड़ी देवी और नीतीश सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं.

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पासवान का संसद में प्रदर्शन

62 साल के छेदी पासवान ने पोस्ट ग्रेजुएट की डिग्री ली है. तिसरी बार संसद पहुंचे पासवान केमिकल एवं फर्टिलाइजर स्टैंडिंग कमेटी के मेंबर हैं. संसद में उनकी हाजिरी 94 प्रतिशत रही है. उन्होंने 45 डिबेट में हिस्सा लिया है. अपने कुल डिबेट में उन्होंने 57 सवाल पूछे हैं. पासवान के खाते में एक भी प्राइवेट मेंबर बिल नहीं है.

इस संसदीय क्षेत्र के लिए सांसद निधि की राशि 25 करोड़ रुपए है. भारत सरकार ने सासाराम के लिए 25 करोड़ रुपए जारी भी किए. ब्याज सहित 29.54 करोड़ रुपए सांसद निधि के तहत मिले. इस क्षेत्र को सांसद निधि की राशि बढ़ाकर 34.19 करोड़ रुपए की सिफारिश की गई लेकिन 26.77 करोड़ की मंजूरी मिली. छेदी पासवान ने अपने संसदीय क्षेत्र में 26.05 करोड़ खर्च किए. कुल राशि का 104.19 प्रतिशत हिस्सा खर्च हुआ और साढ़े तीन प्रतिशत रकम बची रह गई.

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