चुनावी मौसम में नेताओं के बीच दल बदलने का दौर जारी है, राजनीतिक नफा-नुकसान के मद्देनजर नेता पार्टी तो क्या सगे संबंधियों से रिश्ता-नाता तोड़ने में भी संकोच नहीं कर रहे हैं. ऐसा ही एक मामला यूपी के बदायूं से सामने आया है.
बदायूं से समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद धर्मेंद्र यादव ने अपने सगे बहनोई अनुजेश प्रताप सिंह के भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में शामिल होने पर उनसे सभी रिश्ते तोड़ने की बात कही है. धर्मेंद्र यादव ने कहा, उन्हें पता चला है कि अनुजेश प्रताप सिंह 24 मार्च को बीजेपी में शामिल हुए हैं. ऐसे में मीडिया ने उनके बहनोई के बीजेपी में शामिल होने को लेकर सुर्खियां बनाई हैं.
सांसद धर्मेंद्र यादव ने साफ कहा कि बीजेपी के किसी भी नेता से उनका कभी भी कोई संबंध नहीं हो सकता. इसलिए अनुजेश प्रताप सिंह से भी अब उनका कोई रिश्ता नहीं है. धर्मेंद्र यादव ने निवेदन किया है कि अनुजेश प्रताप सिंह को उनका रिश्तेदार ना बताया जाए.
इससे साफ होता है कि राजनीति में अपने फायदे और नुकसान के लिए नेता अपने सगे रिश्तेदारों को छोड़ने में भी परहेज नहीं करते. गौरतलब है कि अनुजेश प्रताप सिंह यादव रविवार को आगरा में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की मौजूदगी में बीजेपी में शामिल हुए.