तमिलनाडु राज्य की अरानी सीट का गठन 2008 के परिसीमन के बाद हुआ. अरानी लोकसभा सीट चेन्नई के तिरुवल्लूर जिले के अतंर्गत आती है. इस सीट पर 2009 में पहली बार लोकसभा चुनाव हुआ, जिसमें कांग्रेस के एम. कृष्णासामी ने जीत हासिल की. लेकिन सीट पर दूसरी बार हुए चुनाव में एआईएडीएमके ने जीत पर जीत दर्ज करके सीट पर कब्जा किया.
राजनीतिक पृष्ठभूमि
अरानी संसदीय क्षेत्र में दो बार ही चुनाव हुए हैं, जिसमें एक बार भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) को जीत मिली तो वहीं एक बार ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (AIADMK) ने जीत दर्ज की है. इस सीट पर 2014 लोकसभा चुनाव में एआईएडीएमके के उम्मीदवार वी. एलुमलाई ने डीएमके उम्मीदवार को 2,43,844 वोटों से हराया था. 2014 के चुनाव में अरानी लोकसभा सीट पर 80.02 फीसदी वोटिंग हुई थी. जिसमें एआईएडीएमके को 45.87%, डीएमके को 23.62% और कांग्रेस को 2.53 फीसदी वोट मिले थे. वहीं 2009 में कांग्रेस उम्मीदवार ने एडीएमके प्रत्याशी को हराकर सीट पर पहली बार हुए चुनाव में जीत हासिल की थी.
सामाजिक ताना-बाना
2011 की जनगणना के मुताबिक अरानी संसदीय क्षेत्र की जनसंख्या 18,04,274 है. जिसमें से 83.5 फीसदी लोग ग्रामीण इलाके में रहते हैं, जबकि 16.5 फीसदी शहरी आबादी है. यहां अनुसूचित जाति (SC) की आबादी 23.16 फीसदी है तो वहीं अनुसूचित जनजाति (ST) की जनसंख्या 1.29 फीसदी है. 2016 की वोटर लिस्ट के अनुसार इस निर्वाचन क्षेत्र में 14,12,568 मतदाता हैं. वहीं 2014 लोकसभा चुनाव में इस सीट पर 13,69,668 में से 10,96,046 मतदाताओं ने वोट दिया था. जिसमें 80.13 फीसदी पुरुष और 79.92 फीसदी महिलाओं ने मतदान किया था. संसदीय क्षेत्र में कुल 80.02 प्रतिशत वोटिंग हुई थी. अरानी संसदीय क्षेत्र में छह विधानसभा सीटें आती हैं, जिसमें से एक सीट अनुसूचित जाति (SC) के लिए आरक्षित है. अरानी में आने वाली विधानसभा सीटों में पोलुर (Polur), अरानी (Arani), चेय्यर (Cheyyar), वंदवासी Vandavasi-SC), जिंजी (Gingee) और मैलम (Mailam) शामिल हैं.
2014 का जनादेश
2014 लोकसभा चुनाव में अरानी संसदीय क्षेत्र के सांसद वी. एलुमलाई ने 2,43,844 वोटों से जीत हासिल की थी. उनका सीधा मुकाबला डीएमके प्रत्याशी आर. सिवानंदम से थे. एआईएडीएमके प्रत्याशी वी. एलुमलाई को 13,69,668 में से 5,02,721 वोट मिले थे जबकि उनके प्रतिद्वंदी और डीएमके उम्मीदवार को 2,58,877 वोट मिले थे. वहीं पट्टाली मक्कल काची (पीएमके) को 2,53,332, कांग्रेस को 27,717 और बीएसपी को 5,573 वोट मिले थे. जबकि नोटा के हिस्से में सिर्फ 9,304 वोट आए थे. बता दें कि राज्य के 39 लोकसभा संसदीय क्षेत्रों में से 37 पर एआईएडीएमके का कब्जा है. तमिलनाडु राज्य में सत्तारूढ़ एआईएडीएमके के अलावा द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) दूसरी सबसे बड़ी पार्टी है.
सांसद का रिपोर्ट कार्ड
अरानी लोकसभा सीट के सांसद वी. एलुमलाई की उम्र 63 साल है. उन्होंने मद्रास लॉ कॉलेज से बी.कॉम, बी.एल. की डिग्री हासिल की और पेशे से एडवोकेट हैं. किताबें पढ़ने और सामाजिक कार्य करने में उनकी खास रूचि है. वह मुफ्त चिकित्सा शिविरों का आयोजन करते रहे हैं. वहीं संसद में प्रदर्शन की बात करें तो सदन में उनकी उपस्थिति अच्छी रही है. वह 279 दिन सदन में उपस्थित रहे यानी उनकी 86.92 फीसदी उपस्थिति दर्ज की गई. जबकि सवाल पूछने और डिबेट्स में शामिल होने के मामले में उनका प्रदर्शन खास नहीं रहा. उन्होंने सिर्फ 75 बहसों में हिस्सा लिया और महज 492 सवाल ही सदन में पूछे. संसदीय क्षेत्र में विकास की बात करें तो उन्होंने अपने कार्यकाल में प्राप्त राशि का 78.92 फीसदी धन खर्च कर दिया यानी उन्होंने कुल आवंटित राशि में से 19.73 करोड़ रुपये खर्च कर दिए. सांसद वी. एलुमलाई कई अन्य पदों पर कार्य कर चुके हैं. वह 2001 से 2006 तक राज्य विधानसभा, तमिलनाडु के सदस्य रहे. वहीं 2001 से 2002 कर तमिलनाडु विधानसभा में प्राक्कलन समिति के सदस्य रहे हैं. इसके अवाला 1 सितंबर 2014 से पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस संबंधी स्थायी समिति के सदस्य भी हैं.