लोकसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की ओर से जारी का गई उम्मीदवारों की लिस्ट में लालकृष्ण आडवाणी का टिकट काट दिया गया है. अब इसके बाद कोई आडवाणी का टिकट कटने के लिए उम्र को जिम्मेदार ठहरा रहा है तो कोई इसके लिए सफाई पेश कर रहा है. केंद्रीय मंत्री उमा भारती का कहना है कि आडवाणी जी का टिकट नहीं कटा है, इस बार उन्होंने भी चुनाव न लड़ने का मन बना लिया है. उमा भारती ने कहा कि इसका कारण यह है कि आडवाणी पहले भी कई बार चुनाव नहीं लड़े हैं. उन्होंने कहा कि आडवाणी जी को हम भुला ही नहीं सकते, 1984 में 2 सीटों से बीजेपी आज यहां तक पहुंची है तो आडवाणी जी के ही कारण ही यह मुमकिन हुआ है.
उमा भारती ने कहा कि अयोध्या आंदोलन का नेतृत्व आडवाणीजी ने किया, रथयात्रा आडवाणी जी ने निकाली, आज आडवाणी जी के कारण ही मोदी प्रधानमंत्री हैं. उनका सिर्फ योगदान ही नहीं है, उनका होना ही पार्टी के लिए बड़ी बात है. आज बीजेपी का यह अस्तित्व भी उनके ही कारण है.
केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने कहा कि यह बात गोवा से शुरू हुई, जब नरेंद्र मोदी को प्रचार समिति की कमान सौंपने की बात हुई थी और राजनाथ सिंह पार्टी अध्यक्ष बने थे और उस वक्त भी आडवाणी गोवा नहीं गए थे. इसके कारण चर्चाएं चलीं और उसे मोदी बनाम आडवाणी बना दिया गया था.
उमा भारती ने कहा कि वो बात आज तक खत्म नहीं हुई और उस बात को खत्म करने का एक ही तरीका है. आडवाणी जी से अपील करती हूं, वह खुलकर मोदीजी को आशीर्वाद दें और इन बातों को नकारें. बड़ों ने छोटों को सम्मान के साथ आगे बढ़ाया है, इस परंपरा को आडवाणीजी भी जानते हैं.
खुद के चुनाव न लड़ने की घोषणा पर उमा भारती ने कहा कि मैं गंगा के कारण, गंगा की पदयात्रा करना चाहती हूं, इसलिए मैं चुनाव नहीं लडूंगी. उन्होंने कहा कि मैं पहले ही कह चुकी हूं, झांसी से तो पहले से ज्यादा वोटों से जीतूंगी. उमा भारती ने दावा किया कि पार्टी के तरफ से उन्हें खुजराहो, तमिलनाडु, पंजाब और कई जगहों से चुनाव लड़ने के प्रस्ताव मिले लेकिन उन्हें चुनाव नहीं लड़ना. उनका कहना है कि वो लोकसभा चुनाव प्रचार में भाग लेंगी और संगठन में रह कर राजनीति करेंगी.
अमित शाह के गांधीनगर से चुनाव लड़ने पर उमा भारती ने कहा कि अमित शाह गांधीनगर से चुनाव लड़ रहे हैं बहुत अच्छी बात है. वो इसका स्वागत करती हैं. उनका मानना है कि इससे संतुलन बनेगा, गांधीनगर से आडवाणी जैसा ही व्यक्ति चुनाव लड़ रहा है, अमित शाह उसी राजनीतिक विरासत को संभाल रहे हैं जो अडवाणी जी करते थे.
प्रधानमंत्री मोदी पर उमा भारती ने कहा कि मोदी तो यूनिक है, वो अपने आप में संपूर्ण हैं, वह अकेले ही हैं, इसलिए जोड़ी की बात नहीं करती हूं. 75 वर्ष से ज्यादा उम्र के नेताओं को टिकट न देने के मुद्दे पर उमा भारती ने कहा कि मल्टीनेशनल कंपनियां तो रिटायर्ड लोगों को ही रखती हैं और उन्हें ही काम देती हैं. उमा भारती ने कहा कि सोना जितना पुराना होगा उसकी कीमत उतनी ही बढ़ती है. उनका कहना है कि वो इस बात को नहीं मानती लेकिन अगर पार्टी ऐसी बात कहती है तो यह गलत है. उमा भारती का मानना है कि आडवाणी उनसे ज्यादा फिट हैं.
उमा भारती ने प्रियंका गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि वो तब निकली, जब उनके पति बहुत बड़े आरोपों के दायरे में हैं और प्रियंका अपने पति को बचाने के लिए निकली हैं.
उत्तर प्रदेश में माया और अखिलेश की जोड़ी पर उमा भारती ने कहा कि सपा और बसपा के कार्यकर्ता एक-दूसरे को पसंद नहीं करते हैं. मायावती और मुलायम सिंह में टकराव के कारण जहां सपा के उम्मीदवार होंगे बीएसपी के लोग बीजेपी को वोट देंगे और जहां बसपा के उम्मीदवार होंगे सपा के लोग बीजेपी को वोट देंगे. उमा भारती का दावा है कि गठबंधन के होने से बीजेपी को फायदा मिलेगा और कांग्रेस की तो हवा पहले ही निकल चुकी है.