चुनाव आयोग ने 72 घंटे के लिए जुबान पर ताला लगाया तो भोपाल से बीजेपी टिकट पर चुनाव लड़ रहीं साध्वी प्रज्ञा ने पूजा पाठ का सहारा लिया. झाल मंजीरा बजाया. हनुमान चालीसा पढ़ा. गायों को चारा खिलाया. इसके साथ ही चुनाव आयोग से बैन की अवधि को कम करने की अपील भी कर दी, लेकिन उन्हें रियायत मिलेगी? इसकी उम्मीद कम है.
साध्वी की रिव्यू याचिका पर आज यानी शुक्रवार को चुनाव आयोग सुनवाई कर सकता है. इस बीच नजदीकी सूत्रों की मानें तो साध्वी प्रज्ञा आज भी मंदिर जा सकती हैं और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के स्वास्थ्य की जानकारी लेने जा सकती हैं. हालांकि आधिकारिक कार्यक्रम माना जा रहा है अब शुक्रवार सुबह ही तय होगा.
साध्वी पर क्यों लगा बैन
आतंकवाद की आरोपी साध्वी प्रज्ञा ने पाकिस्तान से आए आतंकियों से लोहा लेते हुए अपनी शहादत देने वाले हेमंत करकरे पर अपमानजनक टिप्पणी की थी. इतना ही नहीं बीच चुनाव में साध्वी प्रज्ञा अपनी बहादुरी को बाबरी मस्जिद की आखिरी गुंबद को तोड़ने तक ले गई थीं. इन दो बयानों का चुनाव आयोग ने नोटिस लिया और साध्वी प्रज्ञा पर 72 घंटे के लिए चुनाव प्रचार पर पाबंदी लगा दी, जिसका समय शुरु हुआ गुरुवार सुबह 6 बजे से.
Congress Bhopal candidate Digvijaya Singh: BJP couldn't find a single member from their party who could fight me? So they got Sadhvi ji. Good, I welcome her. EC has barred her for 3 days from campaigning, though we want to her campaign and keep giving statements, it helps us. pic.twitter.com/ETXsqwXp5R
— ANI (@ANI) May 2, 2019
साध्वी प्रज्ञा भी कहां शांत बैठने वाली थीं गुरुवार सुबह करीब 10 बजे वह भजन मंडली के साथ दुर्गा मंदिर पहुंच गईं. पहले मां दुर्गा की पूजा की. ध्यान लगाया. हनुमान चालीसा पाठ किया. साध्वी उसी तरह भक्ति में जुट गईं जिस तरह चुनाव आयोग ने अली-बजरंगबली वाले बयान पर योगी पर बैन लगाया था तो योगी बजरंगबली की शरण में चले गए थे.
वहीं, साध्वी ने गुरुवार शाम को भोपाल के शौर्य स्मारक जाकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी. देश के सैनिकों को समर्पित शौर्य स्मारक में जाकर साध्वी ने सैनिकों के अदम्य साहस की कहानियां देखीं और उनके बलिदान को नमन किया.इस दौरान साध्वी ने अमर जवान ज्योति पर जाकर शहीदों को सलाम भी किया.
रियायत मिलने की उम्मीद कम
इस बीच साध्वी प्रज्ञा ने चुनाव आयोग से बैन की अवधि को 12 घंटे करने की अपील की. अपनी रिव्यू याचिका में साध्वी ने कहा कि अब वह ऐसा कोई बयान नहीं देंगी, जिससे आचार संहिता का उल्लंघन हो. हालांकि, चुनाव आयोग ने उनके रिव्यू याचिका पर अभी तक कोई जवाब नहीं दिया है, लेकिन माना जा रहा है कि उसका जवाब न में ही होगा, क्योंकि चुनाव आयोग ने न तो मायावती को रियायत दी थी और न ही योगी को.
चुनाव आयोग की इस पाबंदी के बाद साध्वी प्रज्ञा के मंदिर दर्शन की भी कांग्रेस ने शिकायत की है. हालांकि, भोपाल से कांग्रेस प्रत्याशी दिग्विजय सिंह ने कहा कि साध्वी प्रज्ञा पर चुनाव आयोग का प्रतिबंध हट जाना चाहिए, क्योंकि वे जितना बोलेंगी, उतना ही कांग्रेस को फायदा होगा.
वीवीआईपी सीटों में से एक भोपाल सीट पर 6 मई को मतदान होना है और प्रत्याशी 4 मई शाम 5 बजे तक चुनाव प्रचार कर सकता है. साध्वी प्रज्ञा पर 72 घंटे तक प्रतिबंध 4 मई को सुबह 6 बजे खत्म होगा. अब ऐसे में सवाल उठता है कि साध्वी प्रज्ञा क्या अगले 48 घंटे भी मंदिरों में ही गुजारेंगी?
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