Rakibul Hussain
INC
Badruddin Ajmal
AIUDF
Zabed Islam
AGP
Nota
NOTA
S.m. Haque
BGP
Faruk Khan
IND
Biswajit Ray
IND
Alakesh Roy
IND
Hafiz Burhanuddin
NRMP
Radharani Biswas
HSP
Tahidur Rahman
VPI
Shukur Ali
AJM
Surat Zaman Mondal
SUCI
Rejaul Karim
RPI (Athawale)
Dhubri लोकसभा सीट पर कौन जीता? किसे मिले कितने वोट, यहां जानिए Result
Dhubri में INC प्रत्याशी Rakibul Hussain जीत की ओर! जानिए लेटेस्ट अपडेट
Dhubri Election Results: INC प्रत्याशी Rakibul Hussain ने बनाई बढ़त, नजदीकी प्रतिद्वंद्वी से 641744 वोटोंं से निकले आगे, जानें लेटेस्ट आंकड़े
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धुबरी असम राज्य का एक लोकसभा निर्मेंवाचन क्षेत्र  और प्रशासनिक केंद्र है. यह ब्रह्मपुत्र नदी के तट पर स्थित एक पुराना शहर है, जिसका ऐतिहासिक महत्व है. 1883 में, शहर को पहली बार ब्रिटिश शासन के तहत एक नगर निगम बोर्ड के रूप में गठित किया गया था. यह असम की राजधानी दिसपुर से लगभग 277.4 किलोमीटर पश्चिम में स्थित है.
यह शहर एक महत्वपूर्ण वाणिज्यिक केंद्र भी है. खासकर जूट के लिए एक व्यस्त नदी बंदरगाह है. धुबरी जिला ब्रह्मपुत्र और गदाधर नदी के किनारे बसा है. यह जिला तीन ओर नदियों से घिरा हुआ है, इसलिए इसे नदियों का शहर भी कहते हैं. 
असम की धुबरी लोकसभा सीट पर कांग्रेस ने सबसे ज्यादा बार जीत दर्ज की. यहां 1951 में हुए पहले लोकसभा चुनाव में प्रजा सोशलिस्ट पार्टी के प्रत्याशी अमजद अली ने जीत दर्ज की थी. 1957 में हुए चुनाव में भी अमजद ही जीते, लेकिन उन्होंने कांग्रेस के टिकट से जीत दर्ज की थी. 1962 के चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी गयासुद्दीन अहमद  जीते. 1967 के चुनाव में एक बार फिर प्रजा सोशलिस्ट पार्टी ने इस सीट पर कब्जा किया. इसके बाद 1971 से 2004 तक 9 बार हुए चुनावों में कांग्रेस प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की. 2004 में अनवर हुसैन ने असम गण परिषद के प्रत्याशी अफजालुर रहमान को 1 लाख 16 हजार 622 मतों से जीत दर्ज की थी.  
धुबरी संसदीय सीट में कुल 10 विधानसभाएं हैं. इनमें मानकाचर, सलमारा साउथ, धुबरी, गौरीपुर, गोलकगंज, बिलासीपारा पश्चिमी, बिलासीपारा पूर्वी, गोलपारा पूर्वी, गोलपारा पश्चिमी और जलेश्वर शामिल है.
धुबरी संसदीय सीट में 2011 की जनगणना के अनुसार यहां 27 लाख 71 हजार 883 जनसंख्या है. इसमें 89.1 फीसदी आबादी ग्रामीण जबकि 10.9 प्रतिशत आबादी शहरी है. इस सीट पर 3.54 फीसदी एससी और 5.78 फीसदी एसटी हैं.  धुबरी में कुल मतदाताओं की संख्या 15 लाख 50 हजार 166 है. इसमें पुरुष मतदाताओं की संख्या 7 लाख 97 हजार 235 है, जबकि महिलाओं की संख्या 7 लाख 52 हजार 931 है.
2019 का जनादेश
2019 चुनाव में इस सीट से एआईयूडीएफ के बदरुद्दीन अजमल ने अपनी जीत कायम रखी, उन्हें 7,18,764 वोट मिले. वहीं कांग्रेस अबू ताहेर बेपारी को 4,92,506 वोट मिले और एजीपी के ज़ाबेद इस्लाम को 3,99,733 वोट मिले.
2014 का जनादेश
2014 के चुनाव में बदरुद्दीन अजमल ने  एआईयूडीएफ के टिकट से कांग्रेस प्रत्याशी वाजिद अली चौधरी को 2 लाख 29 हजार 730 मतों के बड़े अंतर से हराया. उन्हें कुल 43.27 फीसदी वोट हासिल हुए. बदरुद्दीन को 5 लाख 92 हजार 569 मत मिले, वहीं दूसरे नंबर पर रहे वाजिद अली चौधरी को 3 लाख 62 हजार 839 वोट मिले थे. यहां तीसरे नंबर पर बीजेपी प्रत्याशी देबोमय सन्याल ने 2 लाख 98 हजार 985 मत हासिल किए थे. इस सीट पर 5811 लोगों ने किसी भी प्रत्याशी को नहीं चुना. यानि उन्होंने नोटा का बटन दबाया. इस सीट पर 88.36 फीसदी मतदान हुआ था.
Abu Taher Bepari
INC
Zabed Islam
AGP
Nurul Islam Choudhury
AITC
Nota
NOTA
Alakesh Roy
HND
Shukur Ali
IND
Shajahan Sheikh
VPI
Anamika Sarkar
IND
Rukunur Zaman
IND
Surat Jaman Mondal
SUCI(C)
Mehbubar Rahman
RPI(A)
Mir Hussain Sarkar
IND
Uttam Kumar Ray
IND
Zohirul Islam Khan
PUJP
Nripen Das
BNJD
Jorhat Result: असम का जोरहाट लोकसभा क्षेत्र हॉट सीट था. कांग्रेस ने पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई के बेटे और गौरव गोगोई को चुनाव मैदान में उतारा, तो वहीं बीजेपी ने इस सीट पर सीटिंग सांसद तपन गोगोई को टिकट दिया था.
लोकसभा चुनाव की पूरी प्रक्रिया अब अंतिम दौर में है. सातों फेज की वोटिंग पूरी हो गई है. अब नतीजों का इंतजार है, जो कि 4 जून को आएंगे. नतीजों से पहले Exit Poll सामने आ गए हैं. नॉर्थईस्ट में अभी असम का एग्जिट पोल सामने आया है.
लोकसभा चुनाव भले ही अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है. लेकिन नेताओं की विवादित बयानबाजी लगातार जारी है. असम के मुख्यमंत्री हेमंत बिस्वा सरमा का कहना है कि अगर बीजेपी को 400 सीटें मिलीं तो मथुरा में ईदगाह की जगह श्रीकृष्ण जन्मभूमि का निर्माण होगा और काशी में ज्ञानवापी मस्जिद की जगह भव्य मंदिर बनेगा. देखें वीडियो.
असम के सीएम सरमा ने पंजाब के सीएम भगवंत मान पर तंज कसते हुए कहा कि 'पंजाब क़र्ज़ में डूबा है लेकिन पंजाब सरकार का विज्ञापन असम के अख़बारों में देखने को मिलता है'. 'यहाँ के मुख्यमंत्री को इतना वक़्त कैसे मिलता है कि वह छह सात फ़िल्म कर लेते हैं? राज्य को चला कौन रहा है?'.