Pradeep Kumar Singh
BJP
Shahnawaz
RJD
Shatrughan Prasad Suman
IND
Nota
NOTA
Md Ghousul Azam
BSP
Md. Mobinul Haque
IND
Md. Ismail
BMF
Akhilesh Kumar
IND
Mushtak Alam
IND
Zawed Akhtar
NRMP
BJP उम्मीदवार Pradeep Kumar Singh बने Araria लोकसभा सीट के विजेता
Araria लोकसभा क्षेत्र में गजब की टक्कर! जानिए ताजा अपडेट
Araria लोकसभा सीट पर दिलचस्प हुआ मुकाबला, BJP और RJD में महज 15226 वोटोंं का अंतर!
Araria सीट पर कांटे का मुकाबला, प्रत्याशियों के बीच महज 12975 वोटोंं का अंतर!
Araria लोकसभा क्षेत्र में गजब की टक्कर! जानिए ताजा अपडेट
Araria लोकसभा सीट पर दिलचस्प हुआ मुकाबला, BJP और RJD में महज 19248 वोटोंं का अंतर!
अररिया सीट आजादी के बाद के शुरुआती दशकों में कांग्रेस का गढ़ बनी रही. इसके बाद जनता दल और फिर बीजेपी ने यहां से जीत हासिल की. वर्तमान हालात में एमवाई समीकरण के कारण आरजेडी की यहां काफी मजबूत स्थिति है. अररिया में वोटरों की कुल संख्या 1,311,225 है. इसमें से महिला मतदाता 621,510 और पुरुष मतदाता 689,715 हैं. अररिया लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र में छह विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं- नरपतगंज, रानीगंज(सुरक्षित), फारबिसगंज, अररिया, जोकिहाट और सिकटी. अररिया सीमांचल क्षेत्र का हिस्सा है और यह क्षेत्र मुस्लिम बहुल है. 45 फीसदी से ज्यादा मुस्लिम और यादव मतदाता यहां हैं. 
इस सीट के इतिहास पर अगर नजर डालें तो 1967 के चुनाव में यहां से कांग्रेस के तुलमोहन सिंह ने चुनाव जीता था. इसके बाद फिर 1971 के चुनाव में भी वे विजयी रहे थे. 1977 में यहां से भारतीय लोक दल के महेंद्र नारायण सरदार जीते थे. इसके बाद 1980 और 1984 के चुनाव में इस सीट से कांग्रेस के डुमर लाल बैठा के हाथ जीत लगी थी. इसके बाद के तीन चुनावों 1989, 1991 और 1996 में जनता दल के टिकट पर सुखदेव पासवान इस सीट से जीतकर दिल्ली पहुंचे थे. वहीं 1998 में बीजेपी के रामजी दास ऋषिदेव जीते थे. फिर 1999 के चुनाव में सुखदेव पासवान आरजेडी के टिकट पर जीते, लेकिन 2004 के चुनाव में सुखदेव पासवान बीजेपी के खेमे से उतरे और फिर इस सीट पर कब्जा किया था. 2009 के चुनाव में बीजेपी ने प्रदीप कुमार सिंह को उतारा और ये सीट जीतने में फिर कामयाब रही थी.
2019 का जनादेश
2019 अररिया लोकसभा सीट पर 62.38 प्रतिशत वोटिंग हुई थी. इस सीट पर बीजेपी के प्रत्याशी प्रदीप सिंह 6,18,434 वोटों के साथ जीत हासिल की थी. उन्होंने राजद के नेता सरफराज आलम को हराया था. सरफराज आलम को 4,81,193 वोट मिले थे. वहीं बीएमयूपी के उम्मीदवार ताराचंद्र पासवान मात्र 7,266 वोट हासिल कर पाए. 
2018 उपचुनाव का नतीजा
मार्च 2018 के उपचुनाव में अररिया लोकसभा सीट पर कुल सात उम्मीदवार चुनावी मैदान में अपनी किस्मत आजमा रहे थे. लेकिन सीधा मुकाबला राष्ट्रीय जनता दल के सरफराज आलम और भाजपा-जेडीयू के संयुक्त उम्मीदवार प्रदीप सिंह के बीच था. भाजपा के प्रदीप सिंह को 4,47,546 वोट मिले और राजद प्रत्याशी सरफराज आलम को 5,09,334 वोट मिले. सरफराज आलम 6,17,88 वोटों से ये चुनाव जीत गए थे.
2014 चुनाव का जनादेश
2014 के लोकसभा चुनाव में अररिया सीट पर आरजेडी ने फतह हासिल की थी जब मोहम्मद तस्लीमुद्दीन ने बीजेपी के प्रदीप कुमार सिंह को हराया था. तस्लीमुद्दीन को 41 प्रतिशत वोट मिले थे. इस चुनाव में आरजेडी के तस्लीमुद्दीन को 4,07,978, बीजेपी के प्रदीप कुमार सिंह को 2,61,474, जेडीयू के विजय कुमार मंडल को 2,21,769 और बीएसपी के अब्दुल रहमान को 17,724 वोट मिले थे. 2014 में इस लोकसभा सीट पर 60.44 प्रतिशत लोगों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया था.
Sarfaraz Alam
RJD
Nota
NOTA
Ram Nrayan Bharti
BSP
Abdul Wahid Khan
IND
Tarachand Paswan
BMUP
Shahin Pravin
IND
Rama Nand Rishideo
IND
Md. Mobinul Haque
IND
Mukesh Singh
IND
Sudama Singh
BLND
Md. Minhaz Alam
IND
Md. Matin
IND
नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव दोनो ही अगले साल होने जा रहे बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारियों में शिद्दत से जुटे हुए हैं. थोड़ा फर्क ये है कि दोनो को चैलेंज करने इस बार प्रशांत किशोर भी मैदान में उतरने की घोषणा कर चुके हैं - क्या मुकाबला त्रिकोणीय होने वाला है?
लंबे समय बाद बिहार की चुनौवी रैली में दिखे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बीमा भारती को लेकर विवादित बयान दिया है. नीतीश कुमार ने कहा कि उन्हें कुछ बोलना नहीं आता था. हमने उन्हें बोलना सिखाया. हमने उन्हें अपनी पार्टी में इज्जत दी लेकिन वो भाग गईं. देखें पूरा बयान.
बिहार में कुल 40 लोकसभा सीटें हैं. इस बार बीजेपी और नीतीश कुमार की जेडीयू ने गठबंधन में चुनाव लड़ा है. बीजेपी-जेडीयू गठबंधन में ऐसा पहली बार है जब भगवा पार्टी ने राज्य में अधिक सीटों पर चुनाव लड़ रहा है. गठबंधन में बीजेपी ने 40 में से 17 सीटों पर उम्मीदवार उतारे, जबकि जेडीयू ने 16 सीटों पर. वहीं 5 सीटें राम विलास पासवान की पार्टी की दी गईं और एक सीट हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा और 1 सीट उपेंद्र कुशवाहा को दी.
पाटलिपुत्र सीट से लालू यादव की बेटी मीसा भारती ने चाचा रामकृपाल यादव को 85 हजार 174 वोटों से हरा दिया है. वहीं, बीजेपी के रामकृपाल यादव को 5 लाख 28 हजार 109 वोट मिलें हैं. जब लालू से रामकृपाल यादव के अच्छे संबंध थे तो मीसा भारती उन्हें चाचा बुलाती थी.