Jyotiraditya Scindia
BJP
Yadvendra Rao
INC
Dhaniram Chaudhary
BSP
Nota
NOTA
Kanchhedi Lal Kushwaha
MAHWP
Karansingh Jatav
ASPKR
Hemant Singh Kushwaha
IND
Rakesh
IND
Mahendra Jain Bhaiyan
IND
Mohan
IND
Gajanand Kushwah
IND
Manish Shrivastava
SUCI
Manmohan
IND
Kisan Lal Ahirwar
IND
Mohd Javed Ansari
RJNPTY
D.s. Chauhan
RSJP
Guna Lok Sabha Result Declared: BJP उम्मीदवार Jyotiraditya Scindia बने विजेता, मिले 923302 वोट
BJP Jyotiraditya Scindia ने बनाई बढ़त, जानिए Guna लोकसभा सीट का हाल
Guna Election Results: BJP प्रत्याशी Jyotiraditya Scindia ने बनाई बढ़त, नजदीकी प्रतिद्वंद्वी से 410632 वोटोंं से निकले आगे, जानें लेटेस्ट आंकड़े
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मध्य प्रदेश की गुना लोकसभा सीट सिंधिया परिवार का गढ़ है. इस सीट पर सिंधिया राजघराने के सदस्य का ही राज रहा है. ग्वालियर के बाद गुना ही वो लोकसभा सीट है जहां से सिंधिया परिवार चुनाव लड़ना पसंद करता है. ग्वालियर की राजमाता विजयाराजे सिंधिया, माधवराव सिंधिया और  ज्योतिरादित्य सिंधिया ही इस सीट पर ज्यादातर जीतते आए हैं. फिलहाल पिछले 4 चुनावों से इस सीट पर कांग्रेस के ज्योतिरादित्य सिंधिया को ही जीत मिली है. 2014 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने बीजेपी के जयभान सिंह को 120792 वोटों से शिकस्त दी थी.
राजनीतिक पृष्ठभूमि
गुना लोकसभा सीट पर पहला चुनाव 1957 में हुआ. यहां पर हुए पहले चुनाव में विजयाराजे सिंधिया ने जीत हासिल की थी. कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ते हुए उन्होंने हिंदू महासभा के वीजी देशपांडे को हराया था. इसके अगले चुनाव में यहां से कांग्रेस के रामसहाय पांडे मैदान में उतरे. उन्होंने हिंदू महासभा के वीजी देशपांडे को मात दी.
1967 के उपचुनाव में यहां पर कांग्रेस को हार मिली और स्वतंत्रता पार्टी के जे बी कृपलानी को जीत मिली. इसी साल हुए लोकसभा चुनाव में स्वतंत्रता पार्टी की ओर कांग्रेस की पूर्व नेता विजयाराजे सिंधिया लड़ीं. उन्होंने कांग्रेस के डीके जाधव को यहां पर शिकस्त दी. शुरुआती दो चुनाव में जीत हासिल करने के बाद कांग्रेस को लगातार 3 चुनावों में हार मिली. अब साल 1971 में विजयाराजे के बेटे माधवराव सिंधिया मैदान में उतरे. वह यहां से जनसंघ के टिकट पर चुनाव लड़े. यहां पर लड़े पहले ही चुनाव में उन्होंने जीत हासिल की.
1977 के चुनाव में वह यहां से निर्दलीय लड़े और 80 हजार वोटों से बीएलडी के गुरुबख्स सिंह को हराया. इसके बाद वह 1980 में कांग्रेस के टिकट पर यहां से लड़ते हुए जीत हासिल किए. वह लगातार 3 चुनावों में यहां विजयी रहे. 1984 के चुनाव में माधवराव ग्वालियर से लड़े और वहां पर भी उन्होंने जीत हासिल की. तब कांग्रेस ने यहां से महेंद्र सिंह को टिकट दिया था और उन्होंने बीजेपी के उद्धव सिंह को हराया था. 1989 के चुनाव में यहां से विजयाराजे सिंधिया एक बार फिर यहां से लड़ीं और तब के कांग्रेस के सांसद महेंद्र सिंह को शिकस्त दी.
इसके बाद से विजयाराजे सिंधिया ने यहां पर हुए लगातार 4 चुनावों में जीत का परचम फहराया. अब जब माधवराव ग्वालियर से चुनाव लड़ रहे थे और उनके जाने के बाद कांग्रेस यहां पर कमजोर होते गई. ऐसे में 1999 में माधवराव एक बार फिर इस सीट से चुनाव लड़ने का फैसला लिए. उन्होंने इस सीट पर कांग्रेस की वापसी कराई.
1999 के चुनाव में उन्होंने यहां से जीत हासिल की. 2001 में उनके निधन के बाद 2002 में हुए उपचुनाव में उनके बेटे ज्योतिरादित्य सिंधिया यहां से लड़े. और गुना की जनता ने उन्हें निराश नहीं किया.अपने पहले ही चुनाव में ज्योतिरादित्य सिंधिया ने जीत हासिल की. इसके बाद गुना की जनता उनको जीताते ही आ रही है. यहां तक कि 2014 में मोदी लहर में जब कांग्रेस के दिग्गज नेताओं को हार का सामना करना पड़ा था तब भी ज्योतिरादित्य सिंधिया यहां पर जीत हासिल करने में कामयाब हुए थे. गुना लोकसभा सीट पर ज्यादातर कांग्रेस का ही कब्जा रहा है.
कांग्रेस को यहां पर 9 बार जीत मिली है. वहीं बीजेपी को 4 बार और 1 बार जनसंघ को जीत मिली है. ऐसे में देखा जाए को इस सीट पर एक ही परिवार के तीन पीढ़ियों का राज रहा है. बीजेपी इस सीट पर तब ही जीत हासिल की है जब विजयाराजे सिंधिया उसके टिकट पर चुनाव लड़ीं.
विजयाराजे सिंधिया के बाद बीजेपी को यहां पर कोई ऐसा उम्मीदवार नहीं मिला जो माधवराव सिंधिया और ज्योतिरादित्य सिंधिया को यहां हरा सके.  दोनों को हराने की बीजेपी की हर कोशिश यहां पर नाकामयाब ही रही है. गुना लोकसभा सीट के अंतर्गत विधानसभा की 8 सीटें आती हैं. यहां पर शिवपुरी, बमोरी, चंदेरी, पिछोर, गुना, मुंगावली, कोलारस, अशोक नगर विधानसभा सीटें हैं. यहां की 8 विधानसभा सीटों में से 4 पर बीजेपी और 4 पर कांग्रेस का कब्जा है.
2014 का जनादेश
2014 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बीजेपी के जयभान सिंह पवैया को हराया था. इस चुनाव में सिंधिया को 517036(52.94 फीसदी) वोट मिले थे और पवैया को 396244(40.57 फीसदी) वोट मिले थे.दोनों के बीच हार जीत का अंतर 120792 वोटों का था. वहीं बसपा के लखन सिंह 2.81 फीसदी वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहे थे.
इससे पहले 2009 के चुनाव में भी ज्योतिरादित्य सिंधिया को जीत मिली थी. उन्होंने इस बार बीजेपी के दिग्गज नेता नरोत्तम मिश्रा को हराया था. सिंधिया को 413297(63.6 फीसदी) वोट मिले थे तो नरोत्तम मिश्रा को 163560(25.17 फीसदी) वोट मिले थे. सिंधिया ने 249737 वोटों से जीत हासिल की थी. वहीं बसपा 4.49 फीसदी वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रही थी.
सामाजिक ताना-बाना
गुना शहर मध्य प्रदेश के उत्तर में स्थित है. गुना से 35 किलोमीटर दूर राजस्थान सीमा है. इसे मालवा का प्रवेश द्वार कहा जाता है और ग्वालियर संभाग में आता है. इसके पश्चिम में राजस्थान स्थित है उत्तर में उत्तर प्रदेश स्थित है पूर्व में छत्तीसगढ़ी स्थित है तथा दक्षिण में महाराष्ट्र स्थित है. गुना शहर में मुख्यतः हिन्दू, मुस्लिम तथा जैन समुदाय के लोग रहते हैं. खेती यहां का मुख्य कार्य है. आजादी से पहले गुना ग्वालियर राजघराने का हिस्सा था, जिस पर सिंधिया वंश का अधिकार था.2011 की जनगणना के मुताबिक गुना की जनसंख्या 2493675 है. यहां की 76.66 फीसदी आबादी ग्रामीण क्षेत्र और 23.34 फीसदी आबादी शहरी क्षेत्र में रहती है. गुना में 18.11 फीसदी लोग अनुसूचित जाती और 13.94 फीसदी लोग अनुसूचित जनजाति के हैं. चुनाव आयोग के आंकड़े के मुताबिक 2014 में गुना में कुल 1605619 मतदाता थे. जिसमें से 748291 महिला मतदाता और 857328 पुरुष मतदाता थे. 2014 के चुनाव में इस सीट पर 60.83 फीसदी मतदान हुआ था.
सांसद का रिपोर्ट कार्ड
ज्योतिरादित्य सिंधिया कांग्रेस के दिग्गज नेता रहे माधवराव सिंधिया के बेटे हैं. 2002 में पहली बार चुनाव जीतने वाले 48 साल के ज्योतिरादित्य सिंधिया मनमोहन सिंह सरकार में सात साल तक सूचना एवं प्रौद्योगिकी, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के जूनियर मिनिस्टर रह चुके हैं. इसके बाद 2012 से 2014 तक वे बिजली मंत्रालय के स्वतंत्र प्रभार वाले मंत्री भी रहे.
हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से अर्थशास्त्र में ग्रैजुएशन औऱ स्टैनफर्ड ग्रैजुएट स्कूल ऑफ बिजनस से एमबीए की पढ़ाई पूरी करने वाले ज्योतिरादित्य सिंधिया की गिनती कांग्रेस के असरदार युवा चेहरों में होती है. हाल ही मध्य प्रदेश में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत में उनकी अहम भूमिका रही थी. एक समय तो वो राज्य के सीएम पद की रेस में आगे भी चल रहे थे, लेकिन आखिर में बाजी पार्टी के दिग्गज नेता कमलनाथ ने मारी.
ज्योतिरादित्य सिंधिया को उनके निर्वाचन क्षेत्र में विकास कार्यों के लिए 25 करोड़ रुपये आवंटित हुए थे. जो कि ब्याज की रकम मिलाकर 25.35 करोड़ हो गई थी. इसमें से उन्होंने 20.38 यानी मूल आवंटित फंड का 81.53 फीसदी खर्च किया. उनका करीब 4.97 करोड़ रुपये का फंड बिना खर्च किए रह गया.
संसद में ज्योतिरादित्य सिंधिया की उपस्थिति 76 फीसदी रही है. ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इस दौरान 48 बहस में हिस्सा लिया. वह संसद में 825 सवाल भी पूछे. उन्होंने RTI,वायु प्रदूषण कम करने, सौभाग्य योजना, एससी-एसटी के खिलाफ अपराध, भारतमाला परियोजना को लेकर संसद में सवाल किया.
Jyotiraditya M. Scindia
INC
Dhakad Lokendra Singh Rajpoot
BSP
Nota
NOTA
Harbhajan Singh Rajpoot Ad.
IND
Amit Khare
APOI
O. P. Bheya
IND
Bhoopendra Singh Chauhan (bablu Raja)
IND
Chandr Kumar Shrivastava (chandu)
IND
Bhan Singh
IND
Manish Shrivastav
SUCI(C)
Rekha Bai
AABHAP
Ajay Singh Kushwah
IND
Santosh Yadav
PSPL
Kairana Lok Sabha Election Result: कैराना लोकसभा सीट से समाजवादी पार्टी ने इकरा हसन को उम्मीदवार बनाया है. वहीं, बीजेपी की ओर से प्रदीप चौधरी मैदान में हैं. पिछले चुनाव में उन्होंने जीत हासिल की थी.
MP Lok sabha election result 2024: यहां आपको एक साथ पूरे मध्य प्रदेश की सभी सीटों के प्रत्याशियों की हार-जीत की पूरी जानकारी देंगे. सबसे पहले जानिए कौन कहा से आगे चल रहा है और कौन पीछे?
India Today-Axis My India Exit Poll के सर्वे में मध्य प्रदेश की Guna Seat से कांग्रेस झटका लगता नजर आ रहा है. एग्जिट पोल में गुना में बीजेपी कैंडिडेट ज्योतिरादित्य सिंधिया मजबूत कैंडिडेट के तौर पर सामने आए हैं. सिंधिया के मुकाबले कांग्रेस के राव यादवेंद्र चुनाव हारते दिख रहे हैं.
मध्य प्रदेश की गुना लोकसभा सीट चर्चा में है. गुना से बीजेपी की ओर से केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया मैदान में हैं. सिंधिया पहली बार बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ रहे है. गुना को BJP की सुरक्षित सीट माना जा रहा है. क्या इस सीट सुपरहिट पर बीजेपी का कमल खिलेगा? देखें.