Amar Sharadrao Kale
NCP (SP)
Ramdas Chandrabhan Tadas
BJP
Dr. Mohan Ramraoji Raikwar
BSP
Rajendra Salunkhe
VANBB
Asif
IND
Kishor Baba Pavar
IND
Suhas V. Thakare
IND
Akshay Mehare Bhartiya
ABHPP
Maroti Gulabrao Uike
GGP
Nota
NOTA
Bhaskar Marotrao Neware
IND
Jagadish Wankhade
IND
Pooja Pankaj Tadas
IND
Anil K. Ghushe
IND
Ashish Lekhiram Izankar
VRJA
Vijay Shrirao
IND
Arvind Shamrao Lillore
IND
Ramrao Bajirao Ghodaskar
AIFB
Krushna Subhashrao Fulkari
LOKSP
Umesh Somaji Waware
MVA
Krushna Annaji Kalode
HINDRS
Ramesh Sinha
IND
Moreshwar Ramji Nagrale
RPI
Dixita Anand
DJP
Rahul T. Bhoyar
IND
NCP (SP) उम्मीदवार Amar Sharadrao Kale बने Wardha लोकसभा सीट के विजेता
Wardha सीट पर शुरू हुई मतगणना, जानिए लेटेस्ट अपडेट
Wardha Results Live: NCP (SP) प्रत्याशी Amar Sharadrao Kale निकले सबसे आगे, निकटतम प्रतिद्वंद्वी से 152414 वोटोंं से बनाई बढ़त
NCP (SP) और BJP में मुकाबला, Wardha लोकसभा सीट पर जानें मतगणना का हाल
Wardha सीट पर शुरू हुई मतगणना, जानिए लेटेस्ट अपडेट
Wardha का ताजा हाल: Maharashtra की इस सीट पर NCP (SP) उम्मीदवार Amar Sharadrao Kale ने बनाई बढ़त
वर्धा लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र महाराष्ट्र के 48 लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों में से एक है. यह निर्वाचन क्षेत्र अमरावती और वर्धा जिलों में फैला हुआ है. वर्धा लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र में छह विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं.
2011 की जनगणना के अनुसार वर्धा की जनसंख्या लगभग 1,05,543 हैं. इसके शहरीकरण से सिंदी, सवांगी, बोरगांव, पिपरी, म्हासला, नलवाड़ी और चिटोडा सहित पड़ोसी गांवों को विकसित करने में मदद की है.
वर्धा लोकसभा सीट के इतिहास पर नजर दौड़ाई जाए तो एक वक्त यह सीट कांग्रेस का गढ़ हुआ करती थी. यहां 38 साल से ज्यादा कांग्रेस का राज रहा. सबसे पहले चुनाव 1951 में हुआ था और श्रीमन नारायण अग्रवाल जीतकर आए थे. इसके बाद 1957, 1962, 1967 में कमलनयन बजाज लगातार तीन बार चुनाव में जीते थे. फिर 1971 जगजीवन गणपतराव कदम कांग्रेस की टिकट पर चुनकर आए. उनके बाद संतोष राव गोडे 1977 में जीते थे. इसके बाद 1980, 1984 और 1991 में वसंत राव साठे लगातार चुनाव जीतकर लोकसभा पहुंचे.
वर्धा में बीजेपी और कांग्रेस के बीच ही कड़ा मुकाबला माना जाता रहा है. यहां कभी बीजेपी जीतती है तो कभी कांग्रेस. 1998 में यहां कांग्रेस के दत्ता मेघे जीते थे. उनके बाद 1999 में कांग्रेस की प्रभाराव, 2004 में भाजपा के सुरेश वाघमारे, 2009 में दोबारा कांग्रेस के दत्ता मेघे जीतकर संसद पहुंचे थे. 
2019 का जनादेश
लोकसभा चुनाव में इस सीट से बीजेपी के रामदास ताड़स ने जीत हासिल की, उन्हें 5,78,364 वोट मिले थे. जबकि कांग्रेस के चारुलता टोकस 3,91,173 वोटों के साथ दूसरे स्थान पर रहे और वीबीए के धनराज वंजारी 36,452 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहे थे.
2014 का जनादेश
इस सीट पर अभी बीजेपी का कब्ज़ा है और रामदास तडस सांसद हैं. 2014 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने कांग्रेस के सागर मेघे को एक लाख वोट से ज्यादा के अंतर से हराया था. इस सीट से बीजेपी के रामदास तडस ने जीत हासिल की, उन्हें 5,37,518 वोट मिले थे. जबकि कांग्रेस के सागर मेघे 3,21,735 वोटों के साथ दूसरे स्थान पर रहे और बसपा के चेतन पेंदाम 90,866 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहे थे.
Charulata Rao Tokas
INC
Dhanraj Kothiramji Wanjari
VBA
Agrawal Shaileshkumar Premkishorji
BSP
Nota
NOTA
Ganesh Kisanrao Lade
APOI
Gadhave Pravin Rameshwarrao
ARP
Umesh Sadashivrao Neware
IND
Adv. Bhaskar Marotrao Neware
IND
Balpande Rajesh Marotrao
IND
Jagdish Uddhavrao Wankhade
BMUP
Nandkishor Ramaji Sagar(more)
IND
Zitruji Chandruji Borutkar
IND
Pro. Dnyanesh Wakudkar
LJGP
Arvind Shamrao Lillore
IND
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद शरद पवार अपने भतीजे अजित पवार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंच गये हैं. शरद पवार का दावा है कि एनसीपी केस में सुप्रीम कोर्ट की हिदायतों का अजित पवार ने बिलकुल भी पालन नहीं किया है.
समाजवादी पार्टी नेता अखिलेश यादव और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आम दिनों में भी एक-दूसरे को घेरने का कोई मौका नहीं छोड़ते, अभी तो यूपी में उपचुनाव का ही माहौल है - लेकिन, अखिलेश यादव का ताजा हमला तुक्का ज्यादा लग रहा है.
'बंटेंगे तो कटेंगे' के जरिये शुरुआत तो योगी आदित्यनाथ ने की थी, लेकिन संघ के एनडोर्समेंट के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उसे चुनाव कैंपेन से जोड़ दिया है - साफ है, लोकसभा चुनाव में INDIA ब्लॉक की जातीय राजनीति से बीजेपी काफी परेशान है.
Maharashtra Vidhan Sabha Chunav 2024: महाराष्ट्र चुनाव में भी सीट शेयरिंग को लेकर मध्य प्रदेश जैसा तनाव है. सपा दर्जनभर सीटों पर दावेदारी कर रही है. सपा ने सीटें नहीं मिलने पर अकेले चुनाव मैदान में उतरने की बात कह दी है. क्या महाराष्ट्र में भी सपा-कांग्रेस अलग राह पर बढ़ेंगी?