आम आदमी पार्टी और कांग्रेस इंडिया गठबंधन साथ आने के लिए सीट शेयरिंग पर चर्चा कर रहे हैं. दोनों के बीच शनिवार को इंडिया गठबंधन के तहत दिल्ली के अलावा गुजरात, गोवा, चंडीगढ़ और हरियाणा में गठबंधन का ऐलान हो गया है. हालांकि अब बड़ा सवाल यह है कि असम में तीन उम्मीदवारों का ऐलान कर चुकी आम आदमी पार्टी अकेले चुनाव लड़ेगी या फिर यहां भी गठबंधन के लिए बातचीत का दरवाजा खुला रखेगी?
8 फरवरी को AAP ने उम्मीदवार किए थे घोषित
लोकसभा चुनाव को लेकर आम आदमी पार्टी ने 8 फरवरी को असम की तीन लोकसभा सीटों पर उम्मीदवारों के नाम की घोषणा की थी. शनिवार को इंडिया गठबंधन के तहत सीट शेयरिंग का ऐलान करने के दौरान मौजूद आम आदमी पार्टी के संगठन महामंत्री संदीप पाठक ने 2 हफ़्ते पहले डिब्रूगढ़ लोकसभा सीट से मनोज धनोवर, गुवाहाटी लोकसभा सीट से भाबेन चौधरी, और सोनितपुर लोकसभा सीट से ऋषिराज को आम आदमी पार्टी उम्मीदवार घोषित किया था.
तब संदीप पाठक ने कहा था कि इन तीन लोकसभा सीटों पर आम आदमी पार्टी जल्द चुनाव प्रचार शुरू कर देगी और हम उम्मीद करते हैं कि इंडिया गठबंधन इसको स्वीकार करते हुए अपना समर्थन देगा और यह तीन लोकसभा सीट आम आदमी पार्टी को दे दी जाएंगी। हम फाइटर लोग हैं और हमें चुनाव लड़ना है। हमें लड़ने के लिए नहीं जीतने के लिए चुनाव के मैदान में जाना है। गठबंधन करने का उद्देश्य ही चुनाव जीतना है, इसीलिए सब कुछ समयबद्ध तरीके से होना चाहिए.
क्या बोले सौरभ भारद्वाज?
हालांकि शनिवार गठबंधन के ऐलान के बाद जब आम आदमी पार्टी नेताओं से असम के बारे में सवाल पूछा गया तो असम में गठबंधन को लेकर भी वह सकारात्मक नजर आए. गठबंधन की प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद आम आदमी पार्टी सरकार के मंत्री सौरभ भारद्वाज ने कहा कि असम के अंदर अभी बातचीत खुली हुई है, असम के लिए जल्द ही फैसला ले लिया जाएगा. आपको बता दें कि आम आदमी पार्टी और कांग्रेस चुनाव प्रचार के लिए एक कोऑर्डिनेशन कमिटी भी बनाएंगे. इस कमिटी का काम ये तय करना होगा कि गठबंधन वाली सीटों पर दोनों दलों से कौन-कौन से नेता प्रचार करने के लिए जाएंगे और वहां पर प्रचार करने की रणनीति को भी फाइनल रूप देने का काम कमिटी द्वारा ही किया जाएगा.