देश में तीसरे चरण का मतदान हो रहा है. सात चरणों में होने वाले आम चुनाव में अभी चार चरण का मतदान बाकी है, लेकिन अब तक हुए तीन चरणों में कई जगह से राजनीतिक दलों ने फर्जी वोटिंग का आरोप लगाए हैं. खासकर बुर्के की आड़ में महिलाओं के फर्जी वोट डालने की शिकायत की गई है. क्या है फर्जी वोटिंग होने पर प्रक्रिया, चुनाव आयोग कैसे फर्जी वोटिंग को रोकता है और फर्जी वोटिंग की शिकायत पर कैसे कार्रवाई होती है.
मंगलवार को तीसरे चरण में उत्तर प्रदेश के 12 जिलों मुरादाबाद, संभल, हाथरस, अलीगढ़,आगरा, एटा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, कासगंज, बदायूं और बरेली जिले की 10 लोकसभा सीट संभल, हाथरस, आगरा, फतेहपुर सीकरी, फिरोजाबाद, मैनपुरी, एटा, बदायूं, आंवला और बरेली में पर मतदान हो रहा है.
जारी किए हेल्पलाइन नंबर
संभल, मैनपुरी और फिरोजाबाद समेत कई जगह से फर्जी वोटिंग के आरोप में कार्यकर्ताओं राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प भी देखने को मिली. पहले-दूसरे चरण में भी फर्जी वोटिंग के आरोप लगाए गए. तीसरे चरण में मिली शिकायतों चुनाव आयोग ने मतदान से संबंधित किसी भी शिकायत को दर्ज करने के लिए एक स्टेट सेंट्रलाइज नंबर 18001801950 और जिला स्तर पर 1950 हेल्पलाइन नंबर को जारी किया है.
ऑनलाइन शिकायतों की बात करें तो चुनाव आयोग को ऑनलाइन 794 शिकायतें मिली, जिसमें 456 शिकायत सही पाई गई और 338 शिकायत गलत पाई गई थीं. चुनाव आयोग को मिली इन शिकायतों में वोटर लिस्ट में गड़बड़ी, नाम में गड़बड़ी शामिल हैं.
बूथ पर तैनात होगी महिला कर्मचारी
वहीं, बात अगर पोलिंग बूथ पर फर्जी मतदान को रोकने की करें तो हर पोलिंग बूथ पर राजनीतिक दलों के द्वारा पोलिंग एजेंट बनाए जाते हैं जो स्थानीय लोगों को उनके नाम पता और चेहरे से भली भांति जानते हैं. बात अगर बुर्के की आड़ में फर्जी वोटिंग की करें तो इस बार चुनाव आयोग ने हर पोलिंग बूथ पर कम-से-कम एक महिला कर्मचारी की तैनाती की है. यह महिला कर्मचारी पुलिस की सिपाही, सब इंस्पेक्टर हो सकती हैं या फिर स्थानीय प्रशासन के द्वारा तैनात कोई कर्मचारी.
क्या है प्रावधान
प्रावधान है कि यह महिला कर्मचारी पर्दे में आने वाले हर वोटर का उसके वोटर आईडी या अन्य पहचान पत्र से मिलान करेगी. चेहरे से पहचान पत्र का मिलान होने के बाद ही किसी मतदाता को वोट डालने की अनुमति दी जाएगी. चुनाव आयोग ने फर्जी वोटिंग को रोकने के लिए ही 50 फीसदी पोलिंग स्टेशन पर वेबकास्टिंग की भी सुविधा की है ताकि चुनाव आयोग के अवसर कंट्रोल रूम के जरिए भी नजर रख सके.