लोकसभा चुनाव के मद्देनजर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को असम में चुनावी रैली की. इस दौरान आजतक से बातचीत करते हुए अमित शाह ने अरविंद केजरीवाल पर आए हाईकोर्ट के फैसले पर भी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि जो लोग दावे कर रहे थे कि हमें फंसाया जा रहा है, उन दावों को आज कोर्ट ने खारिज कर दिया. कोर्ट के पास इनके खिलाफ सबूत भी हैं. वो खुद और इनकी पार्टी दोनों भ्रष्टाचार में सम्मलित है.
दरअसल, मंगलवार को ही दिल्ली हाईकोर्ट ने अरविंद केजरीवाल को झटका देते हुए उनकी याचिका खारिज कर दी और ईडी की गिरफ्तारी को सही करार दिया. इस दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि ईडी के पास पर्याप्त सबूत थे दिल्ली सीएम को गिरफ्तार करने के लिए. साथ ही सबूतों से गोवा चुनाव में मनी ट्रेल का पता चलता है.
अमित शाह ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि वे हर मुद्दे पर देश विरोधी स्टैंड ले रहे रहे हैं. वो कह रहे हैं धारा 370 नहीं हटनी चाहिए. राम मंदिर नहीं बनना चाहिए. CAA नहीं होना चाहिए. UCC नहीं बनना चाहिए. हर मुद्दे पर देश विरोधी स्टैंड ले रही है कांग्रेस. उनके नेता कहते हैं कि देश को उत्तर भारत और दक्षिण भारत में बांट देना चाहिए. जो लोग देश बांटने की बात कहते हैं, वो देश कैसे चला सकते हैं. हमने 10 साल काम किया है, उसको देखते हुए लोग मोदी सरकार को चुनेंगे.
नॉर्थ ईस्ट विकास के रास्ते पर: गृह मंत्री
नॉर्थ ईस्ट पर केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि पूरे नॉर्थ ईस्ट के अंदर 10 से ज्यादा समझौते हमने किए हैं. 9000 से ज्यादा उग्रवादियों ने सरेंडर किया है. इसके चलते ही हजारों लोग रोड पर (शाह की रैली में) हमारे साथ हैं. यही बताता है कि फ्री एंड फेयर इलेक्शन हो रहा है, आतंकवाद का कोई भय नहीं रहा है. पूरा नॉर्थ ईस्ट असम समेत विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है.
इससे पहले उन्होंने असम में रैली को संबोधित करते हुए कहा, "1962 के चीनी हमले के दौरान नेहरू ने असम और अरुणाचल प्रदेश को 'बाय-बाय' कहा था. इन राज्यों के लोग इसे कभी नहीं भूल सकते, लेकिन अब, चीन हमारी जमीन का एक इंच भी अतिक्रमण नहीं कर सका. यहां तक कि डोकलाम में भी हमने उन्हें पीछे धकेल दिया.
अमित शाह ने यह भी कहा कि बांग्लादेश के साथ असम की सीमा पहले "घुसपैठ के लिए खुली" थी. उन्होंने कहा, "फिर केंद्र में मोदी सरकार आई और यहां हिमंता बिस्वा सरमा की सरकार. अब, हम कह सकते हैं कि घुसपैठ रुक गई है."
राहुल गांधी पर किया पलटवार
गृह मंत्री ने कांग्रेस पर आगे हमला करते हुए कहा, ''कुछ दिन पहले राहुल गांधी कह रहे थे कि हमें असम की संस्कृति को बचाने की जरूरत है. मैं उन्हें याद दिलाना चाहता हूं कि उनकी दादी ने असम के साथ क्या किया था. हजारों युवाओं को गुमराह किया गया और मार दिया गया. नरेंद्र मोदी ने दस से अधिक शांति समझौतों पर हस्ताक्षर किए और असम में स्थिरता लाई, 9,000 से अधिक लोगों ने आत्मसमर्पण किया और मुख्यधारा में शामिल हुए."
(रिपोर्ट: पूर्ण विकास)