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'हम तीन बार शादी करने वालों और बाल विवाह करने वालों के खिलाफ हैं', बोले असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने इंडिया टुडे से खास बातचीत की है. इस दौरान उन्होंने अपने बेबाक अंदाज में कई सवाल के जवाब दिए. इस दौरान उन्होंने कहा कि हमें 2019 की मुकाबले 25-30 सीटों पर फायदा हो रहा है और असम की 14 में से 12 सीटों पर हमारी नजर है. 

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असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा.
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा.

लोकसभा चुनाव के लिए सोमवार को चौथे चरण में 10 राज्यों की 96 लोकसभा सीट पर वोटिंग होनी है. वहीं, तीन चरण में 280 से ज्यादा सीटों पर वोटिंग हो चुकी है. इसके साथ ही देश के पूर्वोत्तर और साउथ के ज्यादातर राज्यों में चुनाव खत्म हो गया है. इसी बीच असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने इंडिया टुडे से खास बातचीत की है. इस दौरान उन्होंने अपने बेबाक अंदाज में कई सवाल के जवाब दिए. इस दौरान उन्होंने कहा कि हमें 2019 की मुकाबले 25-30 सीटों पर फायदा हो रहा है और असम की 14 में से 12 सीटों पर हमारी नजर है. 

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असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने इंडिया टुडे से खास बातचीत की है. इस दौरान उन्होंने कहा कि हमें 2019 की तुलना में 25-30 सीटों का फायदा हो रहा है. असम में हमारी नज़र 14 में से 12 सीटों पर है. मुस्लिम बहुल इलाके वाली नौगांव और करीमगंज 2 सीटों पर कांग्रेस और बदरुद्दीन बढ़त है. इन दो सीट पर हमरा स्ट्राइगेट 10 प्रतिशत का है जो इस बार बढ़कर 20 से 25% बढ़ने जा रहा है.  

'हम बाल विवाह करने वालों के हैं खिलाफ'

हम उन लोगों को अलग कर रहे हैं जो तीन बार शादी करते हैं. हम उन लोगों को अलग कर रहे हैं जो बाल विवाह को प्रोत्साहित करते हैं. हम उन लोगों को अलग कर रहे हैं जिनका उग्रवादियों के साथ सीधा संबंध है. प्रधानमंत्री की कल्याणकारी योजनाओं के सबसे बड़े लाभार्थी मुसलमान रहे हैं, लेकिन जब देश की संप्रभुता पर कुछ विचारधाराओं की बात आती है तो आप उन्हें मुख्य रूप से बोनस नहीं दे सकते, क्योंकि वे अल्पसंख्यक समुदाय हैं. भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है और उन्होंने समान नागरिक संहिता लागू करने का आह्वान किया.

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कांग्रेस पर संविधान को नष्ट करने का आरोप लगाते हुए सरमा ने कहा, "कांग्रेस अपने घोषणापत्र में कहती है कि व्यक्तिगत कानूनों का सम्मान करना चाहिए और उन्हें बढ़ावा देना चाहिए संविधान कहता है कि आपके पास व्यक्तिगत कानून नहीं हो सकते क्या यह महात्मा गांधी और बीआर अंबेडकर की सोच के खिलाफ नहीं है?

उन्होंने कहा कि मुसलमानों को आरक्षण नहीं मिलना चाहिए क्योंकि यह देश में अनुसूचित जनजाति (एसटी), अनुसूचित जाति (एससी) और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए है.

साथ ही उन्होंने कहा कि हमें राष्ट्रीय जाति जनगणना से कोई समस्या नहीं है, लेकिन मुसलमानों के बीच इसे करने का साहस रखें. राहुल गांधी जाति जनगणना में हिंदुओं को शामिल करने की बात क्यों करते हैं, मुसलमानों की नहीं? ईसाइयों और अन्य समुदायों के बीच जाति जनगणना होनी चाहिए. 

'कौन हैं राहुल गांधी'

वहीं, पीएम मोदी को बहस की चुनौती देने पर राहुल गांधी पर बरसते हुए सीएम हिमंत ने कहा, राहुल गांधी कौन हैं? क्या आप उम्मीद कर सकते हैं कि प्रधानमंत्री जाएंगे और किसी से बहस करेंगे? कांग्रेस में उनकी स्थिति क्या है? वह संसद में पीएम मोदी के साथ बहस कर सकते थे. कांग्रेस उन्हें समय आवंटित कर सकती थी, लेकिन उन्होंने ऐसा कभी नहीं किया. वे जानते हैं कि वह ऐसे बहस नहीं कर सकते. राहुल गांधी सैम पित्रोदा के माध्यम से अपनी बातें बोलते हैं. 

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असम के मुख्यमंत्री ने कहा कि एनडीए पिछले साल की तुलना में बेहतर स्थिति में है और पीएम मोदी के लक्ष्य के मुताबिक 400 सीटें जीत रहे हैं. हमारे लिए संविधान पवित्र है,यह गीता है.

'ये बातें केजरीवाल को कैसे पता'

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आरोप पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि केजरीवाल भाजपा को विभाजित करने की कोशिश कर रहे हैं. वह पार्टी के भीतर दरार पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं. प्रधानमंत्री ने हमेशा योगी आदित्यनाथ की प्रशंसा की है और हमेशा ऐसा करते रहेंगे. केजरीवाल को कैसे पता है कि किस मुख्यमंत्री को हटाया जाएगा?.

केजरीवाल की इस टिप्पणी पर कि पीएम मोदी को अगले साल सेवानिवृत्त हो जाना चाहिए क्योंकि वह 75 वर्ष के हो जाएंगे, सरमा ने कहा कि भाजपा ने ऐसा कोई नियम नहीं बनाया है. जिसके तहत राजनीतिक नेताओं को 75 वर्ष की आयु पार करने के बाद सेवानिवृत्त होना चाहिए.

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