बिहार के फेमस यूट्यूबर मनीष कश्यप भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए हैं. बीजेपी ज्वाइन करने के बाद मनीष ने कहा कि मुझे मेरी मां यहां लेकर आई है. उन्होंने बताया कि बीजेपी सांसद मनोज तिवारी उन्हें दिल्ली लेकर आए हैं. मनीष ने कहा कि इन लोगों की वजह से ही मैं जेल से बाहर निकल पाया हूं और मेरे जीवन के बुरे दिन खत्म हो पाए.
न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए 'सन ऑफ बिहार' के नाम से मशहूर यूट्यूबर ने कहा कि बिहार को मजबूत करने के लिए मैंने बीजेपी ज्वाइन की है. उन्होंने कहा, "बिहार में जो लालू परिवार ने लूटकर बर्बाद किया, खसोट लिया पूरे बिहार को. इसलिए मैंने बीजेपी ज्वाइन की है. बीजेपी के साथ मिलकर मैं बिहार को मजबूत करूंगा."
बीजेपी सांसद मनोज तिवारी ने मनीष कश्यप को पार्टी में शामिल कराया है. वो मनीष को मां के साथ बिहार से दिल्ली लेकर आए और आज उन्हें बीजेपी की सदस्यता भी दिलाई.
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जेपी में शामिल होने से पहले मनीष कश्यप ने पश्चिमी चंपारण सीट पर चुनाव प्रचार भी शुरू कर दिया था. वह निर्दलीय चुनाव में उतरने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन उससे पहले उन्होंने बड़ा कदम उठाते हुए बीजेपी में शामिल होने का फैसला किया है. इससे पहले वो साल 2020 में वो बिहार की चनपटिया विधानसभा सीट से भी निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ चुके थे. इसमें उनकी हार हुई थी.
कब चर्चा में आए थे मनीष कश्यप?
बेतिया जिले के रहने वाले मनीष कश्यप उस समय चर्चा में आए थे, जब फर्जी वायरल वीडियो मामले में उन्हें पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था. मनीष को करीब नौ महीने जेल में बिताने पड़े थे. इसके अलावा मनीष की पहचान एक सक्सेसफुल यूट्यूबर की है. उनके यूट्यूब पर करीब 8.75 मिलियन सब्सक्राइबर्स हैं. वो बिहार से जुड़े कई सामाजिक मुद्दों पर सालों से वीडियो बनाते रहे हैं.
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क्यों हुई थी मनीष कश्यप की गिरफ्तारी?
दक्षिणी राज्य तमिलनाडु में बिहार के मजदूरों के साथ मारपीट का कथित वीडियो मनीष कश्यप ने अपने आधिकारिक यूट्यूब चैनल से शेयर किया था, जो काफी वायरल हुआ था. यह वीडियो बनाकर वो कानून के जाल में बुरी तरह फंस गए. वीडियो वायरल होने के बाद तमिलनाडु पुलिस ने इसे भ्रामक बताया था. इस मामले में पुलिस ने एफआईआर भी दर्ज की थी. इसके अलावा बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने भी इसी मामले को लेकर मनीष कश्यप के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी.
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करीब 9 महीने जेल में रहे मनीष कश्यप
जब पुलिस ने दबिश दी तो मनीष कश्यप अंडरग्राउंड हो गए. जब बेतिया पुलिस ने मनीष के घर की कुर्की शुरू की तो स्थानीय थाने में सरेंडर कर दिया था. EOU टीम ने केस अपने कब्जे में लेकर मनीष से पूछताछ की और जेल भेज दिया. तमिलनाडु पुलिस की टीम पटना पहुंची और 30 मार्च 2023 को ट्रांजिट रिमांड पर तमिलनाडु पुलिस अपने साथ ले गई थी. हालांकि बाद में उन्हें बिहार की जेल में रखा गया. उसके बाद करीब नौ महीने तक मनीष कश्यप जेल में रहे. अब मनीष ने बीजेपी से अपनी राजनीतिक पारी भी शुरू कर दी है.