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'कफन बांधकर आना...', लोकसभा चुनाव के नतीजों से पहले बोले पप्पू यादव

बिहार की पूर्णिया सीट से उम्मीदवार पप्पू यादव ने मतगणना से पहले चुनौती देते हुए कहा कि अगर लोकतंत्र की हत्या होगी, तो महाभारत का संग्राम होगा. उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील करते हुए कहा कि वो सर पर कफन बांधकर आएं.

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पूर्णिया से निर्दलीय उम्मीदवार पप्पू यादव
पूर्णिया से निर्दलीय उम्मीदवार पप्पू यादव

लोकसभा चुनाव के लिए वोटों की गिनती से पहले बिहार की पूर्णिया सीट से निर्दलीय उम्मीदवार पप्पू यादव ने कहा कि अगर लोकतंत्र की हत्या हुई तो महाभारत का संग्राम होगा. उन्होंने कहा कि बिहार और पूर्णिया में लोकतंत्र बचाने के लिए हर कार्यकर्ता को कल मरने की तैयारी करके आना होगा. 

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पप्पू यादव ने कहा कि लोकतंत्र को बचाने के लिए हमारा एक-एक कार्यकर्ता, बिहार और पूर्णिया में मरने की तैयारी करके आए. हर माथे पर कफन होगा. इंडी गठबंधन के सभी उम्मीदवार और कार्यकर्ता लोकतंत्र को बचाएं. हम पूरा सहयोग करें. उन्होंने कहा कि मतगणना को पारदर्शी रखें वरना मरता क्या न करता. जबरदस्ती लोकतंत्र की हत्या होगी तो महाभारत का संग्राम होगा.

इतना ही नहीं, पप्पू यादव ने चुनाव आयोग के फैसले पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि पोस्टल बैलेट की गिनती पहले क्यों नहीं हो रही है? चुनाव आयोग इसे आखिरी में क्यों करा रहा है. पोस्टल बैलेट की गिनती आखिरी में कराना बेईमानी है. 

उन्होंने कहा कि इंडिया ब्लॉक के सभी उम्मीदवार से अपील है की वो पोस्टल बैलेट की गिनती अपने सामने कराए और दस्तखत करके रखें. 

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पूर्णिया से जीत सकते हैं पप्पू यादव

पूर्णिया सीट पर पप्पू यादव की जीत का अनुमान लगाया जा रहा है. एग्जिट पोल के मुताबिक, पूर्णिया में पप्पू यादव भारी पड़ते नजर आ रहे हैं. एग्जिट पोल में कहा गया कि जिस पार्टी से टिकट लेने के लिए पप्पू यादव ने इतना बवाल खड़ा किया. उस आरजेडी की प्रत्याशी से उनकी टक्कर भी नहीं है. पूर्णिया में पप्पू यादव का मुकाबला जेडीयू के संतोष कुशवाहा से बताया जा रहा है. इसमें भी पूर्णिया में पप्पू यादव के फेवर में महौल बताया जा रहा है.

पांच बार सांसद रह चुके हैं 

पप्पू यादव बिहार के कद्दावर राजनीतिक शख्सियतों में एक हैं. अपने अब तक के सियासी सफर में राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव पांच बार सांसद रहे हैं. पहली बाह वह 1991 में सांसद बनें. उसके बाद 1996, 1999 और 2014 में जीतकर संसद पहुंचे. 2015 में वह बेस्ट परफर्मिंग एमपी भी बनें.

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