बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने अमरोहा में वर्तमान सांसद और कांग्रेस उम्मीदवार कुंवर दानिश अली पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि जिनको हमने और आपने जिताकर संसद भेजा, उसने सांसद बनने के बाद न ही पार्टी और न ही जनता के मान सम्मान का ध्यान रखा.
बीएसपी सुप्रीमो ने आगे कहा कि उन्होंने अमरोहा क्षेत्र की जनता के साथ विश्वासघात किया. उन्होंने कहा कि हमने सिटिंग सांसद को टिकट नहीं दिया, लेकिन मुस्लिम समाज को उसकी सजा नहीं दी.
मायावती ने कहा, "हमने टिकट बंटवारे के मामले में भी सर्वसमाज के लोगों को उचित भागेदारी दी है, जिनको कामयाब बनाने के लिए पूरी पार्टी के लिए लोग जी जान से लगे हुए हैं. आप लोगों को मालूम है कि ये सीट बीएसपी ने जीती थी, लेकिन जिनको हमने या आप लोगों ने जिताकर भेजा, उस व्यक्ति ने सांसद बनने के बाद न तो पार्टी के मान सम्मान रखा और न ही इस क्षेत्र की जनता का मान सम्मान का ध्यान रखा. उन्होंने इस क्षेत्र के विकास और उत्थान के लिए कोई कदम उठाया."
हमने मुस्लिम समाज को इसकी सजा नहीं दी...मायावती
बीएसपी मुखिया ने आरोप लगाया कि कुंवर दानिश अली ने यहां की जनता के साथ और पार्टी के साथ विश्वासघात किया है. उन्होंने कहा, "इसलिए हमने मजबूरी में उनकी जगह दूसरे शख्स को इस बार टिकट दिया है, लेकिन हमारी पार्टी ने जब बीएसपी के सिटिंग एमपी ने विश्वासघात किया तो हमने उनको टिकट तो नहीं दिया, लेकिन यहां के मुस्लिम समाज के लोग हैं, हमने उनके साथ विश्वासघात नहीं किया. मुस्लिम समाज के एक व्यक्ति ने तो हमारे साथ विश्वासघात किया, लेकिन हमने मुस्लिम समाज को इसकी सजा नहीं दी है. उनके स्थान पर इस बार चौधरी मुजाहिद हुसैन को ही टिकट दिया है."
इस बार कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़ रहे दानिश अली
बता दें कि पिछले लोकसभा चुनाव में जब सपा-बसपा का गठबंधन हुआ था तो इस सीट पर बीएसपी के उम्मीदवार कुंवर दानिश अली ने जीत हासिल की थी. जब दानिश अली पर संसद में बीजेपी सांसद रमेश बिधूड़ी की ओर से अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया तो कांग्रेस पार्टी उनके साथ खड़ी हो गई. कांग्रेस के साथ नजदीकियों के आरोप में उन्हें बीएसपी ने पार्टी से निकाल दिया, जिसके बाद वो कांग्रेस में शामिल हो गए और इस बार इंडिया गठबंधन की ओर से अमरोहा से चुनाव लड़ रहे हैं.