लोकसभा चुनाव 2024 की तारीखों का ऐलान हो चुका है. मध्य प्रदेश की 29 सीटों के लिए चार चरणों में वोट डाले जाएंगे. सूबे की हॉट सीट छिंदवाड़ा संसदीय क्षेत्र में 19 अप्रैल को मतदान होगा. इस पहले फेज में प्रदेश की 6 सीटों पर वोटिंग होनी है. चुनाव आयोग की ओर से घोषित कार्यक्रम के अनुसार पहले फेज के लिए नोटिफिकेशन 20 मार्च को जारी होगा. 27 मार्च तक नामांकन दाखिल किया जा सकता है. 28 मार्च को नामांकन पत्र की जांच होगी. 30 मार्च तक पर्चा वापस लिया जा सकता है. वहीं, 19 अप्रैल को वोटिंग होगी और 4 जून को नतीजों का ऐलान हो जाएगा.
लोकसभा चुनाव सात चरणों में होंगे. पहला चरण 19 अप्रैल, दूसरा 26 अप्रैल, तीसरा 7 मई, चौथा 13 मई, पांचवां 20 मई, छठवां 25 मई और आखिरी सातवां चरण 1 जून को संपन्ना होगा. वोटों की गिनती 4 जून को होगी.
मध्य प्रदेश की सियासत में छिंदवाड़ा सीट हॉट सीट बनी हुई है. प्रदेश में मिशन 29 लेकर चल रही केंद्र और राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी बीजेपी कांग्रेस की झोली में पड़ी इस इकलौती सीट को छीनना चाहती है. यहां से कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के बेटे नकुलनाथ सांसद हैं.
2019 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के नकुलनाथ के सामने बीजेपी ने नत्थन शाह को चुनावी मैदान में उतारा था. लेकिन BJP उम्मीदवार को 37 हजार वोटों से हार का मुह देखना पड़ा था. सिर्फ 1997 का चुनाव छोड़ दिया जाए तो 1980 से यह सीट कमलनाथ और उनके परिवार के पास है.
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उधर, बीजेपी मध्य प्रदेश की छिंदवाड़ा लोकसभा सीट को जीतने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रही है. सूबे की 29 लोकसभा सीटों में से बीजेपी के पास 28 सीटें हैं जबकि इकलौती छिंदवाड़ा सीट पर कमलनाथ का कब्जा बरकरार है. अब पार्टी का केंद्रीय और प्रदेश नेतृत्व हर हाल में सीट जीतना चाहता है. प्रदेश के मौजूदा मुख्यमंत्री मोहन यादव और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान छिंदवाड़ा के लगातार दौरे कर अपना लक्ष्य बता चुके हैं.
BJP ने नकुलनाथ के सामने इस बार विवेक बंटी साहू को उतारा है. बंटी साहू 2019 के विधानसभा उप चुनाव में तत्कालीन मुख्यमंत्री कमलनाथ से 25 हजार वोटों से पराजित हो चुके हैं. इसके बाद फिर 2023 के विधानसभा चुनाव में बंटी को कमलनाथ के सामने उतारा गया. लेकिन बीजेपी प्रत्याशी को करीब 37 हजार वोटों से हार का सामना करना पड़ा था.
बता दें कि पिछले दिनों कांग्रेस नेता कमलनाथ के भविष्य के कदम को लेकर काफी अटकलें थीं. हालांकि उनके सहयोगियों और दिग्विजय सिंह जैसे पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने कई बार आश्वासन दिया कि कमलनाथ की BJP में शामिल होने की कोई योजना नहीं है. मंगलवार को कमलनाथ ने भी कहा कि उनके BJP में जाने की अटकलें मीडिया की उपज थी, क्योंकि उन्होंने कभी ऐसा बयान नहीं दिया.