भारतीय जनता पार्टी ने आगामी आम चुनाव की तैयारियों को जमीन पर उतारना शुरू कर दिया है. बीजेपी ने 2019 के लोकसभा चुनाव की तुलना में 2024 में ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ेगी. इसके साथ ही आचार संहिता लगने से पहले बीजेपी अपने उम्मीदवारों के नामों का ऐलान करेगी. संभव है कि जनवरी के अंतिम सप्ताह या फरवरी के पहले हफ्ते में उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए जाएंगे.
सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी अपनी पहली सूची में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृह मंत्री अमित शाह के नामों की घोषणा करेगी. 2019 के लोकसभा चुनाव में भी बीजेपी ने अपनी पहली सूची में पीएम मोदी, अमित शाह और राजनाथ सिंह की सीटों के नामों का ऐलान किया था. बीजेपी इस बार 70 वर्ष से ज्यादा उम्र और तीन बार से अधिक बार जीते लोकसभा सांसदों को टिकट ना देने का मन बना रही है. पार्टी की कोशिश है कि नए चेहरों पर दांव लगाया जाए.
'पहली सूची में 164 सीटों के उम्मीदवारों के नाम होंगे'
बीजेपी की पहली सूची में उन 164 सीटों के उम्मीदवारों के नाम भी होंगे, जिन्हें पार्टी अब तक नहीं जीती या 2019 में जीत का मार्जिन बेहद कम रहा है. बता दें कि बीजेपी पिछले दो साल से ऐसी सीटों पर लगातार मेहनत कर रही है और संगठन को मजबूत करने में लगी है. लोकसभा की कुल 543 सीटें हैं और 2019 के चुनाव में बीजेपी ने 436 सीटों पर चुनाव लड़ा था. उसे 303 सीटों पर जीत मिली थी. 133 सीटों पर बीजेपी चुनाव हार गई थी.
'हारी या कम मार्जिन वाली सीटों पर बीजेपी का फोकस'
इसके साथ ही 31 अन्य सीटें हैं, जहां पार्टी कमजोर है. इन 164 सीटों का क्लस्टर बनाकर केंद्रीय मंत्रियों और बड़े नेताओं को जिम्मेदारी दी गई थी, जिनमें गृह मंत्री अमित शाह का नाम भी शामिल है. बीजेपी ने इन सीटों को सी और डी कैटेगरी में बांटा है और 80-80 सीटों की दो श्रेणियां बनाई हैं. 45 मंत्रियों को इन सीटों की जिम्मेदारी दी गई है. हर मंत्री के जिम्मे दो से तीन सीटें हैं.
'इस बार सबसे ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी'
सूत्र कहते हैं कि इस बार बीजेपी पिछले लोकसभा चुनाव की तुलना में ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ सकती है. क्योंकि पिछली बार की तुलना में इस बार उसके सहयोगी दलों की संख्या कम हो गई है. 2019 में बीजेपी का पंजाब में शिरोमणि अकाली दल, बिहार में जेडीयू, महाराष्ट्र में शिवसेना (अब उद्धव गुट), तमिलनाडु में एआईएडीएमके और राजस्थान में हनुमान बेनीवाल की पार्टी आरएलपी के साथ अलायंस था.
'यूपी में 14 सीटों पर खुद को कमजोर मानती है बीजेपी'
बीजेपी ने पंजाब की 13 में से तीन, महाराष्ट्र की 48 में से 25 और बिहार की 40 में से 17 सीटों पर चुनाव लड़ा था. वहीं, तमिलनाडु में एआईएडीएमके ने बीजेपी को पांच सीटें दी थीं. इस बार इन राज्यों में बीजेपी अधिक सीटों पर चुनाव लड़ेगी. बीजेपी ने उत्तर प्रदेश में ऐसी 14 सीटों की सूची तैयार की है जहां वो खुद को कमजोर पाती है.
'यूपी में इन सीटों पर पूरा फोकस'
पार्टी 2019 में उत्तर प्रदेश में 16 सीटों पर हारी थी, लेकिन दो सीटें उसने उपचुनाव में जीत लीं. रायबरेली, मैनपुरी, बिजनौर, सहारनपुर, संभल, मुरादाबाद, गाजीपुर, जौनपुर, रामपुर, आजमगढ, नगीना, अमरोहा, अंबेडकरनगर, श्रावस्ती, घोसी, लालगंज सीट पर उम्मीदवारों के नाम पहली सूची में होंगे.
'सपा और राजद-जदयू को गढ़ में घेरने का प्लान'
इनमें कुछ सीटें सपा की गढ़ मानी जाती हैं और बीजेपी की कोशिश है कि इस बार इन सीटों को जीता जाए. इसी तरह बिहार में नवादा, सुपौल, किशनगंज, कटिहार, मुंगेर, गया, सुपौल सीट के उम्मीदवार सबसे पहली घोषित होंगे.
'छिंदवाड़ा में गिरिराज संभालेंगे मोर्चा'
मध्य प्रदेश में छिंदवाड़ा सीट बेहद कमजोर श्रेणी में आती है. यह पूर्व सीएम और कांग्रेस नेता कमलनाथ का गढ़ है. विधानसभा चुनाव में भी बीजेपी को यहां फिर झटका लगा है, इसकी जिम्मेदारी गिरिराज सिंह को दी गई है. केरल में त्रिशूर, त्तनमतिट्टा तिरुवनंतपुरम सीटें हैं. त्रिशूर से बीजेपी सुरेश गोपी को टिकट दे सकती है. महाराष्ट्र से बारामती, बुलढाना, औरंगाबाद, पंजाब में अमृतसर, आनंदपुर साहिब, बठिंडा, गुरदासपुर सीट का नाम शामिल है.
'50 प्रतिशत वोट हासिल करने का टारगेट'
गठबंधन में चर्चा के चलते पंजाब, महाराष्ट्र और बिहार की कुछ सीटें इधर -उधर हो सकती हैं. गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2024 लोकसभा चुनाव में 50 प्रतिशत से ज्यादा वोट पाने का लक्ष्य दे चुके हैं.