लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने उम्मीदवारों की चौथी सूची जारी कर दी है. इनमें से 12 नाम एमपी से हैं. राजगढ़ से दिग्विजय सिंह को टिकट दिया गया है, तो वहीं पूर्व केंद्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया को रतलाम सीट से प्रत्याशी बनाया गया है. इसके साथ ही एमपी में अब कांग्रेस ने कुल 22 सीट पर उम्मीदवार उतार दिए हैं. गुना और विदिशा समेत 6 लोकसभा सीट फिलहाल होल्ड पर हैं.
एमपी से किसे मिला टिकट:
राजगढ़ से दिग्विजय सिंह को टिकट
कांग्रेस ने राजगढ़ से दिग्विजय सिंह को उम्मीदवार बनाया है. यह उनकी परंपरागत सीट है. दिग्विजय सिंह 2 बार राजगढ़ से लोकसभा सांसद रह चुके हैं. राजगढ़ से दिग्विजय सिंह 1984 और 1991 में लोकसभा सांसद चुने जा चुके हैं. साल 1993 में दिग्विजय सिंह जब मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री बन गए तो फिर 1994 में इस सीट पर उपचुनाव हुआ और दिग्विजय के छोटे भाई लक्ष्मण सिंह यहां से सांसद बने.
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हालांकि, बाद में उन्होंने बीजेपी की सदस्यता ली और 2004 का लोकसभा चुनाव जीता लेकिन 2009 के लोकसभा चुनाव में उन्हें कांग्रेस प्रत्याशी नारायण सिंह से हार का मुंह देखना पड़ा. नारायण सिंह को दिग्विजय सिंह का करीबी माना जाता है. साल 2014 और 2019 में बीजेपी के रोडमल नागर ने यहां से लगातार दो बार जीत दर्ज की है और इस बार भी बीजेपी ने उन्हें उम्मीदवार घोषित किया है. दिग्विजय सिंह का नाम घोषित होने के बाद राजगढ़ सीट पर मुकाबला रोमांचक होने के आसार है.
रतलाम से कांतिलाल भूरिया
रतलाम-झाबुआ संसदीय सीट से कांग्रेस ने कांतिलाल भूरिया को प्रत्याशी घोषित किया है. भूरिया पहले भी इस सीट से पांच बार सांसद रह चुके हैं और पूर्व केंद्रीय मंत्री भी रहे हैं. भूरिया एक बड़ा आदिवासी चेहरा हैं. वैसे भी रतलाम संसदीय सीट कांग्रेस का गढ़ मानी जाती है लेकिन मोदी लहर में 2014 और 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी उम्मीदवारों ने यहां स जीत दर्ज की है. अब भूरिया को प्रत्याशी बनाकर कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि बीजेपी के विजयी रथ को रोकने के लिए उसके दिग्गज नेता भी मैदान में रहेंगे.
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