पाटीदार आंदोलन से नेता बनकर उभरे धार्मिक मालविया और अल्पेश कथीरिया आज भाजपा में शामिल हो गए. सूरत के वराछा में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सीआर पाटिल की मौजूदगी में वे पार्टी में शामिल हुए. भाजपा अध्यक्ष सीआर पाटिल ने दोनों का स्वागत किया. पिछले सप्ताह ही दोनों ने आम आदमी पार्टी यानी आप से इस्तीफा दिया था.
बताते चलें कि दोनों नेता हार्दिक पटेल के करीबी रहे हैं. हार्दिक अब भाजपा से विधायक हैं. विधानसभा चुनाव में दोनों ने आप (AAP) के टिकट पर चुनाव लड़ा था. धार्मिक मालवीया ने सूरत की ओलपाड और अल्पेश कथीरिया सूरत की वराछा विधानसभा से चुनाव लड़ा था. हालांकि, दोनों ही नेता चुनाव हार गए थे.
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सूरत नगर निगम में जितवाए थे 27 पार्षद
बताया जाता है कि सूरत नगर निगम में आप के 27 पार्षद जीते थे, जिसमें इन दोनों की अहम भूमिका थी. आप छोड़ते समय दोनों नेताओं ने यही कहा कि वह आम आदमी पार्टी को सामाजिक जवाबदारी और व्यक्तिगत कारण की वजह से समय नहीं दे पा रहे थे. लिहाजा, उन्होंने इस्तीफा दे दिए है.
जब इन दोनों नेताओं से 'आजतक' ने सवाल किया कि वो भाजपा में कब शामिल होने वाले हैं, तो उन्होंने साफ तौर पर स्पष्ट किया कि फिलहाल भाजपा में जुड़ने की कोई बातचीत नहीं है. यदि भविष्य में वो भाजपा में शामिल होंगे, तो इस बात की जानकारी देंगे.
2015 में शुरू हुआ था पाटीदार आंदोलन
गुजरात के रहने वाले पाटीदार समाज को आरक्षण दिलाने के लिए पाटीदार समाज के युवाओं ने साल 2015 में आंदोलन शुरू किया था. पाटीदार आरक्षण आंदोलन समिति के नाम से आरक्षण दिलाने के लिए संगठन बना था. इस संगठन की अगुवाई हार्दिक पटेल कर रहे थे.
गुजरात के पाटीदार समाज को आरक्षण तो नहीं मिला, लेकिन इस आंदोलन ने कई नेताओं को जन्म जरूर दे दिया. इसमें से हार्दिक पटेल भी शामिल हैं. वह कांग्रेस के स्टार प्रचारक भी रहे हैं और कई राज्यों में हार्दिक पटेल ने कांग्रेस का माहौल बनाने की कोशिश भी की थी. मगर, वह सफल नहीं हो पाए थे.
इसके बाद हार्दिक पटेल ने भाजपा का दामन थाम लिया था और वर्तमान में वह गुजरात की वीरमगाम सीट से भाजपा विधायक हैं. पाटीदार आरक्षण आंदोलन से जुड़े 10 बड़े चेहरे अब भाजपा में शामिल हो चुके हैं, जबकि 5 चेहरे कांग्रेस में और 3 चेहरे आप में शामिल हैं.