निर्वाचन आयोग ने कांग्रेस नेता जयराम रमेश को पत्र भेजकर उनके एक बयान पर स्पष्टीकरण मांगा है, जिसमें उन्होंने दावा करते हुए कहा कि निवर्तमान गृह मंत्री 150 कलेक्टर (डीएम) से फोन पर बात करते हैं.
आयोग ने रमेश को नोटिस भेजकर कहा है कि आप अपनी बातों का प्रमाण सहित उत्तर हमारे पास भेजें, क्योंकि चुनाव की घोषणा के साथ ही आदर्श आचार संहिता लागू हो जाती है और स्वतंत्र व निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए देश का सारा प्रशासन आयोग के पास आ जाता है. जिलाधिकारी और जिले के अन्य बड़े अधिकारी रिटर्निंग ऑफिसर के तौर पर आयोग के निर्देशन में काम करते हैं. अत: आपको ये बताना होगा कि आपकी इस जानकारी और इस सार्वजनिक पोस्ट का आधार क्या है!.
शाम 7 बजे तक देना होगा जवाब
आयोग ने जयराम रमेश को लिखा है कि आप एक राष्ट्रीय पार्टी के काफी वरिष्ठ और अनुभवी नेता हैं. आप सभी तथ्यों के साथ दो जून शाम सात बजे तक अपना जवाब आयोग के पास भेज दें, ताकि समुचित कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके.
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दरअसर, एक जून को जयराम रमेश ने एक्स पर पोस्ट किया कि जाती हुई सरकार इतनी परेशान है कि मतगणना से पहले सरकार के गृह मंत्री फोन से सभी जिलों के जिलाधिकारियों और कलेक्टर से संपर्क कर रहे हैं. प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और बीजेपी चुनाव में जनता के निर्णय से आशंकित हैं. मतगणना में बीजेपी, पीएम और गृह मंत्री हारेंगे और सत्ता से बाहर जाएंगे जबकि 'इंडिया' ब्लॉक की जीत होगी. इसलिए जिलाधिकारी और अन्य अधिकारी उनके दबाव में न आएं. वो सबकी निगाह में हैं, सबकी नजरें उन पर हैं.