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लोकसभा चुनाव से पहले नेताओं का एक पार्टी छोड़कर दूसरी पार्टी में शामिल होने का सिलसिला लगातार जारी है. हाल के दिनों में हुई इस तरह की घटनाओं पर नजर डालें तो सबसे ज्यादा झटके कांग्रेस को लगे हैं. देश की सबसे पुरानी पार्टी के नेताओं का अपने दल से मोहभंग हो रहा है. गौरव वल्लभ, विजेंदर सिंह, नवीन जिंदल, परनीत कौर... ऐसे कई नाम हैं, जिन्होंने हाल ही में कांग्रेस का 'हाथ' छोड़ दिया है. इसी तरह आम आदमी पार्टी, तेलंगाना की बीआरएस, बसपा, झामुमो, टीएमसी, टीडीपी के नेताओं ने भी अपनी पार्टी से किनारा कर लिया है और भाजपा के साथ कदमताल शुरू कर दी है.
हाल ही में कांग्रेस के 16 नेताओं ने पार्टी से इस्तीफा देकर बीजेपी जॉइन कर ली. इसके अलावाल बीआरएस के 8 नेता, आम आदमी पार्टी और युवजन श्रमिक रायथू कांग्रेस पार्टी से 2-2 और बीजू जनता दल, बहुजन समाज पार्टी, झारखंड मुक्ति मोर्चा, तेलुगु देशम पार्टी, तृणमूल कांग्रेस से एक-एक नेता ने बीजेपी का दामन थाम लिया है. इसके साथ ही एक निर्दलीय नेता ने भी हाल ही में बीजेपी को जॉइन कर लिया था.
आगामी लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने 370 सीटें जीतने का टारगेट सेट कर दिया है. इसे पूरा करने के लिए बीजेपी ने कई ऐसे नेताओं को भी टिकट दिया है जो दूसरी पार्टियों से आए हैं. चुनाव से पहले दूसरी पार्टियों से 34 उम्मीदवार बीजेपी में शामिल हो गए हैं.
सबसे पहले बात गौरव वल्लभ की करें तो उन्होंने कांग्रेस को दिशाहीन बताया और कहा कि वह सनातन विरोधी नारे नहीं लगा सकते. उन्होंने कहा कि 1991 के उदारीकरण, निजीकरण और वैश्वीकरण नीतियों के निर्माता होने के बावजूद कांग्रेस का रुख हमेशा वेल्थ क्रिएट करने वालों का अपमान करने का रहा है, जिसने भारतीय आर्थिक परिदृश्य को बदल दिया. इसके बाद में वह बीजेपी में शामिल हो गए. भाजपा में शामिल होने वाले नेताओं में अशोक तंवर, भर्तृहरि महताब, बीबी पाटिल, किरण कुमार रेड्डी, परनीत कौर, नवीन जिंदल, जितिन प्रसाद, अनिल के एंटनी, रणजीत सिंह चौटाला, विजेंदर सिंह और सौमेंदु अधिकारी शामिल हैं.
बीजेपी की नाव पर सवार हुए दूसरी पार्टी के ये नेता
- अशोक तंवर आम आदमी पार्टी छोड़कर हरियाणा के सिरसा से भाजपा के टिकट पर चुनावी ताल ठोक रहे हैं. वह अतीत में हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष और भारतीय युवा कांग्रेस के अध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रहे हैं.
-बीजेडी में भर्तृहरि महताब लगातार 6 बार सांसद रहे. मशहूर कारोबारी नवीन जिंदल भी पाला बदल कर कांग्रेस से बीजेपी में चले गए. 2004 और 2009 के लोकसभा चुनाव में वह कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़े और सांसद चुने गए थे.
- पूर्व रक्षा मंत्री एके एंटनी के बेटे अनिल के एंटनी भी कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हो गए हैं. उन्होंने 2019 में अपना राजनीतिक करियर शुरू किया और केरल में कांग्रेस डिजिटल मीडिया सेल के संयोजक थे.
- पार्टी बदलने के क्रम में एक बड़ा नाम सौमेंदु अधिकारी का है. वह तमलुक लोकसभा सीट से पूर्व टीएमसी सांसद हैं. वह सुवेंदु अधिकारी के भाई हैं, जिन्होंने 2021 में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम सीट पर ममता बनर्जी को हराया था.
- बीजेपी ने 2019 के लोकसभा चुनाव में 437 उम्मीदवार उतारे थे, जिनमें से 23 दलबदलू उम्मीदवार थे. उनमें से 13 ने जीत हासिल की थी. इनमें से 8 यूपी से, तीन पश्चिम बंगाल से और एक-एक महाराष्ट्र और हरियाणा से चुनाव जीते थे.